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2035 तक भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट $300 अरब तक होने का अनुमान, डेलॉयट की रिपोर्ट में और क्या-क्या?

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 18, 2026, 16:12 IST

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सारांश

रिपोर्ट में हालांकि आगाह किया गया है कि इस प्रगति को बनाए रखने के लिए प्रभावी इम्प्लिमेंटेशन जरूरी होगा। इसके लिए नीतिगत ढांचे को समयबद्ध प्रोत्साहन योजना से आगे बढ़ाकर स्थायी राष्ट्रीय कार्यक्रम में बदलने और केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

सेमीकंडक्टर

आने वाले समय में सेमीकंडक्टर मार्केट में दिखने वाली है जबर्दस्त ग्रोथ

भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 2030 तक करीब तीन गुना होकर 120 अरब डॉलर और 2035 तक 300 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह वृद्धि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मोटर गाड़ी सेक्टर और डेटा सेंटर के तेजी से विस्तार से प्रेरित होगी। लेखा एवं परामर्श कंपनी डेलॉयट की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। ‘टेक्नोलॉजी, मीडिया एंड टेलीकम्युनिकेशंस प्रेडिक्शंस 2026’ रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा समय में भारत अपनी 90% से अधिक सेमीकंडक्टर जरूरतों का आयात करता है, लेकिन 2035 तक इसमें बड़ा बदलाव आने की संभावना है। घरेलू उत्पादन तब तक देश की 60% से अधिक मांग को पूरा कर सकता है।

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क्या कुछ है रिपोर्ट में

रिपोर्ट कहती है कि फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 45-50 अरब डॉलर के बीच आंका गया है। पिछले तीन सालों में इसकी वार्षिक वृद्धि दर करीब 20% रही है। एआई, मोटर गाड़ी, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक मैनुफैक्चरिंग के दम पर मार्केट 2030 तक 120 अरब डॉलर और 2035 तक 300 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक मोबाइल फोन, मोटर गाड़ी, कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर 2035 तक देश की कुल सेमीकंडक्टर डिमांड का 70% से अधिक हिस्सा बनेंगे। अब तक इस सेक्टर में 10 स्वीकृत परियोजनाओं के जरिए 19 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आया है।

2035 तक इस सेक्टर में जमकर मिलेगा रोजगार भी

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले पांच सालों में इस इंडस्ट्री में 50 अरब डॉलर का एक्स्ट्रा इन्वेस्टमेंट आने का अनुमान है जबकि 2030 से 2035 के बीच 75-80 अरब डॉलर का निवेश और हो सकता है जिससे पूरे परिवेश का विस्तार होगा। इस विस्तार से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी होगा। 2035 तक इस सेक्टर में करीब 20 लाख नौकरियां पैदा होने का अनुमान है, जिनमें 30% मैनुफैक्चरिंग, 30% डिजाइन सर्विसेज और 40% अन्य वैल्यू चेन गतिविधियों में होंगी।

केंद्र और राज्य को मिलकर करना होगा काम

रिपोर्ट में हालांकि आगाह किया गया है कि इस प्रगति को बनाए रखने के लिए प्रभावी इम्प्लिमेंटेशन जरूरी होगा। इसके लिए नीतिगत ढांचे को समयबद्ध प्रोत्साहन योजना से आगे बढ़ाकर स्थायी राष्ट्रीय कार्यक्रम में बदलने और केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

PTI इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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