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4 min read | अपडेटेड February 17, 2026, 09:23 IST
सारांश
आज जयपुर से शुरू होने जा रही 'भारत-विस्तार' योजना किसानों को घर बैठे तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी देगी। कृषि मंत्री के आज के कार्यक्रम में तकनीकी प्रदर्शन से लेकर शैक्षणिक भवनों के उद्घाटन तक शामिल हैं। यह दौरा राजस्थान के किसानों और कृषि छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
आज यानी 17 फरवरी का दिन राजस्थान के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा होने वाला है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज अपने राजस्थान दौरे पर जयपुर पहुंच रहे हैं। उनके इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण 'भारत-विस्तार' (Bharat-VISTAAR) नाम के एक क्रांतिकारी एआई टूल का शुभारंभ है। यह कार्यक्रम अब से कुछ ही देर में शुरू होने वाला है, जो देश के करोड़ों किसानों को तकनीक के साथ जोड़ने का काम करेगा। राजस्थान की धरती से शुरू होने वाली यह पहल न केवल खेती के तरीकों को बदलेगी, बल्कि किसानों को उनकी अपनी भाषा में जानकारी देने के लिए एक डिजिटल सेतु का काम भी करेगी। सरकार की कोशिश है कि इस टूल के जरिए किसानों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिले और वे सीधे अपने फोन से मदद ले सकें।
कृषि मंत्री के दिन की शुरुआत जयपुर स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान (SIAM) से होगी। सुबह ठीक 10:00 बजे वे यहां 'भारत-विस्तार' टूल का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। यह सिस्टम खेती से जुड़ी सभी बड़ी रिसोर्सेस तक पहुंच बनाने का एक वर्चुअल तरीका है। इस दौरान एआई अवतार 'भारती' को भी पेश किया जाएगा, जो किसानों के सवालों का जवाब देगी। इस कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र के कई बड़े एक्सपर्ट और अधिकारी शामिल होंगे। इस टूल को बनाने का मुख्य मकसद यह है कि किसान अपनी समस्याओं का समाधान किसी विशेषज्ञ की तरह तुरंत पा सकें। यह टूल न केवल योजनाओं की जानकारी देगा बल्कि मौसम और फसल सुरक्षा से जुड़े अपडेट भी साझा करेगा।
'भारत-विस्तार' के भव्य लॉन्च के बाद, कृषि मंत्री दोपहर 12:15 बजे इसी संस्थान (SIAM) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे इस नई योजना के भविष्य के फायदों और राजस्थान के किसानों के लिए सरकार के अगले कदमों के बारे में जानकारी देंगे। प्रेस से रूबरू होने के तुरंत बाद, उनका कार्यक्रम फील्ड विजिट का है। दोपहर 12:35 बजे वे श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय (SKNAU), जोबनेर जाएंगे। यहां वे जमीनी स्तर पर कृषि अनुसंधान और वहां चल रही गतिविधियों का जायजा लेंगे। इस विजिट का उद्देश्य यह देखना है कि कैसे नई रिसर्च को सीधे खेतों तक पहुंचाया जा सकता है और छात्रों को इसमें कैसे शामिल किया जा रहा है।
बता दें कि सरकार ने इस टूल को इतना सरल बनाया है कि किसी भी किसान को कोई मुश्किल ऐप चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसान बस अपने फोन से 155261 नंबर पर कॉल करेंगे और 'भारती' उनसे बात करना शुरू कर देगी। फिलहाल यह सुविधा हिंदी और अंग्रेजी में है, लेकिन बहुत जल्द इसे देश की दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं में भी लाया जाएगा। यह पूरी सुविधा 24 घंटे और सातों दिन चालू रहेगी, यानी किसान दिन हो या रात कभी भी अपनी फसल या योजनाओं के बारे में पूछ सकते हैं। इसमें किसी भी तरह की भाषा की बाधा नहीं आएगी क्योंकि यह बहुत ही एडवांस सिस्टम पर आधारित है।
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खूबी इसकी रफ्तार है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अभी दो हफ्ते पहले ही बजट 2026-27 में इसकी घोषणा की थी और सरकार ने इसे इतनी जल्दी धरातल पर उतार दिया। करीब 150 करोड़ रुपये के शुरुआती फंड से तैयार यह सिस्टम 'भाषिणी' जैसी लेटेस्ट एआई तकनीक का इस्तेमाल करता है। इसका मकसद किसानों और आधुनिक खेती के बीच जो दूरी थी उसे पूरी तरह खत्म करना है। इस पूरे प्रोजेक्ट का इंप्लिमेंटेशन बहुत ही शानदार तरीके से किया गया है ताकि किसानों को इसका फायदा तुरंत मिल सके।
अक्सर किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। भारत-विस्तार के पहले फेज में पीएम-किसान, फसल बीमा योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी 10 सबसे अहम योजनाओं को जोड़ा गया है। किसान अब घर बैठे जान पाएंगे कि उनकी किस्त कब आएगी या उन्हें बीमा का पैसा कैसे मिलेगा। इसके अलावा पीएम कृषि सिंचाई योजना और एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी स्कीमों की पात्रता की जानकारी भी 'भारती' तुरंत दे देगी। इससे पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और किसानों का पैसा और समय दोनों बचेगा।
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