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3 min read | अपडेटेड March 20, 2026, 09:42 IST
सारांश
गुरुग्राम के निवासियों के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने एक शानदार सुविधा शुरू की है। सोहना के सेक्टर 33 में देश का पहला एलपीजी एटीएम लगाया गया है। इस ऑटोमेटेड मशीन के जरिए अब लोग सिर्फ दो से तीन मिनट के भीतर अपना गैस सिलेंडर रिफिल कर सकते हैं।

गुरुग्राम में खुला देश का पहला एलपीजी एटीएम।
गुरुग्राम के सोहना में रहने वाले लोगों के लिए अब खाना पकाने वाली गैस की चिंता बीते दिनों की बात होने वाली है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी बीपीसीएल ने एक बहुत ही आधुनिक कदम उठाते हुए भारत का पहला एलपीजी एटीएम लॉन्च कर दिया है। यह खास मशीन सोहना के सेक्टर 33 में सेंट्रल पार्क फ्लावर वैली में लगाई गई है। इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी भी सामान्य एटीएम की तरह काम करती है, बस फर्क यह है कि यहां से पैसे नहीं बल्कि गैस सिलेंडर निकलता है। अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी के चक्कर लगाने या डिलीवरी बॉय का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस एलपीजी एटीएम का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है और इसमें सारा काम डिजिटल तरीके से होता है। जो लोग भारतगैस के रजिस्टर्ड कस्टमर हैं, वे इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। सबसे पहले आपको मशीन पर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद आपके फोन पर एक ओटीपी आएगा। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद आपको अपने खाली सिलेंडर का क्यूआर कोड या बारकोड स्कैन करना होगा। इसके बाद आप यूपीआई या डेबिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। जैसे ही पेमेंट सफल होगा, मशीन आपके खाली सिलेंडर को अंदर ले लेगी और दूसरी तरफ से एक भरा हुआ सिलेंडर बाहर निकाल देगी। यह पूरी प्रक्रिया मात्र दो से तीन मिनट में पूरी हो जाती है।
अक्सर घरों में इस्तेमाल होने वाले लोहे के सिलेंडर काफी भारी होते हैं और उनका वजन लगभग 31 किलोग्राम के आसपास होता है। लेकिन इस एटीएम से मिलने वाले सिलेंडर काफी अलग और एडवांस हैं। बीपीसीएल इस मशीन के जरिए कंपोजिट सिलेंडर दे रहा है, जिनका वजन मात्र 15 किलोग्राम के आसपास होता है। इन सिलेंडरों की बॉडी पारदर्शी होती है, जिससे आप आसानी से देख सकते हैं कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है। अधिकारियों का कहना है कि ये सिलेंडर लोहे के सिलेंडरों के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित हैं। इनमें जंग लगने का डर नहीं रहता और ये पूरी तरह से डस्ट फ्री होते हैं। हल्का होने की वजह से इन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी काफी आसान है।
इस एलपीजी एटीएम की क्षमता एक बार में 10 सिलेंडर रखने की है। बीपीसीएल ने इसके लिए एक स्मार्ट सिस्टम बनाया है। जैसे ही मशीन में सिलेंडरों की संख्या दो से कम होती है, नजदीकी गैस एजेंसी को तुरंत एक अलर्ट मैसेज चला जाता है। इसके बाद एजेंसी के कर्मचारी आकर मशीन को फिर से भर देते हैं। हालांकि 6 मार्च को इसकी शुरुआत होने के बाद से अभी तक केवल कुछ ही सिलेंडर यहां से लिए गए हैं, क्योंकि लोगों के बीच अभी इस सुविधा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
बीपीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि यह अभी एक पायलट प्रोजेक्ट है। अगर गुरुग्राम में यह प्रयोग सफल रहता है और लोगों को यह तरीका पसंद आता है, तो आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर के अन्य इलाकों में भी ऐसे ही एलपीजी एटीएम लगाए जा सकते हैं। इस सुविधा का इस्तेमाल करने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि यह डिलीवरी शेड्यूल के मुकाबले एक बहुत ही बेहतरीन विकल्प है। खास तौर पर जब कभी गैस की सप्लाई में दिक्कत आती है, तब यह एटीएम लोगों के लिए लाइफलाइन साबित हो सकता है। बता दें कि भारत अपनी जरूरत की काफी गैस मिडिल ईस्ट से इंपोर्ट करता है, ऐसे में सप्लाई चेन में आने वाली किसी भी रुकावट के दौरान ये मशीनें काफी काम आएंगी।
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