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4 min read | अपडेटेड February 02, 2026, 14:21 IST
सारांश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश कर दिया है, जिसमें आम आदमी, किसानों और युवाओं के लिए कई बड़े एलान किए गए हैं। इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव से लेकर मोबाइल और दवाओं के सस्ता होने तक, सरकार ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की है।

बजट 2026 के ये महत्वपूर्ण बदलाव सीधे आपकी रसोई और आपकी बचत पर असर डालेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 के जरिए देश के विकास का नया रोडमैप पेश किया है। इस बजट में आम आदमी की उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए टैक्स से लेकर रोजमर्रा की चीजों तक कई बदलाव किए गए हैं। सरकार का मुख्य फोकस महंगाई पर लगाम लगाने, नए रोजगार पैदा करने और आधुनिक भारत की नींव रखने पर है। बजट की सबसे बड़ी राहत इनकम टैक्स को लेकर आई है, जहां अब टैक्स छिपाने या गड़बड़ी होने पर जेल की सजा नहीं काटनी होगी। 1 अप्रैल 2026 से नया और सरल इनकम टैक्स कानून लागू होने जा रहा है, जो टैक्सपेयर्स की मुश्किलों को कम करेगा।
आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि अब मोबाइल फोन, दवाइयां, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी और खेल का सामान खरीदना सस्ता हो जाएगा। सरकार ने इनके सीमा शुल्क में कटौती की है। वहीं, कैंसर और शुगर की दवाएं सस्ती होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, सिगरेट, विदेशी शराब और लग्जरी सामानों पर बोझ बढ़ेगा। शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए एफएंडओ (F&O) ट्रेडिंग अब महंगी हो गई है। विदेशी यात्रा करने के शौकीनों के लिए टीसीएस (TCS) को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे बाहर घूमना थोड़ा सस्ता होगा।
युवाओं के लिए बजट में नौकरियों की बौछार की गई है। सरकार ने हेल्थ और केयर सेक्टर में 2.5 लाख से ज्यादा नए प्रोफेशनल तैयार करने का लक्ष्य रखा है। देश में 3 नए एम्स और 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब खोले जाएंगे। इसके साथ ही 1.5 लाख युवाओं को स्वास्थ्य सेवाओं में ट्रेनिंग दी जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने और 5 नई यूनिवर्सिटीज खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। छोटे उद्योगों (MSME) को सहारा देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया है, जिससे स्वरोजगार के मौके बढ़ेंगे।
डायनेमिक ऑर्बिट्स के फाउंडर और एमडी बीएल बजाज ने बजट 2026 को MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है। उनके अनुसार, 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड और सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड में 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप कंपनियों की पूंजी संबंधी समस्याओं को दूर करेगा। उन्होंने 12.2 लाख करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर और इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की भी सराहना की है, जो निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगा। बजाज का मानना है कि ये उपाय देश को एक आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने और रोजगार पैदा करने में मदद करेंगे।
देश की तस्वीर बदलने के लिए सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.20 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। रेलवे के क्षेत्र में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का एलान हुआ है, जो बड़े शहरों के बीच की दूरी को कम करेंगे। इसके अलावा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दूरदराज के इलाकों में सी-प्लेन सेवाएं शुरू की जाएंगी। चुनावी राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु के लिए खास प्रोजेक्ट्स और रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सरकार का लक्ष्य रेलवे को हवाई यात्रा के एक तेज और साफ विकल्प के रूप में स्थापित करना है।
भारत को ग्लोबल हब बनाने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन का बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे विदेशों पर हमारी निर्भरता कम होगी। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य की ग्रोथ का इंजन मानते हुए इंडिया AI मिशन को मजबूती दी जाएगी। गूगल और अमेजन जैसी कंपनियों को भारत में डेटा सेंटर बनाने के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने का प्रस्ताव है। बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये की 'बायोफार्मा शक्ति' योजना शुरू होगी। डिफेंस सेक्टर के लिए भी 7.85 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा गया है, जिससे मिसाइलों और फाइटर जेट्स की ताकत बढ़ेगी।
खेती को आधुनिक और मुनाफे वाली बनाने के लिए सरकार ने काजू-बादाम जैसे कैश क्रॉप्स और नई तकनीक पर जोर दिया है। मुफ्त राशन योजना और मनरेगा के लिए खजाना खोल दिया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। महिलाओं के लिए 'लखपति दीदी' योजना को अपग्रेड किया गया है और 'शी-मार्ट्स' (SHE-Marts) के जरिए उन्हें अपने कारोबार की मालकिन बनाने की पहल की गई है। खेल जगत के लिए भी सरकार ने बजट में 1133 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की है, जिससे 'खेलो इंडिया' मिशन को नई उड़ान मिलेगी।
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