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GST Council की दो दिन की मीटिंग आज से शुरू, 10 प्वॉइंट्स में समझें हर जरूरी बात

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 03, 2025, 09:00 IST

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सारांश

सरकार ने GST में बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया है। अब टैक्स की सिर्फ दो दरें होंगी – 5% और 18%। जरूरी सामान पर 5% टैक्स लगेगा, जबकि बाकी सामान पर 18% टैक्स लगेगा। इसके अलावा, तंबाकू और लग्जरी गाड़ियों जैसे कुछ महंगे और नुकसानदेह सामानों पर 40% ‘sin tax’ लगाया जाएगा। ऐसे सामानों की संख्या लगभग 5-7 होगी।

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GST काउंसिल में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल हैं।

GST Council Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल की दो दिन की बैठक आज से शुरू हो रही है। इस मीटिंग में सरकार टैक्स स्ट्रक्चर में बड़े सुधार पर फैसला लेगी, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। ऐसे में आम जनता की नजर आज इस मीटिंग पर बनी रहेगी।
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GST काउंसिल में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल हैं। यहां हमने बताया है कि GST काउंसिल की आज की मीटिंग अहम क्यों है और इसमें कौन से फैसले लिए जा सकते हैं।

  1. इस बैठक में दरों को युक्तिसंगत बनाने के साथ-साथ कंपनसेशन सेस और हेल्थ एंड लाइफ इंश्योरेंस से जुड़ी सिफारिशों पर चर्चा भी होगी। सरकार ने जीएसटी में बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया है।
  2. अब टैक्स की सिर्फ दो दरें होंगी – 5% और 18%। जरूरी सामान पर 5% टैक्स लगेगा, जबकि बाकी सामान पर 18% टैक्स लगेगा। इसके अलावा, तंबाकू और लग्जरी गाड़ियों जैसे कुछ महंगे और नुकसानदेह सामानों पर 40% ‘sin tax’ लगाया जाएगा। ऐसे सामानों की संख्या लगभग 5-7 होगी।
  3. अभी जीएसटी में चार टैक्स स्लैब हैं – 5%, 12%, 18% और 28%। सरकार की योजना है कि 28% टैक्स वाले ज्यादातर सामान को 18% में लाया जाए और रोजमर्रा के सामान को 12% से घटाकर 5% में शामिल किया जाए।
  4. इस बदलाव से मिडिल क्लास की खपत बढ़ने की उम्मीद है, जिससे बाजार में रौनक आएगी। टैक्स में कमी से भले ही लगभग ₹50,000 करोड़ का घाटा होगा, लेकिन बढ़ी हुई खपत से इसकी भरपाई होने की संभावना है।
  5. यह सुधार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय सामान पर लगाए गए 50% टैरिफ के असर को भी कुछ हद तक कम कर सकता है। ट्रंप के टैरिफ बढ़ाने से भारत की GDP ग्रोथ में प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
  6. आर्थिक वृद्धि को भी इन बदलावों से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि जीएसटी सुधार और बढ़ते खर्च से अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
  7. हाल ही के आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी 7.8% बढ़ी है, जो पहले के अनुमान 6.5% से काफी ज्यादा है।
  8. एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट बताती है कि जीएसटी सुधार और हाल की आयकर में कटौती से करीब ₹5.31 लाख करोड़ की खपत बढ़ सकती है, जो जीडीपी का लगभग 1.6% है। इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
  9. हालांकि, कुछ विपक्षी दलों वाले राज्यों ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि टैक्स में कमी से उनकी आय में कमी आएगी, इसलिए केंद्र को इस नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।
  10. कुछ राज्यों ने यह भी सुझाव दिया है कि sin और luxury सामानों पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाए, ताकि जो पैसा आए, उसे राज्यों में बांटा जा सके।

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