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  1. युद्ध के हालात में क्यों याद आती है 5 फिंगर स्ट्रेटजी? समझिए आम निवेशक अपने पोर्टफोलियो के लिए कैसे कर सकता है फॉलो

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युद्ध के हालात में क्यों याद आती है 5 फिंगर स्ट्रेटजी? समझिए आम निवेशक अपने पोर्टफोलियो के लिए कैसे कर सकता है फॉलो

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड March 16, 2026, 16:25 IST

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सारांश

जब बाजार में अनिश्चितता होती है, तो सारा पैसा एक जगह लगाना खतरनाक हो सकता है। 5 फिंगर स्ट्रेटजी निवेशकों को सिखाती है कि कैसे वे अपने पैसे को पांच अलग-अलग दिशाओं में फैलाकर सुरक्षा और रिटर्न का सही बैलेंस बना सकते हैं।

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मार्केट क्रैश और युद्ध के माहौल में 5 फिंगर स्ट्रेटजी निवेशकों के लिए एक सुरक्षित कवच की तरह काम करती है।

मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव ने शेयर बाजार के निवेशकों की नींद उड़ा दी है। हर तरफ लाल निशान दिख रहे हैं और पोर्टफोलियो की वैल्यू लगातार कम हो रही है। ऐसे मुश्किल समय में मार्केट के पुराने खिलाड़ी '5 फिंगर स्ट्रेटजी' की सलाह देते हैं। जैसे हमारे हाथ की पांच उंगलियां अलग-अलग लंबाई और ताकत की होती हैं लेकिन मिलकर एक मजबूत मुट्ठी बनाती हैं, वैसे ही यह स्ट्रेटजी आपके निवेश को पांच अलग-अलग हिस्सों में बांटकर पोर्टफोलियो को मजबूती देती है। युद्ध के दौरान जब अनिश्चितता बढ़ती है, तब यह फॉर्मूला ही आपको बड़े नुकसान से बचा सकता है और लंबे समय में अच्छा रिटर्न दिलाने में मदद करता है।

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समझिए कैसे काम करती है 5 फिंगर स्ट्रेटजी

इस स्ट्रेटजी की पहली उंगली इक्विटी यानी शेयर बाजार है। युद्ध के हालात में शेयर बाजार सबसे पहले गिरता है, जिससे निवेशक घबराकर अपना पैसा निकालने लगते हैं। लेकिन 5 फिंगर स्ट्रेटजी कहती है कि आपको अच्छी क्वालिटी वाली कंपनियों के शेयरों में बने रहना चाहिए। यह हिस्सा आपके पोर्टफोलियो को भविष्य में ग्रोथ दिलाने का काम करता है। अगर आप लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं, तो बाजार की इस अस्थाई गिरावट से डरने की जरूरत नहीं है। बस यह ध्यान रखना है कि सारा पैसा सिर्फ शेयरों में न लगा हो, ताकि जब मार्केट गिरे तो आपको बड़ा झटका न लगे।

हाथ की दूसरी उंगली डेट फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे सुरक्षित निवेश को दिखाती है। युद्ध के समय जब शेयर बाजार नीचे जाता है, तब डेट मार्केट आपके पोर्टफोलियो को सहारा देता है। इसमें रिस्क बहुत कम होता है और आपको एक तय दर से रिटर्न मिलता रहता है। यह हिस्सा संकट के समय आपकी पूंजी को सुरक्षित रखने का काम करता है। एक समझदार निवेशक हमेशा अपने पोर्टफोलियो का एक हिस्सा डेट में रखता है ताकि बाजार की उथल-पुथल के बीच भी उसके पास एक सुरक्षित इनकम का जरिया बना रहे।

तीसरी उंगली सबसे महत्वपूर्ण है, जो गोल्ड यानी सोने को दिखाती है। युद्ध और गोल्ड का बहुत पुराना रिश्ता है। जब भी दुनिया में कहीं जंग होती है या आर्थिक संकट आता है, तो सोने की कीमतें आसमान छूने लगती हैं। निवेशक इसे सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते हैं। 5 फिंगर स्ट्रेटजी में सोने का होना आपके पोर्टफोलियो के लिए बीमा की तरह है। जब आपके शेयर गिर रहे होंगे, तब सोने की बढ़ती कीमतें उस नुकसान की भरपाई कर देंगी। इसीलिए पोर्टफोलियो में 10 से 15 पर्सेंट सोना होना बहुत जरूरी है।

चौथी उंगली कैश यानी नकदी को दिखाती है। बहुत से निवेशक अपना सारा पैसा मार्केट में लगा देते हैं और हाथ में कुछ नहीं रखते। युद्ध जैसे हालात में बाजार जब बहुत ज्यादा गिर जाता है, तब अच्छे शेयर सस्ते दामों पर मिलने लगते हैं। अगर आपके पास कैश होगा, तभी आप उस गिरावट का फायदा उठाकर अच्छे शेयर कम कीमत पर खरीद पाएंगे। इसे 'अपॉर्च्युनिटी फंड' भी कहा जाता है। इसलिए हमेशा अपने पास कुछ पैसा लिक्विड या कैश में रखें ताकि इमरजेंसी में काम आ सके और मार्केट के मौकों का फायदा उठाया जा सके।

पांचवीं उंगली रियल एस्टेट या अन्य अल्टरनेटिव निवेश को दिखाती है। यह आपके पोर्टफोलियो को एक ठोस आधार देता है। जमीन या प्रॉपर्टी में किया गया निवेश लंबे समय में स्थिरता देता है और इस पर रोज-रोज की खबरों का असर नहीं पड़ता। जब आप इन पांचों उंगलियों यानी इक्विटी, डेट, गोल्ड, कैश और रियल एस्टेट को सही अनुपात में मिलाते हैं, तो एक ऐसा पोर्टफोलियो तैयार होता है जो युद्ध जैसी बड़ी आपदाओं को भी आसानी से झेल सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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