return to news
  1. बढ़ती जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच 'OPEC+' ग्रुप का अप्रैल से कच्चा तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला, क्या हैं इसके मायने

बिजनेस न्यूज़

बढ़ती जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच 'OPEC+' ग्रुप का अप्रैल से कच्चा तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला, क्या हैं इसके मायने

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 02, 2026, 12:26 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में जारी हमलों, खासकर फारस की खाड़ी के संकरे प्रवेश मार्ग होर्मुज जलडमरुमध्य से गुजर रहे दो जहाजों पर हमले के कारण तेल निर्यात प्रभावित हो सकता है। इससे ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और तेजी आ सकती है।

कच्चा तेल

ओपेक प्लस ग्रुप का अप्रैल से कच्चा तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला

ईरान पर बड़े सैन्य हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर किए जा रहे जवाबी हमलों के बीच तेल उत्पादक ग्रुप 'ओपेक प्लस' (OPEC+) के आठ सदस्य देशों ने कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की घोषणा की है। इस सैन्य संघर्ष से उपजे तनाव के कारण ग्लोबल लेवल पर तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही है। पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) की रविवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि अप्रैल में कच्चे तेल के उत्पादन में प्रतिदिन 2,06,000 बैरल की बढ़ोतरी की जाएगी। यह फैसला विश्लेषकों के अनुमान से अधिक है। उत्पादन बढ़ाने का फैसला करने वाले देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now
होमुर्ज जलडमरुमध्य को लेकर क्या है अपडेट?

विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में जारी हमलों, खासकर फारस की खाड़ी के संकरे प्रवेश मार्ग होर्मुज जलडमरुमध्य से गुजर रहे दो जहाजों पर हमले के कारण तेल निर्यात प्रभावित हो सकता है। इससे ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। ऊर्जा अनुसंधान कंपनी रिस्टैड एनर्जी ने कहा कि प्रतिदिन लगभग 1.5 करोड़ बैरल यानी ग्लोबल सप्लाई का करीब 20% कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। यह तेल आपूर्ति का दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण ‘चोकपॉइंट’ (रणनीतिक संकरा मार्ग) माना जाता है।

ब्रेंट क्रूड की कीमत में दिख सकती है और तेजी

इस जलडमरुमध्य के उत्तर में ईरान है और इसी रास्ते से सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, यूएई और ईरान का तेल एवं गैस निर्यात होता है। रिस्टैड एनर्जी के विश्लेषकों का अनुमान है कि मौजूदा हालात में अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत में 20 डॉलर प्रति बैरल तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 72.87 डॉलर प्रति बैरल के सात महीने के उच्च स्तर पर बंद हुआ था।

PTI इनपुट के साथ
मार्केट में हलचल?
स्मार्ट टूल्स के साथ आगे बढ़ें
promotion image

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख