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RBI Policy Highlights: आरबीआई गवर्नर ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, तिमाही ग्रोथ और महंगाई ने बढ़ाई टेंशन

विकास तिवारी

10 min read | अपडेटेड April 08, 2026, 10:53 IST

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सारांश

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिनों से चल रही बैठक का आज फैसला आ गया है। RBI गवर्नर मल्होत्रा ने कहा है कि महंगाई को लेकर ऊपर की ओर जाने वाले जोखिम अब बढ़ गए हैं, जो चिंता का विषय हो सकता है।

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

RBI Policy Highlights: रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की तीन दिनों की गंभीर चर्चा आज खत्म हो गई है। गवर्नर संजय मल्होत्रा इस नए वित्त वर्ष की पहली पॉलिसी का ऐलान कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि भारत की स्थिति इस ग्लोबल टेंशन में भी मजबूत है, जिसकी वजह से समिति ने रेपो रेट में कोई भी बदलाव ना करने का फैसला लिया है। इससे EMI में कोई भी बदलाव नहीं देखा जाएगा।
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यहां पढ़ें आरबीआई पॉलिसी के हाईलाइट्स:

10:48 AM- बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी और बॉन्ड यील्ड पर RBI का बयान

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि पिछली MPC बैठक के बाद से बैंकिंग सिस्टम में नकदी यानी लिक्विडिटी औसतन 2.3 लाख करोड़ रुपये के सरप्लस में रही है। सरकारी बॉन्ड की यील्ड फरवरी में काफी हद तक एक दायरे में रही, लेकिन उसके बाद वैश्विक तनाव और ऊर्जा की कीमतों में उछाल की वजह से ग्लोबल यील्ड के साथ-साथ इसमें भी बढ़त देखी गई। गवर्नर ने भरोसा दिलाया कि क्रेडिट मार्केट में ट्रांसमिशन संतोषजनक है और वे भविष्य में भी लिक्विडिटी मैनेजमेंट को लेकर सतर्क रहेंगे ताकि अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए सिस्टम में पर्याप्त पैसा बना रहे।

10:40 AM- RBI पॉलिसी के बाद नई ब्याज दरें

RBI की ताजा पॉलिसी बैठक में मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है और पॉलिसी रुख को 'न्यूट्रल' रखा है। इसके बाद रेपो रेट 5.25% पर ही बरकरार है। अन्य दरों की बात करें तो CRR 3% पर है, जबकि SDF रेट 5.00% तय किया गया है। साथ ही MSF रेट और बैंक रेट दोनों ही 5.50% के स्तर पर बने हुए हैं, जिससे फिलहाल लोन की दरों में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

10:36 AM- ग्लोबल ट्रेड और भारत के एक्सपोर्ट पर RBI का बयान

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया है कि टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण 2025 के मुकाबले 2026 में ग्लोबल ट्रेड की ग्रोथ धीमी रहने की आशंका है। इस साल के पहले 2 महीनों में भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट भी पिछले साल के मुकाबले 0.2% घटा है। हालांकि निवेश के मोर्चे पर अच्छी खबर है क्योंकि ग्रॉस FDI में मजबूत बढ़त देखी गई है और नेट FDI करीब 20% बढ़ा है। साथ ही गवर्नर ने साफ किया कि फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में RBI का हस्तक्षेप केवल रुपये में होने वाले भारी उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए है, वे एक्सचेंज रेट के किसी खास लेवल या रेट को टारगेट नहीं कर रहे हैं।

10:30 AM- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए RBI के 3 बड़े कदम

RBI ने कारोबार को आसान बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की है। पहले कदम के तहत बैंकों के बोर्ड के समय का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा ताकि वे महत्वपूर्ण फैसलों पर ज्यादा ध्यान दे सकें। दूसरे उपाय में सुपरवाइजरी निर्देशों का सरलीकरण किया गया है, जिसके तहत 9,000 रेगुलेटरी निर्देशों को समेटकर 238 मास्टर डायरेक्शन में बदला गया है। इसके अलावा, MSME सेक्टर के लिए कामकाज को और अधिक सुलभ और आसान बनाने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं ताकि छोटे उद्योगों को बेहतर माहौल मिल सके।

10:24 AM- FY27 के लिए तिमाही ग्रोथ और महंगाई का पूरा खाका

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विकास और महंगाई दोनों के विस्तृत आंकड़े पेश किए हैं। ग्रोथ की बात करें तो पहली तिमाही में इसके 6.8%, दूसरी में 6.7%, तीसरी में 7% और चौथी तिमाही में बढ़कर 7.2% रहने का अनुमान है। वहीं महंगाई यानी इन्फ्लेशन के मोर्चे पर पहली तिमाही में यह 4% रहेगी, जो दूसरी तिमाही में 4.4% और तीसरी तिमाही में बढ़कर 5.2% तक जा सकती है, हालांकि चौथी तिमाही में इसमें फिर से सुधार होगा और यह गिरकर 4.7% पर आ जाएगी।

10:20 AM- FY27 के लिए GDP और महंगाई दर का अनुमान जारी

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक आंकड़ों का अनुमान साझा किया है, जिसमें रियल GDP ग्रोथ 6.9% रहने की उम्मीद जताई गई है। इसके साथ ही अगले वित्त वर्ष के लिए CPI महंगाई दर यानी रिटेल इन्फ्लेशन का अनुमान 4.6% रखा गया है।

10:17 AM- मजबूत मांग और निवेश से अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि जलाशयों के अच्छे जल स्तर से कृषि क्षेत्र की संभावनाएं बेहतर हुई हैं, वहीं ग्रामीण मांग भी काफी मजबूत बनी हुई है। इस साल प्राइवेट खपत को डिस्क्रेशनरी खर्चों से सहारा मिलेगा और GST के सही होने व सर्विस सेक्टर में उछाल से शहरी खपत और भी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि ज्यादा कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और मजबूत क्रेडिट ग्रोथ की वजह से प्राइवेट सेक्टर के निवेश में सुधार आगे भी जारी रहेगा।

10:15 AM- महंगाई दर कंट्रोल में और लक्ष्य से नीचे: RBI गवर्नर

RBI गवर्नर ने जानकारी दी है कि कुल महंगाई अब पूरी तरह नियंत्रण में है और यह केंद्रीय बैंक के 4% के तय लक्ष्य से भी नीचे आ गई है। और FY27 में महंगाई दर का अनुमान 4.7% रखा गया है।

10:13 AM- भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव काफी मजबूत: RBI गवर्नर

RBI गवर्नर मल्होत्रा ने कहा है कि महंगाई को लेकर ऊपर की ओर जाने वाले जोखिम अब बढ़ गए हैं, जो चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति यानी फंडामेंटल्स काफी मजबूत स्तर पर हैं। उनके अनुसार देश की आर्थिक नींव ठोस होने की वजह से चुनौतियों के बावजूद बाजार में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है।

10:10 AM- पिछले साल की रियल GDP ग्रोथ 7.6% रहने का अनुमान

RBI के ताजा अपडेट के मुताबिक, पिछले साल की रियल GDP ग्रोथ 7.6% रहने का अनुमान लगाया गया है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर यह आंकड़े काफी सकारात्मक नजर आ रहे हैं, जो देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और बेहतर प्रदर्शन को दिखाते हैं। विकास दर की यह स्थिरता बाजार के लिए एक अच्छा संकेत है।

10:07 AM- MPC ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है और इसे 5.25% पर स्थिर रखा है। बाजार की उम्मीदों के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को पुराने स्तर पर ही बनाए रखने का निर्णय लिया है, जिससे होम लोन और अन्य कर्ज की दरों में फिलहाल कोई बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से सप्लाई चेन प्रभावित हुई, लेकिन कई अन्य देशों की तुलना में भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है।

10:04 AM- रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव

गवर्नर ने कहा है कि भारत की स्थिति इस ग्लोबल टेंशन में भी मजबूत है, जिसकी वजह से समिति ने रेपो रेट में कोई भी बदलाव ना करने का फैसला लिया है।

10:00 AM- गवर्नर ने शुरू किया संबोधन

आरबीआई गवर्नर ने संबोधन शुरू कर दिया है। उन्होंने ईरान वॉर से इकोनॉमी पर असर पड़ने की बात कही है। ये भी कहा है कि ग्लोबल ग्रोथ में कमी देखी गई है, और ऑयल मार्केट में कीमतो में उछाल देखा गया है।

09:50 AM- ईरान युद्ध टलने के संकेतों से बुलियन मार्केट में उछाल

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की खबरों के बीच घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी देखी गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर बुधवार को 24 कैरेट सोने का भाव 2.24% बढ़कर 1,53,651 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, वहीं चांदी 5.24% की भारी उछाल के साथ 2,43,478 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह तेजी डोनाल्ड ट्रंप के उस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका 2 हफ्तों के लिए ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोक देगा क्योंकि मुख्य सैन्य लक्ष्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।

09:38 AM- RBI ने बैंकों के लिए जारी किया नोटिफिकेशन

RBI ने बैंकों को ऑनशोर रुपया पोजीशन कम करने के लिए कहा है, जिससे राधिका राव का मानना है कि करेंसी को शॉर्ट टर्म में मजबूती मिलेगी। सरकार ने 2026-27 की पहली छमाही (1HFY27) के लिए सरकारी बॉन्ड यानी G-Sec की उधारी का लक्ष्य 8.2 लाख करोड़ रुपये रखा है। इसमें बाजार की उम्मीदों के हिसाब से 10 साल से कम वाली अवधि के बॉन्ड की हिस्सेदारी बढ़ाई गई है। हालांकि बॉन्ड मार्केट के लिए यह कैलेंडर एक अच्छी खबर थी, लेकिन दुनिया भर में बढ़ते तनाव, राज्यों द्वारा की जा रही भारी उधारी और राजकोषीय दबाव की वजह से बॉन्ड यील्ड में नरमी नहीं आई और वह मजबूती पर टिकी रही।

09:15 AM- संजय मल्होत्रा के सामने बड़ी चुनौतियां

गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में हो रही इस पहली बड़ी बैठक में समिति के सामने कई पेचीदा सवाल हैं। सबसे बड़ी चुनौती अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं, जो 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। इसके अलावा भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 93 के पार चला गया है। रुपये की इस कमजोरी की वजह से बाहर से आने वाला सामान महंगा हो गया है, जिससे देश के अंदर महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इन सभी हालातों को देखते हुए संजय मल्होत्रा और उनकी टीम को विकास और महंगाई के बीच एक बहुत ही बारीक संतुलन बनाना होगा।

08:50 AM- पॉलिसी कमेंट्री पर रहेगी नजर

सिर्फ ब्याज दरों का फैसला ही नहीं, बल्कि गवर्नर संजय मल्होत्रा की कमेंट्री भी बहुत मायने रखेगी। उनके भाषण से यह संकेत मिलेगा कि आने वाले महीनों में आरबीआई का रुख क्या रहने वाला है। क्या बैंक भविष्य में दरें घटाने की योजना बना रहा है या फिर अभी लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची ही बनी रहेंगी। इनवेस्टर्स के लिए यह जानना बहुत जरूरी है क्योंकि इसी से शेयर बाजार और अन्य निवेशों की दिशा तय होगी। सुबह 10 बजे जैसे ही गवर्नर बोलना शुरू करेंगे, पूरे देश की निगाहें उन पर टिकी होंगी। फिलहाल, बाजार ने दरों में कोई बदलाव न होने की उम्मीद को पहले ही पचा लिया है, लेकिन अगर कोई सरप्राइज मिलता है तो मार्केट में बड़ी हलचल दिख सकती है।

08:12 AM- होम लोन और ईएमआई पर क्या होगा असर

आम आदमी के लिए आरबीआई की इस बैठक का सबसे ज्यादा जुड़ाव उनके बैंक लोन से होता है। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई अन्य बैंकों को कर्ज देता है। जब रेपो रेट कम होता है, तो बैंकों के लिए फंड जुटाना सस्ता हो जाता है और वे इसका फायदा अपने ग्राहकों को देते हैं। इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें कम हो जाती हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा ग्लोबल अनिश्चितता को देखते हुए संजय मल्होत्रा शायद अभी दरों में कटौती का रिस्क न लें। अगर आज दरों को स्थिर रखा जाता है, तो ईएमआई का बोझ कम होने के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।

08:00 AM- इकोनॉमिस्ट्स और एक्सपर्ट्स की राय

बाजार के जानकारों का मानना है कि आरबीआई इस समय काफी सतर्क रुख अपनाएगा। इक्रा की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए आरबीआई अप्रैल की इस पॉलिसी में दरों में बदलाव नहीं करेगा। वह पहले महंगाई के आंकड़ों को करीब से देखेगा और उसके बाद ही कोई एक्शन लेगा। एसबीआई के चीफ इकोनॉमिस्ट सौम्य कांति घोष ने भी कहा है कि भारत इस समय ग्लोबल संकट के असर को महसूस कर रहा है, जिससे राज्यों में इंपोर्टेड महंगाई बढ़ने का डर है। इन सभी बातों का असर आज के फैसले पर साफ दिखेगा।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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