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RBI ने बैंकों के लिए PAT के 75% तक ही डिविडेंड वितरण का रखा प्रस्ताव, आसान भाषा में समझें इसके मायने

Upstox

2 min read | अपडेटेड January 07, 2026, 07:21 IST

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सारांश

इसके साथ ही आरबीआई ने कहा है कि अगर कोई बैंक कानून, नियम या दिशानिर्देशों का पालन नहीं करता है तो डिविडेंड वितरण या लाभ भेजने पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। रिजर्व बैंक ने इस मसौदा प्रस्ताव पर जनता और बैंकों से 5 फरवरी तक सुझाव मांगे हैं।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

RBI ने बैंकों के लिए शुद्ध लाभ के 75 प्रतिशत तक ही लाभांश वितरण का प्रस्ताव रखा

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India, RBI) ने मंगलवार यानी कि 6 जनवरी को बैंकों द्वारा शेयरधारकों को दिए जाने वाले डिविडेंड की सीमा तय करने का प्रस्ताव रखा। इसके तहत कोई भी बैंक अपने नेट प्रॉफिट के 75% से अधिक डिविडेंड नहीं दे पाएगा। रिजर्व बैंक 'डिविडेंड' को इक्विटी शेयरों पर देय राशि के रूप में परिभाषित करता है और इसमें अंतरिम लाभांश (इंटरिम डिविडेंड) शामिल है। लेकिन स्थायी गैर-संचयी तरजीही शेयरों (Perpetual Non-Cumulative Preference Shares) पर दिया जाने वाला डिविडेंड शामिल नहीं है। प्रस्तावित नियम सभी भारतीय बैंकों पर लागू होगा, जबकि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और स्थानीय क्षेत्रीय बैंकों के लिए यह सीमा 80% होगी। आरबीआई ने इस मसौदे में कहा कि डिविडेंड देने से पहले बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ प्लान और पूंजी की स्थिति (Capital position) को ध्यान में रखना होगा।

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इसके अलावा बैंक जिस पीरियड के लिए डिविडेंड देने का प्रस्ताव रख रहा है उस दौरान बैंक के नेट प्रॉफिट का पॉजिटिव होना जरूरी है। भारत में शाखाएं खोलने वाले विदेशी बैंकों के लिए भी यही नियम लागू होगा। ये बैंक केवल पॉजिटिव नेट प्रॉफिट वाले पीरियड के लिए भी अपने हेड ऑफिस को प्रॉफिट भेज सकते हैं। इसके साथ ही आरबीआई ने कहा है कि अगर कोई बैंक कानून, नियम या दिशानिर्देशों का पालन नहीं करता है तो डिविडेंड वितरण या लाभ भेजने पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। रिजर्व बैंक ने इस मसौदा प्रस्ताव पर जनता और बैंकों से 5 फरवरी तक सुझाव मांगे हैं।

मसौदे में कहा गया है, ‘भारत में निगमित कोई भी बैंक निर्धारित सीमा तक डिविडेंड घोषित और भुगतान कर सकता है, लेकिन कुल मिलाकर यह डिविडेंड प्रस्तावित पीरियड के लिए प्राप्त नेट प्रॉफिट (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) के 75% से अधिक नहीं होना चाहिए।’ मसौदे में यह भी कहा गया है कि अगर कोई बैंक लागू कानूनों, विनियमों और दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं करता है, तो रिजर्व बैंक डिविडेंड वितरण या लाभ देने पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। आरबीआई ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और स्थानीय क्षेत्र बैंकों के मामले में नेट प्रॉफिट के 80% की उच्च सीमा प्रस्तावित की है।

PTI इनपुट के साथ
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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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