मार्केट न्यूज़
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3 min read | अपडेटेड December 10, 2025, 10:37 IST
सारांश
Corona Remedies Wakefit IPO: शेयर बाजार में दो आईपीओ आज यानी 10 दिसंबर को बंद हो रहे हैं। फार्मा कंपनी कोरोना रेमेडीज पर अमीर निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है, जबकि गद्दे बेचने वाली कंपनी वेकफिट अभी भी संघर्ष कर रही है।

कोरोना रेमेडीज और वेकफिट के आईपीओ आज बंद हो जाएंगे
शेयर बाजार में कमाई करने की सोच रहे निवेशकों के लिए आज यानी बुधवार का दिन फैसले की घड़ी है। बाजार में खुले दो चर्चित आईपीओ कोरोना रेमेडीज और वेकफिट इनोवेशन आज शाम को बंद हो जाएंगे। इन दोनों कंपनियों के प्रदर्शन में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ फार्मा सेक्टर की कंपनी कोरोना रेमेडीज को निवेशकों ने हाथोंहाथ लिया है, वहीं दूसरी तरफ वेकफिट इनोवेशन को अपनी नैया पार लगाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। आज शाम 5 बजे तक बोली लगाने का आखिरी मौका है, जिसके बाद शेयरों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।
कोरोना रेमेडीज के आईपीओ को लेकर बाजार में गजब का माहौल बना हुआ है। दूसरे दिन शाम तक के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 9.96 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। सबसे ज्यादा दिलचस्पी अमीर निवेशकों यानी एनआईआई कैटेगरी में देखी गई है, जहां यह हिस्सा 28.37 गुना भर चुका है। रिटेल निवेशकों ने भी पूरा भरोसा जताया है और उनका कोटा 6.90 गुना सब्सक्राइब हुआ है। हालांकि संस्थागत निवेशकों (QIB) का हिस्सा 1.76 गुना भरा है, लेकिन उम्मीद है कि आज आखिरी दिन इसमें बड़ा उछाल आएगा। आपको बता दें कि यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि निवेशकों से मिलने वाला पैसा कंपनी के खाते में नहीं जाएगा, बल्कि यह उन प्रमोटर्स और शेयरधारकों को मिलेगा जो अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
निवेशकों के उत्साह की असली वजह ग्रे मार्केट का प्रीमियम है। 10 दिसंबर की सुबह तक कोरोना रेमेडीज का जीएमपी 265 रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी ने 1062 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। अगर इसमें जीएमपी को जोड़ दिया जाए तो शेयर की लिस्टिंग 1327 रुपये के आसपास होने की उम्मीद है। इसका सीधा मतलब है कि सफल निवेशकों को लिस्टिंग वाले दिन ही करीब 24.95 फीसदी का शानदार मुनाफा हो सकता है।
दूसरी तरफ वेकफिट इनोवेशन के लिए राह मुश्किल नजर आ रही है। दूसरे दिन शाम तक यह आईपीओ कुल मिलाकर सिर्फ 0.40 गुना ही भर पाया है, यानी यह अभी आधा भी नहीं भरा है। रिटेल निवेशकों ने थोड़ी रुचि दिखाई है जिससे उनका हिस्सा 1.82 गुना भर गया है, लेकिन बड़े निवेशकों ने इससे दूरी बना रखी है। एनआईआई कैटेगरी में सिर्फ 0.25 गुना बोली आई है और क्यूआईबी का हिस्सा तो लगभग खाली (0.00 गुना) ही है। वेकफिट इस आईपीओ से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विस्तार और नए रिटेल स्टोर खोलने के लिए करने वाली है, ताकि वह बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर सके।
वेकफिट के लिए ग्रे मार्केट से भी कोई अच्छी खबर नहीं है। 10 दिसंबर की सुबह इसका जीएमपी गिरकर महज 2 रुपये रह गया है। 195 रुपये के प्राइस बैंड के हिसाब से इसकी लिस्टिंग 197 रुपये पर होने का अनुमान है। यानी निवेशकों को सिर्फ 1.03 फीसदी का मामूली मुनाफा या लगभग फ्लैट लिस्टिंग देखने को मिल सकती है। आंकड़ों को देखकर साफ है कि बाजार का पूरा झुकाव इस समय कोरोना रेमेडीज की तरफ है, जबकि वेकफिट को लेकर निवेशक सतर्क हैं।
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