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  1. इस राज्य के श्रमिकों का मेहनताना करीब 35% बढ़ाने का ऐलान, PDS में भी कई सुधारों को मिली मंजूरी

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इस राज्य के श्रमिकों का मेहनताना करीब 35% बढ़ाने का ऐलान, PDS में भी कई सुधारों को मिली मंजूरी

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 09, 2026, 09:52 IST

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सारांश

राज्य सरकार ने अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम पारिश्रमिक 11,274.60 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रति माह कर दिया है। विज ने कहा कि न्यूनतम पारिश्रमिक बढ़ाने का फैसला यहां राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया और यह 1 अप्रैल से प्रभावी होगा।

श्रमिकों का मेहनताना

हरियाणा सरकार ने राज्य के श्रमिकों को दिया तोहफा

हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम पारिश्रमिक 11,274.60 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रति माह कर दिया है। विज ने कहा कि न्यूनतम पारिश्रमिक बढ़ाने का फैसला यहां राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया और यह 1 अप्रैल से प्रभावी होगा। मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई, जिन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा कि इस फैसले से राज्य के लाखों अकुशल श्रमिकों को सीधा लाभ होगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विधानसभा के बजट सेशन के दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि एक विशेषज्ञ समिति ने अकुशल श्रमिकों के न्यूनतम पारिश्रमिक में वृद्धि की सिफारिश की है।

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मंत्रिमंडल के निर्णय के बारे में विस्तृत विवरण देते हुए विज ने कहा कि अकुशल श्रमिकों के पारिश्रमिक में 11,274.60 रुपये से 15,220 रुपये की वृद्धि की गई है, जो लगभग 35% की बढ़ोतरी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अर्ध-कुशल श्रमिकों का पारिश्रमिक 12,430.18 रुपये से बढ़ाकर 16,780.74 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जिसमें लगभग 35% की वृद्धि हुई है। विज ने कहा कि कुशल श्रमिकों का पारिश्रमिक 13,704.31 रुपये से बढ़ाकर 18,500.81 रुपये कर दिया गया है, जो लगभग 35% की वृद्धि है।

इसी तरह, अत्यधिक कुशल श्रमिकों का पारिश्रमिक 14,389.52 रुपये से बढ़ाकर 19,425.85 रुपये कर दिया गया है, जो 5,036.33 रुपये या लगभग 35% की वृद्धि दर्शाता है।

हरियाणा में PDS के नियमों में भी कई बदलावों को मंजूरी

हरियाणा मंत्रिमंडल ने राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System, PDS) के कामकाज को और मजबूत और आसान बनाने के लिए कई संशोधनों को मंजूरी दी। राज्य मंत्रिमंडल ने सरकारी राशन की दुकानों के लाइसेंस देने में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की व्यवस्था को तर्कसंगत बनाने का फैसला किया है। इस आरक्षण को ‘रोस्टर’ के आधार पर लागू किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि हर तीसरा लाइसेंस महिलाओं के लिए आरक्षित हो। महिलाओं के लिए निर्धारित कोटे में, एसिड अटैक की शिकार महिलाओं, महिला स्वयं सहायता समूह (हर ब्लॉक में कम से कम एक), विधवाओं और तलाकशुदा या एकल मां, अनुसूचित जाति या पिछड़ा वर्ग और सामान्य श्रेणी की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने हरियाणा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (लाइसेंसिंग एवं कंट्रोल) संशोधन आदेश, 2026 को मंजूरी दी जो मौजूदा हरियाणा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (लाइसेंसिंग एवं कंट्रोल) आदेश, 2022 में बदलाव करता है। ये बदलाव पूरे राज्य में सरकारी राशन दुकानों के आवंटन और परिचालन में पारदर्शिता बढ़ाने, कार्यक्षमता में सुधार करने और ज़्यादा जवाबदेही पक्का करने के मकसद से लाए गए हैं। एक सरकारी बयान में कहा गया कि ये खासकर महिलाओं को व्यवस्था में हिस्सा लेने के लिए बढ़ावा देकर, सबको शामिल करने और ज्यादा हिस्सेदारी को बढ़ावा देने की भी कोशिश करते हैं।

भाषा इनपुट के साथ

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