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  1. Aviation Stocks: IndiGo और SpiceJet के शेयर 9% तक चढ़े, ATF में उछाल के बावजूद क्यों आई तेजी?

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Aviation Stocks: IndiGo और SpiceJet के शेयर 9% तक चढ़े, ATF में उछाल के बावजूद क्यों आई तेजी?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड April 01, 2026, 12:20 IST

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सारांश

IndiGo के शेयरों में तेजी का एक और कारण कंपनी से जुड़ी बड़ी खबर भी है। कंपनी ने नए CEO की नियुक्ति की है। Willie Walsh को नया CEO बनाया गया है, जो पहले British Airways के CEO रह चुके हैं और अभी International Air Transport Association (IATA) के डायरेक्टर जनरल हैं।

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IndiGo share

IndiGo share: इस बार कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की वजह वेस्ट एशिया में बढ़ता तनाव और ग्लोबल ऑयल प्राइस का बढ़ना है।

Aviation Stocks: एविएशन सेक्टर के शेयरों में आज तेजी नजर आ रही है। IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation का शेयर तो आज करीब 9 फीसदी तक उछलकर 4332 रुपये प्रति शेयर के भाव पर पहुंच गया। इसके अलावा SpiceJet के शेयरों में भी 4 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई और यह 10.20 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड कर रहा था।
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IndiGo को मिला नया CEO

IndiGo के शेयरों में तेजी का एक और कारण कंपनी से जुड़ी बड़ी खबर भी है। कंपनी ने नए CEO की नियुक्ति की है। Willie Walsh को नया CEO बनाया गया है, जो पहले British Airways के CEO रह चुके हैं और अभी International Air Transport Association (IATA) के डायरेक्टर जनरल हैं। कंपनी का मानना है कि उनके आने से आगे ग्रोथ और ट्रांसफॉर्मेशन में मदद मिलेगी।

ATF की कीमतों में उछाल

दिलचस्प बात यह है कि यह तेजी तब आई है जब एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ATF की कीमत 114.5% बढ़कर ₹2.07 लाख प्रति किलोलीटर हो गई है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹1.1 लाख से बढ़कर ₹2.07 लाख प्रति किलोलीटर हो गई। इससे पहले 2022 में, जब रूस-यूक्रेन युद्ध हुआ था, तब कीमत करीब ₹1.1 लाख तक गई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑयल कंपनियों ने साफ किया कि इतनी ज्यादा बढ़ोतरी मुख्य रूप से चार्टर्ड फ्लाइट्स पर लागू होती है, ना कि सामान्य कमर्शियल एयरलाइंस पर। कमर्शियल एयरलाइंस के लिए ATF की कीमत में सिर्फ करीब 8.5% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कीमत लगभग ₹1.04 लाख प्रति किलोलीटर के आसपास पहुंची है। इस खबर के बाद शेयरों में खरीदारी बढ़ गई।

क्यों बढ़ी ATF की कीमतें

इस बार कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की वजह वेस्ट एशिया में बढ़ता तनाव और ग्लोबल ऑयल प्राइस का बढ़ना है। ATF की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय होती है, क्योंकि यह पूरी तरह डी-रेगुलेटेड प्रोडक्ट है। इसका मतलब है कि इसकी कीमत सीधे ग्लोबल रेट्स से जुड़ी होती है।

घरेलू एयरलाइंस को राहत की उम्मीद

राहत की बात यह है कि घरेलू एयरलाइंस को इतनी ज्यादा कीमत तुरंत नहीं चुकानी पड़ेगी। सरकार और इंडस्ट्री मिलकर एक ऐसा सिस्टम बना रहे हैं जिससे इन पर पूरा बोझ ना पड़े। फिलहाल यह साफ नहीं है कि एयरलाइंस कितना भुगतान करेंगी और कितना खर्च सरकार या अन्य तरीके से मैनेज होगा।

यह नई कीमतें भारत में फ्यूल भरवाने वाली इंटरनेशनल एयरलाइंस पर तुरंत लागू होंगी। वहीं घरेलू एयरलाइंस को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, इसलिए निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और शेयरों में तेजी आई है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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