मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड January 06, 2026, 13:10 IST
सारांश
लंदन मेटल एक्सचेंज में तांबे के दाम में आई रिकॉर्ड तेजी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भारतीय बाजार में भी कॉपर सेक्टर की कंपनियों ने सितंबर 2025 की तिमाही में तगड़ा मुनाफा कमाया है। खदानों में कामकाज रुकने और बढ़ती मांग के कारण तांबे की कीमतों में उछाल जारी है, जिसका सीधा असर इन शेयरों पर दिख रहा है।

भारतीय कॉपर शेयरों में निवेशकों की भारी खरीदारी।
दुनिया भर की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले तांबे यानी कॉपर की कीमतों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक नया इतिहास रच दिया है। लंदन मेटल एक्सचेंज में तांबे का भाव पहली बार 13,000 डॉलर प्रति टन के जादुई लेवल को छू गया है। पिछले साल से ही तांबे की कीमतों में जो बढ़त शुरू हुई थी, वह रुकने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को लंदन के बाजार में इसमें 4.3 प्रतिशत तक की भारी तेजी देखी गई। तांबे की कीमतों में आई यह रिकॉर्ड तोड़ बढ़त औद्योगिक जगत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि यह धातु आज की आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहनों और बुनियादी ढांचे के लिए बहुत जरूरी है।
भारतीय बाजार में जब भी कॉपर की बात होती है, तो सबसे पहले सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर का नाम आता है। कंपनी ने सितंबर 2025 को खत्म हुई दूसरी तिमाही में कमाल कर दिया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 83 प्रतिशत बढ़कर 186 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में भी 39 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। अगर रिटर्न की बात करें, तो पिछले एक साल में इस शेयर ने अपने निवेशकों को करीब 139.90 प्रतिशत का छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और नए प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा इस पर बना हुआ है।
तांबे के सेक्टर में प्रेसिजन वायर्स इंडिया लिमिटेड भी किसी हीरो से कम नहीं है। यह कंपनी मुख्य रूप से बिजली के उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले वाइंडिंग वायर्स बनाती है। सितंबर 2025 की तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 84.80 प्रतिशत बढ़कर 35.61 करोड़ रुपये रहा है। पिछले एक साल में इस कंपनी के शेयर ने निवेशकों को 57.82 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न दिया है। कंपनी का फोकस नई तकनीक और इनोवेशन पर है, जिसके कारण इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री में इसकी पकड़ बहुत मजबूत बनी हुई है।
भाग्यनगर इंडिया लिमिटेड ने अपने तिमाही नतीजों से सबको चौंका दिया है। सितंबर 2025 की तिमाही में कंपनी का मुनाफा 202 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 11.27 करोड़ रुपये रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करने वाली इस कंपनी का रेवेन्यू भी 41.5 प्रतिशत बढ़ा है। रिटर्न के मामले में भी यह कंपनी काफी आगे रही है और पिछले एक साल में इसने 91.14 प्रतिशत का तगड़ा मुनाफा अपने शेयरधारकों को दिया है। कंपनी का डायवर्सिफाई पोर्टफोलियो और सस्टेनेबल कामकाज इसे निवेशकों के लिए पसंदीदा बना रहे हैं।
राजपूताना इंडस्ट्रीज भी इस सेक्टर में एक बड़ी खिलाड़ी के रूप में उभरी है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सितंबर तिमाही में 46.11 प्रतिशत बढ़कर 2.63 करोड़ रुपये हो गया है। धातु उद्योग में अपनी पकड़ और बाजार के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता ने इसे चर्चा में रखा है। हालांकि इसने पिछले एक साल में 7% का निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं माधव कॉपर की बात करें, तो कंपनी के रेवेन्यू में 98.7 प्रतिशत की भारी उछाल आई और यह 51.14 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि टैक्स से जुड़ी कुछ तकनीकी वजहों से कंपनी को मामूली घाटा हुआ है, लेकिन कामकाज की रफ्तार तेज है। पिछले एक साल में माधव कॉपर ने भी करीब 39.93 प्रतिशत का अच्छा रिटर्न दिया है।
लेखकों के बारे में

अगला लेख