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PLI स्कीम रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट बढ़ाई गई, MSMEs की भागीदारी बढ़ाने का इरादा

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड February 10, 2026, 15:10 IST

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सारांश

Production Linked Incentive (PLI) Scheme: सरकार ने 1 अगस्त, 2025 से नए आवेदनों को स्वीकार करने के लिए आवेदन पोर्टल को फिर से खोल दिया है और इसकी लास्ट डेट 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दी गई है।

PLI स्कीम

पीएलआई स्कीम रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट बढ़ाई गई

भारत सरकार मानव निर्मित फाइबर (Man-Made Fibre, MMF) परिधान, एमएमएफ फैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल की मैनुफैक्चरिंग में निवेश और विस्तार को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (Production Linked Incentive, PLI) योजना लागू कर रही है। इस स्कीम में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, खासतौर से लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की भागीदारी बढ़ाने के लिए, 9 अक्टूबर 2025 की संशोधन अधिसूचना के माध्यम से योजना को और अधिक आकर्षक बनाया गया है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:-

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न्यूनतम निवेश सीमा में 50% की कमी

बढ़ते कारोबार के मानदंड को 25% से घटाकर 10% करना

एमएमएफ परिधान और कपड़े के 17 नए प्रोडक्ट्स को शामिल करके अधिसूचित उत्पाद बास्केट का विस्तार करना

योजना का लाभ उठाने के लिए नई कंपनी स्थापित करने की शर्त में छूट देना

सरकार ने 1 अगस्त, 2025 से नए आवेदनों को स्वीकार करने के लिए आवेदन पोर्टल को फिर से खोल दिया है और इसकी लास्ट डेट 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दी गई है। यह कदम उद्योग जगत से प्राप्त महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया को देखते हुए और पात्र आवेदकों को हाल के संशोधनों का लाभ उठाने के लिए अतिरिक्त समय देकर मध्यम आकार की कंपनियों की व्यापक भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए उठाया गया है। योजना में किए गए संशोधनों का उद्देश्य संपूर्ण एमएमएफ वैल्यू चेन में निवेश को प्रोत्साहित करना और एमएमएफ परिधान, कपड़े और टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स के उत्पादन को बढ़ाना है। इन संशोधनों के बाद, पोर्टल पर अब तक 84 नए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 10,789 करोड़ रुपये के निवेश, 44,081 करोड़ रुपये के कारोबार और लगभग 86,740 नए रोजगारों के सृजन की परिकल्पना की गई है।

पीएलआई योजना के कार्यान्वयन की नियमित निगरानी और समीक्षा मंत्रालय, डीपीआईआईटी (सभी पीएलआई योजनाओं के लिए नोडल विभाग) और सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएस) के स्तर पर की जाती है। इसके अलावा, जमीनी स्तर पर प्रॉपर वेरिफिकेशन के लिए एक परियोजना प्रबंधन एजेंसी (पीएमए) नियुक्त की गई है। योजना से संबंधित डेटा और प्रदर्शन मापदंडों के लिए एक केंद्रीकृत भंडार के रूप में कार्य करने के लिए एक समर्पित पीएलआई पोर्टल बनाया गया है। साथ ही, योजना की प्रगति का नियमित रूप से आकलन करने के लिए इसे नीति आयोग के आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क के साथ एकीकृत किया गया है।

संतुलित क्षेत्रीय विकास और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, वस्त्रों के लिए पीएलआई योजना के तहत चयनित 91 कंपनियों द्वारा 17 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में कुल 113 मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित की जा रही हैं, ताकि देश में एमएमएफ परिधान और कपड़े और टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा, सरकार देश में वस्त्र क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अखिल भारतीय स्तर पर अवसंरचना विकास, बाजार विकास, निर्यात प्रोत्साहन और कौशल विकास से संबंधित कई स्कीम लागू कर रही है। यह जानकारी वस्त्र राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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