return to news
  1. तेल कंपनियों को सरकार का बड़ा तोहफा, पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती

बिजनेस न्यूज़

तेल कंपनियों को सरकार का बड़ा तोहफा, पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 27, 2026, 09:36 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

तेल कंपनियों को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ड्यूटी में इस कटौती का फायदा आम जनता को पेट्रोल पंप पर मिलने की उम्मीद कम है। इसका इस्तेमाल तेल कंपनियां अपने घाटे (अंडररिकवरी) को कम करने के लिए करेंगी।

पेट्रोल-डीजल

सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है।

भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते पैदा हुए वैश्विक संकट के बीच, तेल कंपनियों को बड़ी राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती का ऐलान किया गया है। रॉयटर्स की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को काफी हद तक कम कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब तेल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा था।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

ड्यूटी में कटौती का पूरा गणित

सरकार के नए आदेश के बाद पेट्रोल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से सीधे घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, डीजल के मोर्चे पर और भी बड़ी राहत दी गई है। डीजल पर लगने वाली 10 रुपये की ड्यूटी को पूरी तरह खत्म करते हुए इसे जीरो कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल जैसी सरकारी तेल कंपनियों को होगा। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल महंगा होने के बावजूद ये कंपनियां घरेलू बाजार में कीमतें नहीं बढ़ा पा रही थीं, जिससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा था जिसे तकनीकी भाषा में 'अंडररिकवरी' कहा जाता है।

आम जनता को राहत मिलने के आसार कम

भले ही सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में इतनी बड़ी कटौती की है, लेकिन आम आदमी के लिए पेट्रोल पंप पर कीमतें कम होने की संभावना बहुत कम है। जानकारों और रिपोर्टों का कहना है कि इस ड्यूटी कटौती का लाभ ग्राहकों को देने के बजाय तेल कंपनियां अपने घाटे की भरपाई के लिए करेंगी। अगर सरकार यह फैसला नहीं लेती, तो आने वाले दिनों में तेल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता। इस कदम से अब कंपनियां बिना दाम बढ़ाए अपने नुकसान को कम कर सकेंगी, जो कि एक तरह से आम जनता के लिए भविष्य में होने वाली महंगाई से राहत जैसा ही है।

युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों का दबाव

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट को हिला कर रख दिया है। इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100.85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। कच्चे तेल के इतने महंगे होने से तेल कंपनियों का ऑपरेशनल खर्च काफी बढ़ गया है। इस बीच देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पहले ही कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। नायरा एनर्जी ने 26 मार्च को पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। प्राइवेट कंपनी के इस कदम के बाद सरकारी कंपनियों पर भी दाम बढ़ाने का दबाव था, जिसे अब सरकार ने ड्यूटी घटाकर संतुलित करने की कोशिश की है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख