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3 min read | अपडेटेड May 26, 2025, 16:42 IST
सारांश
COVID-19 Cases: देश के अलग-अलग राज्यों से कोविड-19 के नए वेरियंट के 1000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। सबसे ज्यादा केस केरल में दर्ज किए हैं जबकि महाराष्ट्र, नई दिल्ली और कर्नाटक में इनमें इजाफा देखा गया है। वहीं, बिहार और झारखंड में भी नए मामले दर्ज हुए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक नया वेरियंट कम तीव्रता का है और इससे बचने के लिए मास्क पहनने, हाथ धोने जैसी आदतों का पालन जरूर करते रहें।

कोविड-19 इन्फेक्शन के ताजा मामले कम तीव्रता के हैं। डॉक्टरों ने मास्क पहनने, हाथ स्वास्थ्य रखने और तबीयत ठीक ना होने पर सफर ना करने की सलाह दी है।
देश में कोविड-19 के ऐक्टिव मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के डेटा के मुताबिक अब तक 1000 से ज्यादा मामले अलग-अलग राज्यों से दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा केरल से हैं जहां अब तक 430 से ज्यादा ऐक्टिव मरीजों की जानकारी है।
वहीं, देश की राजधानी नई दिल्ली में भी संक्रमण के 100 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इनके अलावा महाराष्ट्र में 209, गुजरात में 83, तमिलनाडु में 69 और कर्नाटक में 47 केस दर्ज किए गए हैं। बिहार में भी सोमवार को इस वेव की चपेट में आ गया जहां कोविड-19 का पहला मामले पटना में मिला है।
इस बारे में पटना के सिविल सर्जन अविनाश कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि हाल में पटना के जिस युवक में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई, उसने राज्य से बाहर की यात्रा नहीं की है और उसका संक्रमण का स्तर बहुत हल्का है।
सिंह ने बताया है कि युवक का इलाज एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। मामले की बारीकी से निगरानी की जा रही है और सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर लोगों से सतर्कता बरतने को कहा गया है। जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि पटना के सरकारी अस्पतालों को पहले ही तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इसमें बिस्तर, ऑक्सीजन, दवाइयों और टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल हैं।
इसी तरह झारखंड में भी कोविड-19 की मौजूदा लहर का पहला मामला रविवार को राजधानी रांची में सामने आया था। यहां जिस शख्स में वायरस पाया गया है वह मुंबई से लौटा था। रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कुमार ने बताया कि सोमवार से रांची में जांच अभियान चलाया जाएगा।
इस बीच, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य कोविड-19 के नए स्वरूप को लेकर सतर्क है और सरकार पूरी तरह तैयार है।
एक ओर जहां इस लहर के ज्यादातर मामले कम तीव्रता के बताए जा रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि 19 मई के बाद से सामने आए मामलों में से महाराष्ट्र में 4, केरल में दो और कर्नाटक में एक व्यक्ति की जान चली गई है।
INSACOG (Indian SARS-CoV-2 Genomics Consortium) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोविड-19 के नये उभरते वेरियंट NB.1.8.1 और LF.7 सामने आए हैं। INSACOG के मुताबिक भारत में सबसे आम वेरियंट JN.1 बना हुआ है। इसके बाद BA.2 और ओमिक्रॉन वेरियंट हैं।
इंडियन मेडिकल असोसिएशन जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क (IMA JDN) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान ने कहा कि लोगों को JN.1 स्वरूप से घबराने की जरूरत नहीं है, जो ओमिक्रॉन BA 2.86 में हुए बदलाव से पैदा हुआ है और जो भारत में प्रचलित प्रमुख कोविड-19 स्वरूप है।
डॉ. चौहान का कहना है कि यह कोई जानलेवा स्वरूप नहीं है। उन्होंने कहा है कि हाथ स्वच्छ रखना और अस्पताल या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, लोगों के बीच छींकने में स्वच्छता का पालन करना हमेशा बेहतर होता है। लक्षणों की जांच डॉक्टर से करवाना भी महत्वपूर्ण है।
सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टर अविरल माथुर के मुताबिक रोकथाम सबसे अहम है। उन्होंने लोगों से भीड़भाड़ वाली या बंद जगहों पर मास्क पहनने, हाथ स्वच्छ रखने और अस्वस्थ होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया है।
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