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Stock Market: ट्रेड डील से US टैरिफ हटने की उम्मीद तक, शेयर बाजार में इन 6 वजहों से दिखी रिकवरी

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड January 27, 2026, 12:40 IST

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सारांश

Stock Market: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच होने वाली फ्री ट्रेड डील से निवेशकों में उत्साह आया। लोगों को उम्मीद है कि इससे भारत का एक्सपोर्ट बढ़ेगा, भारतीय कंपनियों को यूरोप में बेहतर मार्केट मिलेगा और दोनों के रिश्ते लंबे समय में मजबूत होंगे।

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Stock Market: निवेशकों को उम्मीद जगी कि अमेरिका भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25% टैरिफ हटा सकता है।

Stock Market: आज भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुरुआती कारोबार में Sensex-Nifty में गिरावट देखी गई। हालांकि इसने बाद में मजबूत वापसी की। रिपोर्ट लिखे जाने के समय Sensex में 128.05 अंकों की तेजी थी और यह 81,650.32 के स्तर पर ट्रडे कर रहा था। हालांकि एक समय पर यह 81,088.59 के स्तर तक टूट गया था। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 54.70 अंक बढ़कर 25,100.35 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। इसमें भी इंट्राडे में 24,932.55 के लेवल तक गिरावट देखी गई। यहां हमने बाजार में रिकवरी के 6 बड़े कारण बताए हैं।
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भारत–यूरोप ट्रेड डील की उम्मीद

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच होने वाली फ्री ट्रेड डील से निवेशकों में उत्साह आया। लोगों को उम्मीद है कि इससे भारत का एक्सपोर्ट बढ़ेगा, भारतीय कंपनियों को यूरोप में बेहतर मार्केट मिलेगा और दोनों के रिश्ते लंबे समय में मजबूत होंगे। हालांकि Geojit Investments के चीफ स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा कि यह समझौता 2027 से लागू होगा, इसलिए अभी यह खबर भावनात्मक तौर पर अच्छी है, लेकिन तुरंत बड़ी बाजार रैली का कारण नहीं बनेगी।

रुपया मजबूत हुआ

रिकॉर्ड निचले स्तर से रुपया थोड़ा सुधरा, जिससे शेयर बाजार को सहारा मिला। मंगलवार सुबह रुपया 10 पैसे मजबूत होकर 91.80 प्रति डॉलर पर आ गया। इससे पहले शुक्रवार को रुपया इतिहास में पहली बार 92 प्रति डॉलर तक गिर गया था।

ग्लोबल बाजारों से सपोर्ट

एशिया के बड़े बाजार जैसे जापान का Nikkei, साउथ कोरिया का Kospi, चीन का Shanghai Composite और हांगकांग का Hang Seng सभी हरे निशान में थे। अमेरिका के बाजार भी सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए। इससे भारतीय बाजार को भी ताकत मिली।

कच्चा तेल सस्ता हुआ

ब्रेंट क्रूड 0.72% गिरकर 65.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। सस्ता तेल भारत के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे महंगाई कम होती है और ट्रेड बैलेंस सुधरता है।

अमेरिका के टैरिफ घटने की उम्मीद

निवेशकों को उम्मीद जगी कि अमेरिका भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25% टैरिफ हटा सकता है। US Treasury Secretary Scott Bessent ने Davos में कहा कि भारत द्वारा रूस से तेल खरीद कम करने के बाद ये टैरिफ हटाए जा सकते हैं।

RBI की लिक्विडिटी सपोर्ट

RBI ने शुक्रवार को बैंकिंग सिस्टम में करीब 23 अरब डॉलर डालने के उपाय घोषित किए- जैसे बॉन्ड खरीद, फॉरेक्स स्वैप और रेपो। ज्यादा पैसा सिस्टम में आने से लोन ग्रोथ और शेयर बाजार दोनों को फायदा मिलता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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