बिजनेस न्यूज़
.png)
3 min read | अपडेटेड March 12, 2026, 15:42 IST
सारांश
दुनिया भर में जारी युद्ध और तनाव के बीच कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के सुरक्षित भंडार की चर्चा तेज हो गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वेनेजुएला दुनिया में सबसे ज्यादा तेल रिजर्व वाला देश है, जबकि भारत 23वें नंबर पर आता है। भारत के पास फिलहाल 74 दिनों की जरूरतों को पूरा करने जितना तेल मौजूद है।

कच्चे तेल के भंडार के मामले में वेनेजुएला दुनिया में पहले नंबर पर बना हुआ है।
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे युद्ध और तनाव ने कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की सप्लाई पर बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। ऐसे मुश्किल समय में हर देश यह देख रहा है कि उसके पास मुसीबत के वक्त के लिए कितना तेल जमा है। ताजा आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि दुनिया के किन देशों के पास तेल का सबसे बड़ा खजाना है और इस लिस्ट में भारत कहां खड़ा है। कच्चे तेल के सुरक्षित भंडार के मामले में वेनेजुएला आज भी दुनिया का बेताज बादशाह बना हुआ है। वर्ल्ड मीटर की रिपोर्ट के मुताबिक, उसके पास 303 करोड़ बैरल से ज्यादा का तेल रिजर्व है, जो पूरी दुनिया के कुल भंडार का करीब 17.17 पर्सेंट हिस्सा है।
तेल के भंडार के मामले में वेनेजुएला के बाद सऊदी अरब दूसरे नंबर पर आता है। सऊदी अरब के पास 267 करोड़ बैरल से ज्यादा का सुरक्षित भंडार है। इसके बाद लिस्ट में ईरान, कनाडा और इराक जैसे देशों का नाम आता है। ईरान के पास दुनिया का करीब 11.82 पर्सेंट तेल रिजर्व है, जो उसे ग्लोबल मार्केट में एक बहुत ही ताकतवर खिलाड़ी बनाता है। टॉप-10 देशों की इस लिस्ट में यूनाइटेड अरब अमीरात, कुवैत, अमेरिका, रूस और लीबिया भी शामिल हैं। ये वो देश हैं जिनके पास इतना तेल है कि वे दुनिया की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक पूरा कर सकते हैं। हालांकि, युद्ध की वजह से इन देशों से तेल की सप्लाई पर असर पड़ने का डर हमेशा बना रहता है।
अब बात करते हैं भारत की। वर्ल्ड मीटर की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास 498 करोड़ बैरल से ज्यादा का प्रमाणित तेल भंडार है। इस आंकड़े के साथ भारत दुनिया में 23वें नंबर पर आता है। दुनिया के कुल तेल भंडार में भारत की हिस्सेदारी लगभग 0.28 पर्सेंट है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में राज्यसभा में देश को भरोसा दिलाते हुए एक बड़ी बात कही है। उन्होंने बताया कि अगर दुनिया में किसी बड़े संकट की वजह से तेल की सप्लाई पूरी तरह रुक भी जाए, तो भारत के पास अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए कम से कम 74 दिनों का तेल रिजर्व मौजूद है।
हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत जैसी तेजी से बढ़ती इकोनॉमी के लिए पेट्रोलियम रिजर्व को मजबूत रखना बहुत जरूरी है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का उपभोक्ता बन चुका है। इतनी बड़ी आबादी और तेजी से बढ़ते उद्योगों के लिए तेल की निरंतर सप्लाई होना बहुत आवश्यक है। भारत ने अपनी तेल सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए देश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों तटों पर रिफाइनिंग बेस तैयार किए हैं। यह डायवर्सिफाइड रिफाइनिंग बेस हमें किसी भी ग्लोबल उथल-पुथल के दौरान कम कमजोर बनाता है और देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने में मदद करता है।
सरकार का मानना है कि ग्लोबल अस्थिरता के दौर में भारत को अपने पेट्रोलियम रिजर्व को और भी ज्यादा मजबूत और सुरक्षित रखना होगा। भारत जिस रफ्तार से विकास कर रहा है, उसे देखते हुए आने वाले समय में तेल की मांग और भी बढ़ेगी। रिफाइनिंग क्षमता और सुरक्षित भंडार को बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है ताकि किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में देश की रफ्तार न थमे।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख