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क्या बजट 2026-27 में पूंजीगत खर्च बढ़ने की है उम्मीद, क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

Upstox

2 min read | अपडेटेड January 14, 2026, 18:08 IST

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सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 के लिए पूंजीगत खर्च के रूप में 11.21 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा था। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के अनुसार निजी पूंजीगत खर्च के साथ समस्या यह रही है कि यह असमान है, और सभी सेक्टरों में धीमा नहीं है।

बजट 2026

पूंजीगत खर्च को लेकर बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?

प्राइवेट सेक्टर के सतर्क बने रहने के बीच सरकार आगामी बजट में पूंजीगत खर्च पर अपना ध्यान जारी रख सकती है और इसमें मौजूदा 11.21 लाख करोड़ रुपये से 10-15% की वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों की माने तो आगामी बजट में पब्लिक पूंजीगत खर्च बढ़ाने के लिए काफी गुंजाइश होगी और सरकार को इस मौके का लाभ उठाना चाहिए। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का आम बजट 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा। पीडब्ल्यूसी (पीडब्ल्यूसी) के भागीदार और आर्थिक सलाहकार सेवा प्रमुख रानेन बनर्जी ने कहा कि उनका मानना है कि अर्थव्यवस्था में पूंजीगत खर्च को खपाने की क्षमता बहुत अधिक नहीं है।

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बजट 2025-26 के लिए कितने पूजींगत खर्च का रखा गया था प्रस्ताव?

उन्होंने कहा, ‘अगर आप इसे रातों-रात 30% बढ़ाना चाहते हैं, तो यह नहीं होने वाला है, क्योंकि इसके लिए आपको निर्माण कंपनियों की क्षमता, भारी मशीनरी की क्षमता और बहुत सारी मशीनों की आवश्यकता होती है।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए, यह रातों-रात 30% नहीं बढ़ सकता। हमारा मानना है कि पूंजीगत खर्च में लगभग 10% की वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है और हम लगभग 12,000 अरब रुपये के आवंटन की उम्मीद कर रहे हैं।’ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 के लिए पूंजीगत खर्च के रूप में 11.21 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा था।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के अनुसार निजी पूंजीगत खर्च के साथ समस्या यह रही है कि यह असमान है, और सभी सेक्टरों में धीमा नहीं है। सीमेंट और स्टील जैसे पारंपरिक सेक्टर एक्सपेंशन के लिए पैसा लगा रहे हैं, क्योंकि यह एक्स्ट्रा क्षमता बढ़े हुए सार्वजनिक निवेश का परिणाम है, जो निजी सेक्टर के लिए मांग पैदा कर रहा है।

किन सेक्टरों में बढ़ रहा पूंजीगत खर्च?

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे नए सेक्टरों में काफी सकारात्मकता और पूंजीगत खर्च में वृद्धि देखी जा रही है, जबकि निर्यात उन्मुख क्षेत्र और आयात से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने वाले सेक्टर अधिक चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे हैं। नायर ने कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में उच्च सरकारी पूंजीगत व्यय की दिशा में काफी तेजी देखी जाएगी।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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