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Retail Inflation: खुदरा महंगाई दिसंबर में 3 महीने के उच्च स्तर पर, 1.33% पर पहुंचा आंकड़ा

Upstox

2 min read | अपडेटेड January 12, 2026, 19:06 IST

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सारांश

Retail Inflation: पूरे साल 2025 की बात करें तो औसतन खुदरा महंगाई दर करीब 2.2% रही, जो पिछले एक दशक के सबसे निचले स्तरों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आई तेज गिरावट रही, जिसने महंगाई को काबू में रखा।

Retail Inflation

Retail Inflation: महंगाई में इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह सब्जियों, मांस और मछली, अंडे, मसाले से जुड़ी चीजों की कीमतों में इजाफा रहा।

Retail Inflation: भारत में पिछले महीने यानी दिसंबर में महंगाई बढ़ गई है। यह नवंबर के 0.7 फीसदी से बढ़कर 3 महीने के उच्चतम स्तर 1.33 फीसदी पर पहुंच गई। सरकार ने ये आंकड़े आज 12 जनवरो को जारी किए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी जरूर दिखी है, लेकिन इसके बावजूद यह लगातार चार महीनों से RBI की न्यूनतम सहनशील सीमा 2% से नीचे बनी हुई है।
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पूरे साल 2025 की बात करें तो औसतन खुदरा महंगाई दर करीब 2.2% रही, जो पिछले एक दशक के सबसे निचले स्तरों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आई तेज गिरावट रही, जिसने महंगाई को काबू में रखा।

क्यों बढ़ी दिसंबर में महंगाई?

महंगाई में इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह सब्जियों, मांस और मछली, अंडे, मसाले, दालों और पर्सनल केयर से जुड़ी चीजों की कीमतों में इजाफा रहा। MoSPI के मुताबिक, दिसंबर 2025 में हेडलाइन और फूड इंफ्लेशन में बढ़ोतरी इन्हीं कैटेगरी में कीमतें बढ़ने के कारण हुई।

ICRA की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर का कहना है कि जनवरी 2026 में खाने-पीने की चीजों की महंगाई दोबारा बढ़ सकती है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों से यह डिफ्लेशन में रही है। इससे चार महीने के अंतराल के बाद हेडलाइन महंगाई फिर से 2% के ऊपर जा सकती है।

खाद्य महंगाई, जिसका CPI में करीब 40% वेटेज है, दिसंबर में भी -2.7% के साथ डिफ्लेशन में रही। हालांकि, इसमें गिरावट की रफ्तार नवंबर के -3.9% के मुकाबले कम रही, यानी खाद्य कीमतों में गिरावट अब धीरे-धीरे थम रही है।

वहीं, कोर महंगाई यानी खाने-पीने की चीजों, ईंधन और पेट्रोल-डीजल को छोड़कर CPI दिसंबर में बढ़कर 28 महीनों के उच्च स्तर 4.8% पर पहुंच गई, जबकि नवंबर में यह 4.4% थी। हाल के महीनों में मजबूत आर्थिक वृद्धि और कम महंगाई को देखते हुए RBI ने दिसंबर में 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर कटौती की थी, और अब एक और कटौती की उम्मीदें बन रही हैं।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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