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  1. लाइफ हाई पर पहुंचा BSE का शेयर, इस तेजी के पीछे सिर्फ नेट प्रॉफिट नहीं है कारण, यहां समझें पूरी डीटेल

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लाइफ हाई पर पहुंचा BSE का शेयर, इस तेजी के पीछे सिर्फ नेट प्रॉफिट नहीं है कारण, यहां समझें पूरी डीटेल

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड February 10, 2026, 11:52 IST

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सारांश

बीएसई लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार को 6 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जिससे यह 3,175 रुपये के नए 52-वीक हाई पर पहुंच गया। सोमवार शाम आए तीसरी तिमाही के शानदार नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 174 प्रतिशत बढ़कर 603 करोड़ रुपये रहा है।

शेयर सूची

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बीएसई लिमिटेड के शेयरों में आज शानदार तेजी देखी जा रही है।

भारत के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज, बीएसई लिमिटेड के शेयरों ने मंगलवार को बाजार खुलते ही जबरदस्त तेजी दिखाई। कंपनी के शेयरों की कीमत 6 प्रतिशत उछलकर 3,175 रुपये के लेवल पर पहुंच गई, जो इसका 52 हफ्तों का सबसे ऊंचा लेवल यानी नया रिकॉर्ड है। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह सोमवार शाम को घोषित किए गए वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे हैं, जिन्होंने बाजार के जानकारों को हैरान कर दिया है। बीएसई के शेयरों ने पिछले पांच सालों में लगभग 4,674 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

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मुनाफे और आय में भारी बढ़ोतरी

कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर तिमाही में बीएसई का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 174 प्रतिशत बढ़कर 603 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह मुनाफा मात्र 220 करोड़ रुपये था। कंपनी के तिमाही नतीजों में सिर्फ मुनाफे में ग्रोथ नहीं देखी गई। बल्कि, कंपनी की कुल आय में भी 62 प्रतिशत का बड़ा उछाल देखा गया और यह 1,244 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। आय में इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण ट्रांजेक्शन चार्ज से होने वाली कमाई है, जो 511 करोड़ रुपये से बढ़कर 952 करोड़ रुपये हो गई है।

डेरिवेटिव्स सेगमेंट ने बदली सूरत

बीएसई की इस सफलता के पीछे उसके इक्विटी डेरिवेटिव्स कारोबार का बहुत बड़ा हाथ है। तीसरी तिमाही में ऑप्शंस ट्रेडिंग का औसत डेली टर्नओवर 210 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी दौरान केवल 105 लाख करोड़ रुपये था। इस भारी वॉल्यूम की वजह से कंपनी का कामकाजी मुनाफा यानी EBITDA भी जबरदस्त तरीके से बढ़कर 732 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि मार्जिन में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है, लेकिन कुल मिलाकर कंपनी का ऑपरेशनल मॉडल बहुत ही मजबूत नजर आ रहा है।

आगे कैसी होगी चाल?

बाजार एक्सपर्ट की मानें तो भारतीय कैपिटल मार्केट के विस्तार और घरेलू बचत के वित्तीयकरण से बीएसई जैसी संस्थाओं को सीधा फायदा मिल रहा है। जैसे-जैसे लोग म्यूचुअल फंड, इक्विटी और डेट प्रोडक्ट में पैसा लगा रहे हैं, बीएसई के रेवेन्यू के सोर्स और भी अधिक डायवर्सिफाई हो रहे हैं। कंपनी का डेटा सर्विस और क्लियरिंग एक्टिविटी बिजनेस भी इसे लंबी अवधि में मजबूती प्रदान करता है। बाजार की बदलती परिस्थितियों के बीच बीएसई अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है, जिससे फ्यूचर में भी इसके कारोबार में लिक्विडिटी और मजबूती बने रहने की संभावना है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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