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  1. 12% GST स्लैब हटाने की चर्चा हुई तेज, क्या कुछ हो सकता है महंगा और कौन चीजें हो जाएंगी सस्ती?

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12% GST स्लैब हटाने की चर्चा हुई तेज, क्या कुछ हो सकता है महंगा और कौन चीजें हो जाएंगी सस्ती?

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 05, 2025, 11:02 IST

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सारांश

12% जीएसटी स्लैब हटाने की चर्चा तेज हो गई है, ऐसे में सवाल यह है कि मौजूदा 12% जीएसटी स्लैब वाली चीजें सस्ती होंगी या महंगी? दरअसल 12% स्लैब की चीजों को 5% स्लैब और 18% स्लैब में बांटा जाएगा, जिससे कुछ चीजें सस्ती हो जाएंगी, और कुछ के दाम बढ़ जाएंगे।

GST काउंसिल की अगली बैठक में सरकार चार टैक्स स्लैब को घटाकर तीन टैक्स स्लैब में बांटने का मन बना सकती है

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Goods and Services Tax (GST) यानी कि वस्तु एवं सेवा कर काउंसिल की अगली बैठक में सरकार चार टैक्स स्लैब को घटाकर तीन टैक्स स्लैब में बांटने का मन बना सकती है। दरअसल अभी GST चार टैक्स स्लैब में बंटा है, जिसमें 5%, 12%, 18% और 28% शामिल हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक 12% को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला लिया जा सकता है। अधिकारियों और विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर लगभग आम सहमति बन भी गई है। अगर ऐसा होता है, तो जरूरी चीजें जो 12% स्लैब में आती हैं, उनको 5% स्लैब में शिफ्ट किया जा सकता है और जो गैर-जरूरी सामान हैं, उनको 18% स्लैब में डाला जा सकता है। हालांकि इस फैसले पर आखिरी मुहर GST काउंसिल की बैठक में लग सकती है।

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12% टैक्स स्लैब क्यों हटाने की है चर्चा?

विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि 12% स्लैब का ज्यादा कुछ खास मतलब नहीं है। जीएसटी टैक्स सिस्टम को पहले से सरल बनाने के लिए इस पर चर्चा हो रही है। साथ ही कोशिश यह भी रहेगी कि इसका असर रेवेन्यू पर ना पड़े इसी लिए 12% स्लैब को दो स्लैब में बांटने की बात हो रही है। जरूरी चीजों को 5% स्लैब में जबकि गैर-जरूरी सामानों को 18% स्लैब में डालने की बात कही जा रही है।

जीएसटी काउंसिल की बैठक जून-जुलाई 2025 में हो सकती है और इस पर कोई भी फैसला काउंसिल में ही लिया जाएगा। इस बैठक में केंद्रीय और राज्य वित्त मंत्री भी शामिल रहेंगे। दिसंबर 2024 में पिछली जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई थी।

जीएसटी स्लैब में क्या कुछ आता है?

0% जीएसटी स्लैब में, बिना पैक खाना, जैसे की चावल, सब्जियां आती हैं, इसमें दूध, नमक, एजुकेशन और मेडिकल सर्विसेज भी शामिल हैं।

5% स्लैब में मसाले, केरोसिन जैसी जरूरी चीजें आती हैं।

12% स्लैब में 7,500 रुपये तक के होटल के कमरे, बिजनेस क्लास फ्लाइट टिकट, इसके अलावा पास्ता, जैम, साइकिल, 1,000 रुपये से कम के जूते और संगमरमर जैसे सामान आते हैं।

18% स्लैब में इलेक्ट्रॉनिक्स और रेस्त्रां सर्विसेज आती हैं।

28% स्लैब की बात करें तो इसमें लग्जरी सामान आते हैं।

अब ऐसे में अगर 12% स्लैब खत्म किया जाता है, तो डिटर्जेंट, प्लास्टिक के सामान जैसी चीजें 18% स्लैब में चली जाएंगी और महंगी हो जाएंगी, वहीं जो जरूरी चीजें हैं, वह 5% स्लैब में जाएंगी और सस्ती हो जाएंगी।

12% स्लैब में क्या कुछ आता है?

12% स्लैब में गाढ़ा दूध, मछली के अंडों से तैयार कैवियार और कैवियार के ऑप्शन, 20 लीटर की बोतलों में पैक किया गया पीने का पानी, वॉकी टॉकी, टैंक और अन्य बख्तरबंद लड़ाकू वाहन, कॉन्टैक्ट लेंस, पनीर, खजूर और सूखे मेवे, जमी हुई सब्जियां, सॉसेज और इसी तरह के मांस उत्पाद, पास्ता, जैम और जेली, फलों के रस से बने पेय, भुजिया सहित नमकीन, करी पेस्ट, मेयोनेज, टूथ पाउडर, दूध पिलाने की बोतलें, कालीन, छाते, टोपी, साइकिल, विशिष्ट घरेलू बर्तन, बेंत या लकड़ी से बने फर्नीचर, पेंसिल और क्रेयॉन, जूट या कपास से बने हैंडबैग और शॉपिंग बैग, 1,000 रुपये से कम कीमत वाले जूते, डायग्नोस्टिक किट और संगमरमर और ग्रेनाइट ब्लॉक जैसी चीजें शामिल हैं।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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