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AI पर जंग: Pentagon की धमकी के बावजूद नहीं झुकी Anthropic, समझिए क्या है ये पूरा विवाद

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड February 27, 2026, 12:57 IST

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सारांश

टागन चाहता था कि Anthropic अपने AI मॉडल Claude AI को सेना के लिए बिना किसी रोक-टोक के इस्तेमाल करने दे, लेकिन कंपनी ने इससे इनकार कर दिया। Anthropic के CEO Dario Amodei ने साफ कहा कि धमकियों से उनका फैसला नहीं बदलेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

Pentagon की धमकी के बावजूद नहीं झुकी Anthropic

अमेरिका में AI कंपनी Anthropic और रक्षा मंत्रालय Pentagon के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। दरअसल, Anthropic ने Pentagon की एक बड़ी मांग को ठुकरा दिया है। पेंटागन चाहता था कि Anthropic अपने AI मॉडल Claude AI को सेना के लिए बिना किसी रोक-टोक के इस्तेमाल करने दे, लेकिन कंपनी ने इससे इनकार कर दिया। Anthropic के CEO Dario Amodei ने साफ कहा कि धमकियों से उनका फैसला नहीं बदलेगा।

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Dario Amodei ने क्या कहा?

Dario Amodei ने बयान में कहा कि पेंटागन की धमकियों के बावजूद कंपनी अपने नैतिक रुख से पीछे नहीं हटेगी। उनका कहना था कि वे अच्छे विवेक के खिलाफ जाकर ऐसी मांग को स्वीकार नहीं कर सकते। इस टकराव की वजह से Anthropic और अमेरिकी सरकार के बीच चल रहे रक्षा से जुड़े पुराने कॉन्ट्रैक्ट खतरे में पड़ गए हैं।

क्या है पूरा विवाद

असल विवाद की जड़ यह है कि Anthropic कुछ सुरक्षा नियम हटाने को तैयार नहीं है। अगर ये नियम हटाए जाते, तो अमेरिकी सेना AI का इस्तेमाल अपने आप हथियार चलाने और अमेरिका के अंदर बड़े स्तर पर निगरानी करने के लिए कर सकती थी। Anthropic का कहना है कि वह ऐसे इस्तेमाल की अनुमति नहीं दे सकती।

Amodei ने यह भी कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार अब तक इन सुरक्षा सीमाओं की वजह से सेना में AI को अपनाने या इस्तेमाल करने में कोई रुकावट नहीं आई है। उन्होंने यह बात ऐसे समय कही जब पेंटागन की तय की गई समय-सीमा से सिर्फ एक दिन बाकी था।

पेंटागन ने Anthropic को अल्टीमेटम दिया था कि या तो वह अपनी तकनीक का बिना शर्त सैन्य इस्तेमाल मंजूर करे, भले ही वह कंपनी के नैतिक मानकों के खिलाफ हो, या फिर सरकार आपातकालीन संघीय कानूनों के तहत कंपनी को मजबूर करेगी।

200 मिलियन डॉलर तक का कॉन्ट्रैक्ट

Anthropic को Amazon और Google का समर्थन प्राप्त है और उसका अमेरिकी रक्षा मंत्रालय US Department of Defense के साथ लगभग 200 मिलियन डॉलर तक का कॉन्ट्रैक्ट है। इसके बावजूद अमोडेई ने कहा कि उनकी कंपनी अमेरिकी नागरिकों की बड़े पैमाने पर निगरानी और पूरी तरह स्वचालित हथियारों के इस्तेमाल के लिए AI नहीं देगी, चाहे इसके लिए कॉन्ट्रैक्ट ही क्यों न खोना पड़े।

अमोडेई ने कहा कि रक्षा मंत्रालय अब सिर्फ उन्हीं AI कंपनियों से काम करना चाहता है जो “किसी भी कानूनी इस्तेमाल” के लिए सहमत हों और सभी सुरक्षा सीमाएं हटा दें। लेकिन उनका कहना है कि अमेरिका के अंदर नागरिकों की निगरानी के लिए AI का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

उन्होंने यह भी साफ किया कि मौजूदा AI सिस्टम इतने भरोसेमंद नहीं हैं कि उन्हें बिना इंसानी दखल के जानलेवा हथियार चलाने की ताकत दे दी जाए। अमोडेई ने कहा कि उनकी कंपनी ऐसा कोई उत्पाद नहीं देगी जिससे अमेरिकी सैनिकों और आम नागरिकों की जान को खतरा हो।

पेंटागन के प्रवक्ता ने क्या कहा?

पेंटागन के प्रवक्ता Sean Parnell ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि रक्षा मंत्रालय का न तो अमेरिकियों की सामूहिक निगरानी करने का इरादा है और न ही बिना इंसानी नियंत्रण वाले हथियार बनाने का। उन्होंने कहा कि पेंटागन सिर्फ इतना चाहता है कि Anthropic अपने मॉडल को सभी कानूनी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दे।

इसके साथ ही पेंटागन ने Anthropic को “सप्लाई चेन रिस्क” घोषित करने की धमकी भी दी, जो आमतौर पर दुश्मन देशों की कंपनियों को दिया जाता है। ऐसा होने से Anthropic की अमेरिकी सरकार के साथ काम करने की क्षमता और उसकी साख दोनों को भारी नुकसान हो सकता है।

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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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