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  1. ईरान के हमले से कतर की गैस ताकत हुई कम, मरम्मत में लगेंगे 5 साल, कंपनी के CEO का बड़ा बयान

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ईरान के हमले से कतर की गैस ताकत हुई कम, मरम्मत में लगेंगे 5 साल, कंपनी के CEO का बड़ा बयान

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 20, 2026, 07:40 IST

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सारांश

ईरान के हमले ने दुनिया के सबसे बड़े LNG सप्लायर कतरएनर्जी को हिला दिया है। इस हमले की वजह से कंपनी की गैस एक्सपोर्ट कैपेसिटी में 17 पर्सेंट की बड़ी गिरावट आई है। कतर के CEO के मुताबिक, इन खराब हुई सुविधाओं को पूरी तरह ठीक करने में अब 3 से 5 साल का लंबा समय लग सकता है।

LNG टैंकर

कतर ने ठप्प किया LNG प्रोडक्शन

दुनिया के सबसे बड़े गैस सप्लायर कतर के ऊपर हुए एक बड़े हमले ने पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट में खलबली मचा दी है। ईरान की ओर से किए गए इस हमले में कतर की गैस सुविधाओं को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कतरएनर्जी, जो दुनिया भर में LNG की सप्लाई करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है, उसने इस हमले के बाद अपनी हालत और नुकसान के बारे में जानकारी दी है। इस घटना ने न केवल कतर को चोट पहुंचाई है, बल्कि पूरी दुनिया की गैस सप्लाई चेन को भी खतरे में डाल दिया है।

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गैस सप्लाई को लगा बड़ा झटका

कतरएनर्जी के CEO साद अल-काबी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि ईरान के इस हमले ने कंपनी की गैस एक्सपोर्ट कैपेसिटी को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि इस हमले की वजह से कंपनी की कुल क्षमता में से 17 पर्सेंट हिस्सा पूरी तरह से खत्म हो गया है। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गैस की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका पैदा हो गई है। कतर दुनिया का एक अहम गैस सप्लायर है, इसलिए उसकी कैपेसिटी में इतनी बड़ी कटौती होना ग्लोबल इकोनॉमी के लिए एक चिंता का विषय बन गया है।

मरम्मत में लगेगा लंबा समय

नुकसान के आंकलन के बाद जो सबसे बड़ी चुनौती सामने आई है, वह है खराब हुए प्लांट और इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से ठीक करना। साद अल-काबी ने साफ किया है कि हमला काफी जोरदार था और इससे प्लांट की मशीनरी को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि कतरएनर्जी को इन खराब हुई सुविधाओं की मरम्मत करने में कम से कम 3 से 5 साल का समय लग सकता है। यानी अगले कई सालों तक कतर अपनी पूरी क्षमता के साथ दुनिया को गैस सप्लाई नहीं कर पाएगा। इतने लंबे समय तक सप्लाई कम रहने का असर कई देशों के पावर प्लांट और उद्योगों पर पड़ना तय माना जा रहा है।

CEO ने जताया गहरा दुख

हमले के बाद अपनी बात रखते हुए CEO साद अल-काबी काफी भावुक और हैरान नजर आए। उन्होंने इस हमले के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अपने सपनों में भी कभी ऐसा नहीं सोचा था कि कतर पर हमला होगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि यह हमला रमजान के पाक महीने के दौरान किया गया है। काबी ने दुख जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात का बहुत मलाल है कि एक भाई जैसे मुस्लिम देश ने कतर के ऊपर इस तरह का हमला किया है। उनके बयान से साफ पता चलता है कि कतर इस हमले के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था और यह उनके लिए एक बड़े सदमे जैसा है।

ईरान और कतर के बीच हुए इस तनाव ने अब दुनिया भर के एनर्जी एक्सपर्ट्स को सोचने पर मजबूर कर दिया है। 17 पर्सेंट एक्सपोर्ट कैपेसिटी का कम होना और उसे ठीक करने में लगने वाला 5 साल का लंबा वक्त, ग्लोबल मार्केट के फ्यूचर पर बड़ा असर डालेगा। बता दें कि भारत इसी कंपनी से अपनी जरूरत का 40 फीसदी LNG खरीदता है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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