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  1. Bharat Coking Coal के IPO से जुटाए पैसों का कंपनी के ग्रोथ में नहीं होगा इस्तेमाल, फिर भी क्यों है इतना क्रेज? 5 प्वाइंट में समझें

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Bharat Coking Coal के IPO से जुटाए पैसों का कंपनी के ग्रोथ में नहीं होगा इस्तेमाल, फिर भी क्यों है इतना क्रेज? 5 प्वाइंट में समझें

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड January 09, 2026, 13:39 IST

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सारांश

Bharat Coking Coal IPO: कोल इंडिया की सहायक कंपनी बीसीसीएल के आईपीओ को लेकर बाजार में गजब का उत्साह है। रिटेल और एनआईआई हिस्सा पहले ही दिन कई गुना सब्सक्राइब हो गया है। हालांकि यह पूरी तरह 'ऑफर फॉर सेल' है, यानी पैसा कंपनी की जगह प्रमोटर के पास जाएगा।

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भारत कोकिंग कोल के आईपीओ को पहले ही दिन निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला।

Bharat Coking Coal IPO: कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के आईपीओ ने शेयर बाजार में आते ही धमाल मचा दिया है। 9 जनवरी को सब्सक्रिप्शन के पहले दिन दोपहर तक ही यह आईपीओ 4.77 गुना सब्सक्राइब हो गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस आईपीओ से मिलने वाला पैसा कंपनी के विकास या विस्तार में इस्तेमाल नहीं होगा, क्योंकि यह पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' है। इसका मतलब है कि प्रमोटर कोल इंडिया अपनी हिस्सेदारी बेच रही है और सारा पैसा उसी के पास जाएगा। इसके बावजूद निवेशक इस शेयर पर टूट पड़े हैं।
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देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक

निवेशकों के बीच इस आईपीओ को लेकर क्रेज होने का सबसे पहला और बड़ा कारण कंपनी का मार्केट लीडर होना है। बीसीसीएल भारत की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है। वित्त वर्ष 2024-25 में घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन में इस कंपनी की हिस्सेदारी 58.5 प्रतिशत रही है। बाजार में इतनी बड़ी पकड़ होने के कारण निवेशक इसे एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश मान रहे हैं। कंपनी के पास झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज में खदानों का विशाल नेटवर्क है, जो इसे दूसरों से बहुत आगे रखता है।

कोयले की मांग में आ सकती है तेजी

दूसरा बड़ा कारण आने वाले समय में कोयले का बढ़ता डिमांड हैं। देश में स्टील और पावर सेक्टर जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए कोकिंग कोल की मांग भी तेजी से बढ़ने वाली है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में कोकिंग कोल की मांग 67 मिलियन मीट्रिक टन है, जिसके साल 2035 तक बढ़कर 138 मिलियन मीट्रिक टन होने का अनुमान है। बीसीसीएल इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सबसे बेहतर स्थिति में है।

पूरी तरह कर्ज मुक्त है कंपनी

तीसरा कारण कंपनी की वित्तीय मजबूती है। बीसीसीएल की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इस पर कोई लॉन्ग टर्म का कर्ज नहीं है। यह एक 'डेट फ्री' कंपनी है, जो शेयर बाजार के नजरिए से बहुत ही पॉजिटिव बात मानी जाती है। कर्ज मुक्त होने के कारण कंपनी की वित्तीय स्थिरता बहुत मजबूत है। इसके अलावा, कंपनी का प्रमोटर कोल इंडिया है, जो दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है। कोल इंडिया का साथ होने से कंपनी को बड़े संसाधन और अनुभव का लाभ मिलता है, जिससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ जाता है।

जीएमपी दे रहा मोटिवेशन

चौथा कारण आईपीओ की कीमत और ग्रे मार्केट में इसका प्रदर्शन है। कंपनी ने शेयर का भाव 21 से 23 रुपये के बीच रखा है, जो आम निवेशकों के लिए काफी सस्ता और आकर्षक है। वहीं, ग्रे मार्केट में इस शेयर को लेकर जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। यह अपने ऊपरी प्राइस बैंड से करीब 40.22 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। यानी लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों को बड़े मुनाफे की उम्मीद है। यही वजह है कि रिटेल कैटेगरी में पहले ही दिन 6 गुना से ज्यादा बोलियां मिल चुकी हैं।

मजबूत एंकर निवेशकों का मिला है साथ

पांचवा कारण बड़े और एंकर निवेशकों का इसमें पैसा लगाना है। आईपीओ खुलने से पहले ही भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) जैसे बड़े एंकर निवेशकों ने इसमें 273.1 करोड़ रुपये का निवेश किया है। जब एलआईसी और सोसाइटी जनरल जैसे बड़े नाम किसी कंपनी में पैसा लगाते हैं, तो आम निवेशकों का मनोबल भी बढ़ जाता है। हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि खदानों में कोयले का भंडार खत्म होना और कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भरता जैसे जोखिम भी कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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