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Divis Lab Q3 Results: कमाई बढ़ी लेकिन मुनाफे पर लगा 'लेबर कोड' का झटका, ये रही डीटेल

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड February 11, 2026, 13:28 IST

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सारांश

डिवीज लैबोरेटरीज ने दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड कुल आय बढ़कर 2692 करोड़ रुपये हो गई है। हालांकि, नए लेबर कोड के असर के कारण मुनाफे में हल्की गिरावट देखी गई और यह 583 करोड़ रुपये रहा। कंपनी को फॉरेक्स गेन का भी फायदा मिला है।

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डिवीज लैबोरेटरीज ने जारी किए दिसंबर तिमाही के नतीजे।

Divis Lab Q3 Results: दिग्गज फार्मा कंपनी डिवीज लैबोरेटरीज ने 11 फरवरी को अपनी तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड आंकड़े पेश किए हैं। इन नतीजों में कंपनी की कमाई में तो बढ़त देखने को मिली है, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर थोड़ा दबाव नजर आया है। कंपनी ने बताया है कि नए नियमों के चलते उनपर कुछ अतिरिक्त बोझ पड़ा है, जिसका असर बैलेंस शीट पर दिख रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा है।
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कमाई में हुई शानदार बढ़ोतरी

कंपनी की कंसोलिडेटेड कुल आय यानी टोटल इनकम पर नजर डालें तो इसमें अच्छी तेजी आई है। 31 दिसंबर 2025 को खत्म तिमाही में डिवीज लैब की कुल आय 2692 करोड़ रुपये रही है। अगर इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से करें, तो तब कंपनी ने 2401 करोड़ रुपये की कमाई की थी। यानी साल-दर-साल आधार पर कंपनी की आमदनी में सुधार हुआ है। फार्मा सेक्टर में चल रही हलचल के बीच कंपनी अपनी सेल्स को बढ़ाने में कामयाब रही है।

मुनाफे पर पड़ा लेबर कोड का असर

अब बात करते हैं कंपनी के मुनाफे की। इस बार कंपनी का टैक्स चुकाने के बाद वाला मुनाफा यानी नेट प्रॉफिट 583 करोड़ रुपये रहा है। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 589 करोड़ रुपये था। यहां मुनाफे में जो हल्की गिरावट दिख रही है, उसके पीछे एक बड़ी वजह है। दरअसल, कंपनी ने इस तिमाही में 'एक्सेप्शनल आइटम' के तौर पर 74 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया है। यह खर्च नए लेबर कोड्स के लागू होने की वजह से आया है। अगर प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) देखें तो यह 780 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 726 करोड़ रुपये था। मतलब अगर यह एक्स्ट्रा खर्च नहीं होता, तो मुनाफा और बेहतर दिख सकता था।

सिर्फ एक तिमाही ही नहीं, अगर पूरे 9 महीने का हिसाब देखें तो स्थिति मजबूत नजर आती है। 31 दिसंबर 2025 तक के 9 महीनों में कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड आय 8081 करोड़ रुपये हो गई है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 7041 करोड़ रुपये थी। वहीं, इन 9 महीनों का नेट प्रॉफिट बढ़कर 1817 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल इसी दौरान 1529 करोड़ रुपये था। यह दिखाता है कि लंबी अवधि में कंपनी ने अपनी ग्रोथ को बनाए रखा है।

19 करोड़ रुपये का हुआ फॉरेक्स गेन

फार्मा कंपनियों के लिए विदेशी मुद्रा यानी फॉरेक्स का उतार-चढ़ाव काफी मायने रखता है। डिवीज लैबोरेटरीज को इस तिमाही में फॉरेक्स गेन का फायदा मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस तिमाही में कंपनी को 19 करोड़ रुपये का फॉरेक्स गेन हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह सिर्फ 10 करोड़ रुपये था। वहीं, पूरे 9 महीने की बात करें तो कंपनी को फॉरेक्स से 121 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है, जो पिछले साल इसी दौरान 38 करोड़ रुपये था।

लेबर कोड का क्या है मामला?

कंपनी ने अपने नतीजों में बताया है कि भारत सरकार ने चार नए लेबर कोड्स को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके तहत मजदूरी यानी वेजेज की परिभाषा में बदलाव हुआ है। कंपनी ने अपनी जानकारी के हिसाब से आकलन किया और पाया कि इससे कर्मचारी लाभ खर्च में करीब 74 करोड़ रुपये का इजाफा होगा। इसी रकम को कंपनी ने इस तिमाही के नतीजों में एक्सेप्शनल आइटम के तौर पर दिखाया है। कंपनी का कहना है कि वह आगे भी सरकार के नियमों और स्पष्टीकरण पर नजर बनाए रखेगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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