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3 min read | अपडेटेड March 18, 2026, 13:31 IST
सारांश
निर्मला सीतारमण ने यह भी बताया कि पूर्व सरकार के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों पर नकद सब्सिडी के बदले तेल मार्केटिंग कंपनियों को जारी किए गए 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बॉन्ड का सरकार निपटान कर रही है। इन बॉन्ड पर ब्याज दर 7 से 8.4% के बीच थी।

घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ने से घरों में आपूर्ति सुनिश्चित होगी: निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 17 मार्च को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच घरों में रसोई गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने को लेकर एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। सीतारमण ने राज्यसभा में अनुदान संबंधी अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि देश में खरीफ फसल के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है और अगली रबी फसल के लिए पोषक तत्वों की खरीद को लेकर वैश्विक बोली प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व सरकार के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों पर नकद सब्सिडी के बदले तेल मार्केटिंग कंपनियों को जारी किए गए 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बॉन्ड का सरकार निपटान कर रही है। इन बॉन्ड पर ब्याज दर 7 से 8.4% के बीच थी।
देश में एलपीजी की किल्लत के बारे में उन्होंने कहा, ‘भारत अपनी घरेलू एलपीजी जरूरतों का लगभग 65% आयात करता है। पश्चिम एशिया संकट ने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। एलपीजी आयात का लगभग 90% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से आता है। इससे, यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि हमें एलपीजी मिलेगी या नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘इन संकट के समय में हम किस तरह सप्लाई को सुचारु रूप से सुनिश्चित कर रहे हैं, इस बारे में पर्याप्त रिपोर्ट मौजूद हैं।’ सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भरता पर जोर देने तथा भारत की बुनियादी मांगों को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों से देश को मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि देश ने अपने बिजली क्षेत्र का व्यापक विकास किया है। यह कई तरह से जरूरतों को पूरा कर रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 से स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता दोगुनी से अधिक हो गई है और अब देश में बिजली की कोई कमी नहीं है। सीतारमण ने कहा, ‘एलपीजी सेक्टर में भी हम क्षमता निर्माण कर रहे हैं और इस समय भी, एलपीजी में घरेलू क्षमता बढ़ाने का हमारा जो प्रयास है, उससे भी मदद मिल रही है।’ सरकार ने 8 मार्च को तेल रिफाइनरियों और पेट्रोरसायन परिसरों को एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने का निर्देश दिया था।
उन्होंने कहा, ‘परिणामस्वरूप, घरेलू स्तर पर भी हम एलपीजी सप्लाई के लिए क्षमता बढ़ा रहे हैं और घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन में लगभग 25% की वृद्धि हो रही है।’ इस बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता का पूरा हिस्सा घरेलू उपभोक्ताओं को जाएगा। उन्होंने कहा, ‘इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि परिवारों को परेशानी न हो, न केवल शिपिंग लाइन की निरंतर आवाजाही जारी है, बल्कि हमने घरेलू स्तर पर भी एलपीजी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए अन्य हाइड्रोकार्बन पदार्थों से एलपीजी उत्पादन की ओर रुख किया है।’ मंत्री ने सदन में कहा, ‘इसके परिणामस्वरूप, घरेलू आपूर्ति पर्याप्त रूप से व्यवस्थित होगी और आपूर्ति स्थिर बनी रहेगी।’
उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में रातोंरात 25% की वृद्धि करने की क्षमता, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की उपलब्धता और समग्र ऊर्जा मिश्रण में जीवाश्म ईंधन (कोयला आदि) की घटती हिस्सेदारी संयोगवश नहीं हुई है। सीतरमण ने कहा, ‘सरकार के स्थिर नीतिगत दृष्टिकोण की ही वजह से हम किसी भी स्थिति में अचानक सुधार करने में सक्षम हुए हैं, जिससे अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता पड़ने पर हम उसका लाभ उठा सकते हैं। यह प्रधानमंत्री द्वारा 2014 में शुरू की गई ऊर्जा बदलाव रणनीति का परिणाम है।’
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