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3 min read | अपडेटेड July 23, 2025, 18:13 IST
सारांश
US Tariffs: भारत के साथ बातचीत की स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, इसकी प्रगति देश के अत्यधिक संरक्षित कृषि क्षेत्र पर निर्भर लगती है। देश पर 26 फीसदी टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है। अप्रैल से लगभग हर देश को अमेरिका में प्रवेश करने वाले प्रोडक्ट्स पर अन्य क्षेत्रीय शुल्कों के अलावा कम से कम 10 फीसदी के आधार शुल्क का सामना करना पड़ रहा है।

Donald Trump और जापानी प्रधानमंत्री Shigeru Ishiba ने बुधवार को एक समझौते की घोषणा की।
पीटीआई के मुताबिक भारत के साथ बातचीत की स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, इसकी प्रगति देश के अत्यधिक संरक्षित कृषि क्षेत्र पर निर्भर लगती है। देश पर 26 फीसदी टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है। अप्रैल से लगभग हर देश को अमेरिका में प्रवेश करने वाले प्रोडक्ट्स पर अन्य क्षेत्रीय शुल्कों के अलावा कम से कम 10 फीसदी के आधार शुल्क का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही इस्पात और एल्युमीनियम के अमेरिकी आयात पर भारी टैरिफ अब भी लागू हैं और दक्षिण कोरिया और थाइलैंड सहित कई अन्य देशों ने अभी तक कोई समझौता नहीं किया है। कुल मिलाकर अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ये टैरिफ निश्चित रूप से एशिया और दुनिया की ग्रोथ को प्रभावित करेंगे। अमेरिका की बढ़ी टैरिफ दरों पर फिलहाल एक अगस्त तक की रोक लगाई गई है।
डोनाल्ड ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने बुधवार को एक समझौते की घोषणा की जिसके तहत जापान से अमेरिकी आयात पर 15 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा, जो अमेरिका द्वारा पहले प्रस्तावित 25 फीसदी जवाबी टैरिफ से कम है। टोयोटा मोटर कॉर्प और होंडा जैसी वाहन विनिर्माताओं के लिए यह बड़ी राहत की बात है।
ट्रंप ने फिलिपीन और इंडोनेशिया के साथ भी व्यापार समझौतों की घोषणा की। फिलिपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि उनके देश से आयातित उत्पादों पर 19 फीसदी का शुल्क लगेगा। यह पहले प्रस्तावित 20 फीसदी शुल्क से केवल एक प्रतिशत कम है। इंडोनेशिया को भी 19 फीसदी शुल्क सामना करना पड़ेगा, जो कि पहले प्रस्तावित 32 फीसदी की दर से कम है।
इससे पहले, ट्रंप ने घोषणा की थी कि वियतनाम के निर्यात पर 20 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा, जो चीन से आने वाले सामान पर दोगुना होगा। हालांकि, इसकी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। चीन के साथ बातचीत भी आगे बढ़ सकती है।
बेसेंट ने ‘फॉक्स बिजनेस’ के साथ बातचीत में मंगलवार को कहा कि चीन के साथ टैरिफ की डेडलाइन 12 अगस्त है, लेकिन इसे बढ़ाए जाने की संभावना है। दोनों पक्षों के बीच अगले सप्ताह की शुरुआत में स्वीडन में एक और दौर की बातचीत होनी है। इस बीच, ट्रंप ने कहा कि जल्द ही वह चीन यात्रा पर जा सकते हैं, जिससे अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों को स्थिर करने के प्रयासों का संकेत मिलता है।
जून में घोषित प्रारंभिक समझौते ने चीन के लिए दुर्लभ खनिजों, उच्च प्रौद्योगिकी और अन्य विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर कुछ प्रतिबंध हटाने का मार्ग प्रशस्त किया। दक्षिण कोरिया और अन्य एशियाई देशों के लिए अभी तक किसी समझौते की कोई खबर नहीं है। एक अगस्त की समयसीमा नजदीक आने से एशिया और अन्य स्थानों के कुछ देशों पर दबाव बढ़ रहा है। दक्षिण कोरिया पर 25 फीसदी और म्यांमा और लाओस से आयात पर 40 फीसदी शुल्क प्रस्तावित किया गया है।
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