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  1. क्या है एक्सपोर्टर्स की क्रेडिट गारंटी स्कीम? 31 दिन में मंजूर किए गए ₹3,141 करोड़, कब तक चलेगी यह स्कीम?

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क्या है एक्सपोर्टर्स की क्रेडिट गारंटी स्कीम? 31 दिन में मंजूर किए गए ₹3,141 करोड़, कब तक चलेगी यह स्कीम?

Upstox

2 min read | अपडेटेड January 03, 2026, 12:50 IST

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सारांश

Credit Guarantee Scheme for Exporters: 31 दिसंबर, 2025 तक, 8,599 करोड़ रुपये के 1,788 एप्लीकेशन्स मिली हैं, जिनमें से कुल 716 एप्लीकेशन्स को 3,141 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जो देश के निर्यातकों और एमएसएमई के ​​बीच अटूट भरोसे को दिखाता है।

निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम

क्या है एक्सपोर्टर्स की क्रेडिट गारंटी स्कीम?

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निर्यात (एक्सपोर्ट) एक अहम हिस्सा है, जो जीडीपी का लगभग 21% है और मजबूत विदेशी मुद्रा इनफ्लो का माध्यम हैं। निर्यात आधारित इंडस्ट्रीज में 45 मिलियन से अधिक लोग डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रूप से रोजगार पाते हैं, और एमएसएमई कुल निर्यात में लगभग 45% का योगदान देते हैं। निर्यात में लगातार हो रही इस प्रगति ने भारत के करंट अकाउंट बैलेंस और मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज की ओर से लागू की जा रही निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम (Credit Guarantee Scheme for Exporters, CGSE) 1 दिसंबर 2025 से लागू की गई थी, जिससे बैंक और वित्तीय संस्थान ((Member Lending Institutions, MLIs) अनिश्चित मुश्किलों के समय में भारतीय निर्यातकों को अतिरिक्त वित्तीय मदद दे पा रहे हैं। इसके साथ ही, यह कदम एक्सपोर्ट मार्केट में विविधता लाएगा और उनकी ग्लोबल प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा।

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इस सक्रिय हस्तक्षेप का उद्देश्य निर्यातकों और एमएसएमई को क्रेडिट गारंटी देना है, जिससे उन्हें अतिरिक्त क्रेडिट मिल सके। इससे लिक्विडिटी मिलेगी, कारोबार लगातार चलता रहेगा और नए मार्केट में विस्तार करने के मौके मिलेंगे।

क्या है Credit Guarantee Scheme for Exporters?

इस स्कीम में योग्य एमएलआई के जरिए डायरेक्ट और इनडायरेक्ट निर्यातक एमएसएमई को 20,000 करोड़ रुपये तक का एक्स्ट्रा बिना गारंटी वाली क्रेडिट मदद देने की स्कीम है। 31 दिसंबर, 2025 तक, 8,599 करोड़ रुपये के 1,788 एप्लीकेशन्स मिली हैं, जिनमें से कुल 716 एप्लीकेशन्स को 3,141 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जो देश के निर्यातकों और एमएसएमई के बीच अटूट भरोसे को दिखाता है। मौजूदा एक्सपोर्ट क्रेडिट/ वर्किंग कैपिटल लिमिट के 20% तक के वर्किंग कैपिटल लोन राशि के साथ, यह स्कीम निर्यातक और एमएसएमई को क्षमताएं विकसित करने और अपनी ग्लोबल प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ-साथ नए और उभरते बाजारों में विविधीकरण की दिशा में कदम उठाने में मदद करेगी। इन संस्थाओं की लिक्विडिटी को आसान बनाकर, यह स्कीम कारोबार के एग्जिक्यूशन की निरंतरता सुनिश्चित करने और रोजगार बनाए रखने का उद्देश्य करती है। सीजीएसई स्कीम 31 मार्च 2026 तक या जब तक 20,000 करोड़ रुपये तक की गारंटी जारी नहीं हो जाती, तब तक खुली है। इस स्कीम को वित्तीय सेवाएं विभाग (Department of Financial Services, DFS) नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) के जरिए लागू कर रहा है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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