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Ambuja Cements के मुनाफे में 86% की भारी गिरावट, इस वजह से घटी Adani Group की इस कंपनी की कमाई?

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड January 30, 2026, 15:42 IST

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सारांश

अडानी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स ने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 86% गिरकर 367 करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि, ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू 20% की बढ़ोतरी के साथ 10,180 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। भारी ऑपरेटिंग खर्च और लेबर कोड के एकमुश्त चार्ज ने मुनाफे पर बुरा असर डाला है।

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अंबुजा सीमेंट्स के मुनाफे में आई भारी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है।

अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने 30 जनवरी को दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा कर दी है। कंपनी द्वारा जारी किए गए इन आंकड़ों में रेवेन्यू और मुनाफे के बीच एक बहुत बड़ा विरोधाभास देखने को मिला है। जहां एक तरफ कंपनी की रेवेन्यू में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ मुनाफे के आंकड़ों में भारी गिरावट आई है। अंबुजा सीमेंट्स के प्रदर्शन पर बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों और नए सरकारी नियमों के लागू होने का गहरा असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।

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मुनाफे में आई भारी गिरावट

दिसंबर तिमाही के दौरान अंबुजा सीमेंट्स के कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 86 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी ने जानकारी दी है कि इस तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा घटकर केवल 367 करोड़ रुपये रह गया है। अगर पिछले साल की इसी समान अवधि से इसकी तुलना की जाए, तो उस समय कंपनी ने 2,663 करोड़ रुपये का शानदार मुनाफा कमाया था। मुनाफे में आई इतनी बड़ी कमी का मुख्य कारण कंपनी के आंतरिक और बाहरी खर्चों में हुआ इजाफा माना जा रहा है। कंपनी के मुनाफे पर पड़े इस नकारात्मक असर ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है, हालांकि रेवेन्यू के मोर्चे पर आंकड़े काफी बेहतर रहे हैं।

रेवेन्यू के मोर्चे पर मिली बढ़त

रेवेन्यू के आंकड़ों की बात करें तो अंबुजा सीमेंट्स ने इस क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी का ऑपरेशंस से होने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 20 प्रतिशत बढ़कर 10,180 करोड़ रुपये के लेवल पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का यह रेवेन्यू 8,498 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। सालाना आधार पर आय में हुई इस बढ़ोतरी से यह संकेत मिलता है कि सीमेंट की मांग बाजार में मजबूत बनी हुई है और कंपनी अपनी बिक्री बढ़ाने में सफल रही है। कंपनी के कारोबार का विस्तार तो हुआ है, लेकिन इस विस्तार के साथ जुड़े खर्चों ने मुनाफे की चमक को पूरी तरह से फीका कर दिया है।

खर्चों ने बिगाड़ा कंपनी का समीकरण

शुद्ध मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे ऑपरेटिंग खर्चों में हुई भारी बढ़ोतरी सबसे बड़ी वजह बनकर उभरी है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चे पिछले साल के 8,373 करोड़ रुपये से तेजी से बढ़कर अब 9,941 करोड़ रुपये पर पहुंच गए हैं। खर्चों में हुई इस बड़ी वृद्धि ने रेवेन्यू से मिलने वाले फायदे को काफी हद तक कम कर दिया है। कच्चा माल, ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और लॉजिस्टिक्स से जुड़े खर्चों ने कंपनी के मार्जिन पर गहरा दबाव डाला है। ऑपरेटिंग खर्चों का ग्राफ जिस तरह से ऊपर गया है, उसे संभाल पाना कंपनी के लिए इस तिमाही में काफी कठिन साबित हुआ है।

ऑपरेटिंग खर्चों के अलावा कंपनी के मुनाफे पर एक और बड़ा बोझ नए लेबर कोड के कारण पड़ा है। अंबुजा सीमेंट्स ने बताया कि नए लेबर कोड को लागू करने की प्रक्रिया की वजह से कंपनी को 107 करोड़ रुपये का एकमुश्त चार्ज देना पड़ा है। इस अतिरिक्त भुगतान ने कंपनी के मुनाफे को और भी नीचे धकेलने का काम किया है। अडानी ग्रुप की इस सीमेंट कंपनी के लिए आने वाला समय लागत प्रबंधन और दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित रह सकता है। उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी को अपने ऑपरेटिंग खर्चों को नियंत्रित करना होगा ताकि भविष्य में आय के साथ-साथ मुनाफे में भी वैसी ही बढ़त देखने को मिल सके। फिलहाल कंपनी का पूरा ध्यान अपनी उत्पादन क्षमता और बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखने पर टिका हुआ है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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