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Petrol-Diesel Rate: कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग से क्या बढ़े हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? यहां करें चेक

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड March 04, 2026, 10:52 IST

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सारांश

Petrol-Diesel Rate: ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध फिलहाल थम नहीं रहा है और ऐसे में कच्चे तेल का भाव तेजी से बढ़ रहा है। ब्रेंट ऑयल फ्यूचर आज बढ़कर 82.72 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। ऐसे में क्या भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर असर दिखा है?

पेट्रोल-डीजल प्राइस

क्या कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से बढ़ा भारत में पेट्रोल-डीजल का दाम?

Petrol-Diesel Rate: ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध ने पूरी दुनिया की इकॉनमी को झटका दिया है। दुनिया भर के ज्यादातर स्टॉक मार्केट डाउन हैं और साथ ही तेल संकट भी गहरा रहा है। इस युद्ध के चक्कर में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाली तेल और एलएनजी की आवाजाही ठप हो गई है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। ब्रेंट ऑयल फ्यूचर 1.5% के आसपास बढ़कर 82.5 डॉलर से ज्यादा प्रति बैरल हो गया है, लेकिन क्या इसका असर भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतों पर पड़ा है? चलिए समझते हैं। भारत के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमत का असर पेट्रोल और डीजल के दाम पर नहीं पड़ा है। भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की आज की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर है, वहीं डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में पिछले दो दिनों में 12% तक का उछाल देखा गया है।

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अमेरिका में पेट्रोल की कीमत पर पड़ा क्या असर?

अमेरिका में एक गैलन पेट्रोल की औसत कीमत रातोंरात 11 सेंट बढ़कर लगभग 3.11 डॉलर हो गई। वाहन संघ 'अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (एएए)' ने यह जानकारी दी। अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने से पहले ही पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही थीं, क्योंकि तेल कंपनियां गर्मियों के लिए अलग तरह का ईंधन तैयार कर रही हैं। लेकिन युद्ध के कारण इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतें पिछले एक साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। इसकी मुख्य वजह ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमले हैं, जिनमें सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास पर किया गया ड्रोन हमला भी शामिल है। अमेरिका के प्रमुख कच्चे तेल की कीमत 8.6 प्रतिशत बढ़कर 77.36 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

क्या है भारत की स्थिति?

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष और तनाव के बीच भारत सरकार के शीर्ष सूत्रों ने आश्वस्त किया है कि देश के पास पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधनों की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए छह से आठ सप्ताह का पर्याप्त भंडार मौजूद है। भारत के कच्चे तेल और एलपीजी आयात का लगभग आधा हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होकर गुजरता है। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में रुकावट आई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकार निरंतर स्थिति की निगरानी कर रही है और इस संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश के पास वर्तमान में लगभग 25 दिन की खपत के बराबर कच्चे तेल और इतनी ही अवधि के लिए तैयार ईंधन का भंडार उपलब्ध है। हालांकि, तत्काल कमी की संभावना नहीं है, लेकिन कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल और परिवहन लागत में वृद्धि से भारत के आयात बिल और मुद्रास्फीति पर प्रभाव पड़ सकता है।

PTI इनपुट के साथ
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लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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