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Economy Survey 2025-26 में गोल्ड और सिल्वर को लेकर क्या कुछ कहा गया, दाम को लेकर क्या प्रिडिक्शन?

Upstox

2 min read | अपडेटेड January 29, 2026, 16:52 IST

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सारांश

सर्वे के मुताबिक, सप्लाई पक्ष की अनुकूल परिस्थितियों और जीएसटी दरों के युक्तिकरण के क्रमिक लाभ के कारण महंगाई का परिदृश्य नरम बना हुआ है। भविष्य की बात करें तो, मजबूत कृषि उत्पादन, स्थिर ग्लोबल जिंस कीमतों और निरंतर नीतिगत सतर्कता से महंगाई के लक्षित दायरे में रहने का अनुमान है।

गोल्ड

सोने और चांदी को लेकर इकोनॉमिक सर्वे में क्या कहा गया?

संसद में आज पेश आर्थिक समीक्षा (Economy Survey) में कहा गया कि अगले फाइनेंशियल ईयर में मुद्रास्फीति के चिंता का विषय बनने की आशंका नहीं है। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में लगातार मांग के कारण कीमती धातुओं (Gold and Silver) की कीमतों में वृद्धि जारी रहने के आसार हैं। सर्वे के मुताबिक, सप्लाई पक्ष की अनुकूल परिस्थितियों और जीएसटी दरों के युक्तिकरण के क्रमिक लाभ के कारण महंगाई का परिदृश्य नरम बना हुआ है। भविष्य की बात करें तो, मजबूत कृषि उत्पादन, स्थिर ग्लोबल जिंस कीमतों और निरंतर नीतिगत सतर्कता से महंगाई के लक्षित दायरे में रहने का अनुमान है। यह एक अनुकूल संकेत है।

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हालांकि, विनिमय दर के उतार-चढ़ाव, मूल धातुओं की कीमतों में उछाल और ग्लोबल अनिश्चितताओं से जुड़े जोखिम अभी भी बने हुए हैं। इन स्थितियों पर लगातार निगरानी और समय के अनुसार नीतिगत प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता होगी। सर्वे में कहा गया कि जब तक स्थायी शांति स्थापित नहीं होती और व्यापारिक युद्ध सुलझ नहीं जाते, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रह सकती है। ग्लोबल अनिश्चितताओं के दौर में सुरक्षित निवेश के रूप में इनकी मांग लगातार बनी हुई है।

समीक्षा में यह भी कहा गया कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में भारत की मुद्रास्फीति दर फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तुलना में अधिक रह सकती है। हालांकि, इसके बावजूद महंगाई के चिंता का विषय बनने की आशंका नहीं है। समीक्षा के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अगले वित्त वर्ष के लिए प्रमुख मुद्रास्फीति में वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसके साथ ही महंगाई का स्तर 4% (2% की घट-बढ़ के साथ) के लक्षित दायरे के भीतर रहने की उम्मीद है। आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2.8% और वित्त वर्ष 2026-27 में 4% की मुद्रास्फीति दर का अनुमान लगाया है। आरबीआई के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए मुद्रास्फीति क्रमशः 3.9 और 4% रह सकती है।

PTI इनपुट के साथ
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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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