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4 min read | अपडेटेड March 12, 2026, 08:12 IST
सारांश
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। ईरान और इराक के समुद्री रास्तों में जारी तनाव ने सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं।

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।
दुनिया भर में एक बार फिर से एनर्जी संकट गहराता नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बहुत बड़ी तेजी आई है। इसका मुख्य कारण खाड़ी के देशों में बढ़ता तनाव और समुद्री रास्तों में तेल ले जाने वाले जहाजों पर हुए हमले हैं। इन खबरों के सामने आते ही ग्लोबल मार्केट में खलबली मच गई है। भारत जैसे देश के लिए यह बहुत बड़ी चिंता की बात है क्योंकि हम अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल दूसरे देशों से खरीदते हैं। अगर कच्चे तेल के दाम इसी तरह बढ़ते रहे, तो आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर इसका बहुत बुरा असर पड़ सकता है।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत में 7.5 पर्सेंट का बड़ा उछाल देखा गया है और यह अब 93.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। वहीं, ब्रेंट क्रूड जो कि दुनिया भर में तेल की कीमतों का मानक माना जाता है, उसमें भी 7.7 पर्सेंट की तेजी आई है और यह 99.03 डॉलर तक जा पहुंचा है। हैरानी की बात यह है कि यह तेजी तब आई है जब इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने अपने सुरक्षित भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में छोड़ने का फैसला लिया था। अमेरिका ने भी घोषणा की थी कि वह अगले हफ्ते से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करेगा ताकि कीमतों को काबू में किया जा सके, लेकिन फिलहाल इन कदमों का कोई खास असर नहीं दिख रहा है।
तेल की कीमतों में इस आग की मुख्य वजह इराक और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। इराक के समुद्री इलाकों में विस्फोटक से लदी ईरानी नावों ने दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। इराकी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि उनके तेल बंदरगाहों पर काम पूरी तरह से ठप हो गया है। जानकारों का कहना है कि ईरान ने यह कदम इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के उस फैसले के विरोध में उठाया है जिसमें तेल की कीमतें कम करने के लिए रिजर्व स्टॉक निकालने की बात कही गई थी। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि दुनिया को 200 डॉलर प्रति बैरल तेल के लिए तैयार रहना चाहिए। फारस की खाड़ी में कई तेल टैंकरों के जलने की खबरें आ रही हैं, जिससे सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है।
ग्लोबल मार्केट में मचे इस हंगामे के बीच भारत के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले ही काफी ज्यादा हैं। ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं, हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा 107.46 रुपये दर्ज की गई है। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और लखनऊ में 94.69 रुपये है। इंदौर में भी पेट्रोल के दाम 106.48 रुपये तक पहुंच गए हैं। राजस्थान के जयपुर में पेट्रोल 104.72 रुपये और बिहार के पटना में 105.58 रुपये लीटर मिल रहा है। इन बढ़ी हुई कीमतों ने आम लोगों का बजट पहले ही बिगाड़ रखा है।
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस भारी तेजी और खाड़ी देशों से आ रही युद्ध की खबरों के बाद भारतीय शहरों के पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि आने वाले एक-दो दिनों में तेल की कीमतें अचानक बहुत ज्यादा बढ़ सकती हैं या फिर तेल की किल्लत हो सकती है। इसी वजह से कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लंबी-लबी लाइनें लग रही हैं और लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने में जुटे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालांकि दावा किया है कि ईरान से युद्ध जीत लिया गया है, लेकिन उनके इस बयान ने बाजार में और ज्यादा अनिश्चितता पैदा कर दी है।
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