return to news
  1. Amagi Media Labs के IPO में पैसा लगाने से पहले जान लें ये 5 बड़ी बातें, इस काम में माहिर है कंपनी

मार्केट न्यूज़

Amagi Media Labs के IPO में पैसा लगाने से पहले जान लें ये 5 बड़ी बातें, इस काम में माहिर है कंपनी

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड January 12, 2026, 10:01 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

अमागी मीडिया लैब्स का आईपीओ 13 जनवरी से खुल रहा है। कंपनी क्लाउड आधारित सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन प्रोवाइड करती है। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि कंपनी अब मुनाफे में आ चुकी है और ग्रे मार्केट में भी इसके शेयर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं।

amagi-media-labs-ipo-5-things

अमागी मीडिया लैब्स के आईपीओ को लेकर निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

Amagi Media Labs IPO: भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। बेंगलुरु की क्लाउड बेस्ड टेक कंपनी अमागी मीडिया लैब्स अपना IPO लेकर तैयार है। यह आईपीओ कल यानी 13 जनवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और निवेशक 16 जनवरी तक इसमें बोली लगा सकेंगे। मीडिया और विज्ञापन की दुनिया में टेक का लोहा मनवाने वाली इस कंपनी के आईपीओ को लेकर बाजार में काफी चर्चा है। यदि आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए कंपनी के बारे में 5 बाते जान लेनी चाहिए।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

आईपीओ का साइज क्या है?

अमागी मीडिया लैब्स के इस आईपीओ का कुल साइज 1788.62 करोड़ रुपये तय किया गया है। कंपनी ने इसके लिए 343 रुपये से 361 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा है। इस निर्गम में 816 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 972.62 करोड़ रुपये का हिस्सा ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचा जाएगा। इसका मतलब है कि नए शेयरों से मिलने वाला पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा, जबकि ऑफर फॉर सेल का पैसा उन पुराने निवेशकों को मिलेगा जो अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। खुदरा निवेशकों के लिए कम से कम एक लॉट खरीदना अनिवार्य होगा, जिसमें 41 शेयर रखे गए हैं।

कैसा है कंपनी का बिजनेस और क्लाइंट बेस?

अमागी मीडिया लैब्स मुख्य रूप से एक सास यानी सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस कंपनी है। यह मीडिया जगत की कंपनियों को क्लाउड के जरिए वीडियो कंटेंट मैनेज करने और विज्ञापन चलाने की सुविधा देती है। कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसका ग्राहकों का नेटवर्क है। भारत की टॉप-50 लिस्टेड मीडिया कंपनियों में से लगभग 45 प्रतिशत कंपनियां इसकी सेवाओं का उपयोग कर रही हैं। दुनिया भर के ओटीटी प्लेटफॉर्म और टीवी चैनलों के लिए यह कंपनी एक अहम तकनीकी पार्टनर बन चुकी है। जिस तरह से पूरी दुनिया में डिजिटल कंटेंट की मांग बढ़ रही है, उससे कंपनी के कारोबार के विस्तार की बड़ी संभावनाएं दिख रही हैं।

कंपनी की कमाई और मुनाफे के आंकड़े कैसे हैं?

निवेशकों के लिए सबसे अच्छी खबर कंपनी की माली हालत से जुड़ी है। पिछले कुछ वर्षों तक घाटे में रहने के बाद अब कंपनी मुनाफे की पटरी पर लौट आई है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही यानी सितंबर 2025 तक कंपनी ने 6.47 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। इसके रेवेन्यू में भी साल-दर-साल अच्छी बढ़त देखी जा रही है। कंपनी का बिजनेस मॉडल ऐसा है कि इसमें मार्जिन बढ़ने की काफी गुंजाइश रहती है। जानकारों का कहना है कि मुनाफे में आने के बाद अब कंपनी के प्रति निवेशकों का भरोसा और भी मजबूत होगा, जो इसके आईपीओ की सफलता के लिए एक अच्छा संकेत है।

आईपीओ से जुटाए पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

अमागी मीडिया लैब्स ने स्पष्ट किया है कि आईपीओ के जरिए जुटाए गए 816 करोड़ रुपये के नए फंड का इस्तेमाल वह कई महत्वपूर्ण कार्यों में करेगी। सबसे पहले कंपनी अपने क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाना चाहती है ताकि वह और भी बड़े वैश्विक ग्राहकों को संभाल सके। इसके अलावा इस पैसे का एक हिस्सा नई तकनीक विकसित करने और भविष्य में होने वाले अधिग्रहणों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। कंपनी अपने वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और कुछ छोटे कर्जों को चुकाने में भी इस राशि का उपयोग कर सकती है, जिससे भविष्य में कंपनी के परिचालन खर्च कम होंगे।

ग्रे मार्केट का क्या हाल है?

मार्केट से मिल रहे ताजा संकेतों के मुताबिक, अमागी मीडिया लैब्स के शेयरों की ग्रे मार्केट में अच्छी मांग है। 12 जनवरी की सुबह तक इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी 37 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। 361 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर देखें तो इसकी लिस्टिंग 398 रुपये के आसपास हो सकती है। यह निवेशकों के लिए लगभग 10.25 प्रतिशत के संभावित लिस्टिंग गेन की ओर इशारा कर रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख