return to news
  1. Full Moon June 2025: क्यों खास है आज का फुल मून? कब, कहां, कैसा दिखेगा?

ट्रेंडिंग न्यूज़

Full Moon June 2025: क्यों खास है आज का फुल मून? कब, कहां, कैसा दिखेगा?

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 10, 2025, 11:40 IST

सारांश

Strawberry Full Moon in June: भारत के ज्यादातर शहरों में आज यानी मंगलवार शाम स्ट्रॉबेरी फुल मून देखा जा सकेगा। उत्तरी अमेरिका में फुल मून को स्थानीय मान्यताओं के आधार पर नाम दिए जाते हैं। इस साल सितबंर/अक्टूबर में होने वाले फुल मून को हार्वेस्ट मून और दिसंबर में कोल्ड मून कहा गया है।

21 जून को उत्तरायण के पहले आज नजर आएगा स्ट्रॉबेरी मून। (तस्वीर: Shutterstock)

21 जून को उत्तरायण के पहले आज नजर आएगा स्ट्रॉबेरी मून। (तस्वीर: Shutterstock)

Strawberry Moon in June: जून के महीने में आसमान में एक खूबसूरत नजारा दिखने वाला है। मंगलवार 10 जून को जब चांद खिलेगा तो स्काईवॉचर्स की निगाहें इस पर टिकी रहेंगी। यह फूल मून बेहद खास होने वाला है और इसे नाम दिया गया है स्ट्रॉबेरी मून (Strawberry Moon) जिसे भारत में सूर्यास्त के बाद देखा जा सकेगा। जून के महीने में उत्तरायण (Summer solstice, 21 जून) के करीब आने वाले फुल मून के बारे में यहां आपको बताते हैं खास बातें।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

खास है इस महीने का फूल मून?

मंगलवार शाम को नजर आने वाला चांद ‘माइक्रो-मून’ कहा जा रहा है। दरअसल, इसका आकार छोटा रहने की संभावना है और इसकी चमक भी कम ही रहेगी। दरअसल, इस वक्त चांद की धरती से दूरी काफी ज्यादा है। दिलचस्प बात यह है कि चांद के निकलने के वक्त ऑप्टिकल इल्यूजन के चलते यह आकार में बड़ा नजर आएगा।

क्यों कहा गया है Strawberry Moon?

इसे भले ही नाम दिया गया है Strawberry Moon लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चांद का रंग स्ट्रॉबेरी जैसी होगा या छाया की आकार में कुछ फर्क होगा। साल 1930 से फुल मून के नाम छाप रही Old Farmer’s Almanac के मुताबिक दरअसल, चांद को इस तरह के नाम उत्तरी अमेरिका के आदिवासी कबीलों से आते हैं जिन्होंने स्ट्रॉबेरी के हारवेस्ट सीजन के आधार पर चांद को नाम दिया है।

कैसे देख सकते हैं यह नजारा?

स्ट्रॉबेरी मून का यह नजारा भारत में सूर्यास्त के बाद नजर आ सकता है। यह सबसे साफ और सुंदर तब और उन इलाकों में नजर आएगा जहां आसमान साफ हो और लाइट पल्यूशन बेहद कम हो। भारत के अलावा दुनिया के बाकी इलाकों में, खासकर उत्तरी लैटिट्यूड में 11 जून को सुबह 3:45 am के आसपास नजर आ सकता है।

देश के ज्यादातर शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु में शाम को 7 बजे से देखा जा सकता है। यह स्थानीय सूर्यास्त के समयानुसार यह अलग-अलग रहेगा। अगर आपके पास दूरबीन या टेलिस्कोप है तो इसे नजारे को और भी ज्यादा बारीकी के साथ देखा जा सकेगा जहां चांद के क्रेटर्स साफ नजर आएंगे।

फुल मून के बाद उत्तरायण

इस फूल के बाद 21 जून को उत्तरायण पर उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में दिन सबसे लंबा होगा और इसके बाद धीरे-धीरे छोटा होने लगेगा। यह बदलाव इसलिए आता है क्योंकि धरती अपनी धुरी पर सूरज का चक्कर काटने वाली कक्षा की तुलना में 23.5 डिग्री के ऐंगल से झुकी हुई है।

इसलिए उत्तरी गोलार्ध में इस महीने ज्यादा डायरेक्ट रोशनी आती है। वहीं, इस साल सितबंर/अक्टूबर में होने वाले फुल मून को हार्वेस्ट मून और दिसंबर में कोल्ड मून कहा गया है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख