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5 min read | अपडेटेड January 30, 2026, 14:45 IST
सारांश
दिग्गज बैटरी कंपनी एक्साइड इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के कंसोलिडेटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 23 फीसदी बढ़कर 194.97 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू भी बढ़कर 4,200.59 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

एक्साइड इंडस्ट्रीज ने तीसरी तिमाही में मुनाफे में अच्छी ग्रोथ दर्ज की है।
बैटरी बनाने वाली देश की दिग्गज कंपनी एक्साइड इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए अपने तिमाही नतीजे घोषित कर दिए हैं। इन नतीजों ने बाजार के जानकारों और निवेशकों को काफी प्रभावित किया है क्योंकि कंपनी ने मुनाफे और रेवेन्यू दोनों ही मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन किया है। एक्साइड इंडस्ट्रीज द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 23 फीसदी बढ़ा है। इस तिमाही में कंपनी ने 194.97 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल की इसी समान अवधि में 158.44 करोड़ रुपये रहा था। मुनाफे में आई यह बड़ी उछाल कंपनी की बेहतर प्रबंधन क्षमता और बाजार में इसकी मजबूत पकड़ को साबित करती है। कंपनी के मुनाफे में हुई इस बढ़ोतरी ने निवेशकों के बीच उत्साह भर दिया है और आने वाले दिनों में इसका सकारात्मक असर बाजार में देखा जा सकता है।
ऑपरेशंस से होने वाले रेवेन्यू की बात करें तो कंपनी ने इसमें भी अच्छी बढ़त दर्ज की है। इस तिमाही में रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 4,200.59 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 4,016.72 करोड़ रुपये था। कंपनी की टोटल इनकम भी बढ़कर 4,215.98 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 4,029.41 करोड़ रुपये के स्तर पर था। आय में हुई यह निरंतर वृद्धि यह बताती है कि कंपनी के उत्पादों की मांग बाजार में लगातार बनी हुई है और ग्राहकों का भरोसा एक्साइड ब्रांड पर अटूट है।
आय बढ़ने के साथ ही कंपनी के कुल खर्चों में भी कुछ बढ़ोतरी देखी गई है। इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 3,922.81 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, जो पिछले साल की दिसंबर तिमाही में 3,791.49 करोड़ रुपये रहा था। इसमें कच्चे माल की लागत सबसे बड़ा हिस्सा रही है जो 2,951.71 करोड़ रुपये रही है। हालांकि, कंपनी ने खर्चों के बावजूद अपने टैक्स पूर्व मुनाफे को मजबूत बनाए रखा है। एक्सेप्शनल आइटम के रूप में कंपनी ने 10.38 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है, जिससे शुद्ध मुनाफे के आंकड़ों पर मामूली असर पड़ा है।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का असर इसकी प्रति शेयर कमाई यानी ईपीएस (EPS) पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही में कंपनी का बेसिक और डाइल्यूटेड ईपीएस बढ़कर 2.29 रुपये हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 1.84 रुपये पर था। ईपीएस में आया यह सुधार निवेशकों के लिए सीधे तौर पर फायदेमंद है क्योंकि यह प्रति शेयर होने वाली कमाई की मजबूती को दिखाता है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अविक कुमार राय ने नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दूसरी तिमाही की सुस्ती के बाद तीसरी तिमाही में रेवेन्यू में अच्छी रिकवरी हुई है। जीएसटी 2.0 के लागू होने से ऑटोमोटिव सेक्टर को काफी बढ़ावा मिला जिसका फायदा एक्साइड को मिला है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी है कि चांदी, तांबा और टिन जैसी धातुओं की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब हैं, जिससे लागत का दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा रुपये की गिरावट भी लागत पक्ष के लिए चुनौती बनी हुई है। कंपनी ने लेबर कोड के बदलावों के कारण 9.04 करोड़ रुपये का एकमुश्त खर्च भी दिखाया है। कंपनी का फोकस अब बेहतर सेल्स मिक्स और मैन्युफैक्चरिंग में ऑटोमेशन के जरिए कुशलता बढ़ाने पर है।
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए एक्साइड ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'एक्साड एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड' (EESL) में 1,400 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश एक या एक से अधिक किश्तों में किया जाएगा। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य बेंगलुरु में स्थापित की जा रही 12 गीगावाट ऑवर (GWh) की लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के काम को गति देना है। कंपनी अब तक इस प्रोजेक्ट में कुल 4,252.23 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश कर चुकी है। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट का काम पूरे जोर-शोर से चल रहा है और सिलिंड्रिकल सेल लाइन के लिए ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं।
इस तिमाही में एक्साइड की सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग का रहा है। कंपनी के मुताबिक, ऑटो ओईएम (OEM) बिजनेस में 25 फीसदी से ज्यादा की जबरदस्त ग्रोथ देखी गई है, जो इस वर्टिकल का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू है। इसके अलावा टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर के रिप्लेसमेंट मार्केट में भी कंपनी ने दहाई अंकों की बढ़त हासिल की है। टेलीकॉम को छोड़कर घरेलू बिजनेस में कुल 10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में टैरिफ से जुड़ी चुनौतियों के कारण एक्सपोर्ट बिजनेस पर थोड़ा दबाव देखा गया है और इसमें गिरावट आई है।
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