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  1. शुरू करनी है नई SIP ताकि मिले कंपाउंडिंग का फायदा? ये है स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस

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शुरू करनी है नई SIP ताकि मिले कंपाउंडिंग का फायदा? ये है स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड April 13, 2026, 14:55 IST

सारांश

शेयर बाजार की गिरावट को देखकर घबराने के बजाय यह निवेश करने का बेहतरीन समय हो सकता है। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए आप हर महीने एक छोटी रकम निवेश कर लंबे समय में बड़ा फंड बना सकते हैं। यह बाजार के उतार-चढ़ाव में आपके निवेश की औसत लागत को कम करने में मदद करता है।

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मार्केट की गिरावट में एसआईपी शुरू कर उठाएं कंपाउंडिंग का फायदा।

शेयर बाजार में जब गिरावट आती है, तो बहुत से लोग डरकर अपना पैसा निकालने लगते हैं। लेकिन हकीकत में यह समय निवेश शुरू करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। अगर आप एक यंग इन्वेस्टर हैं या अपने पोर्टफोलियो में म्यूचुअल फंड जोड़ना चाहते हैं, तो सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP आपके लिए सबसे प्रैक्टिकल कदम हो सकता है। SIP के जरिए आप हर महीने एक तय रकम अपने पसंदीदा म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करते हैं। यह पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट से कट जाता है, जिससे आपको बार-बार निवेश करने की टेंशन नहीं रहती।

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SIP और लम्पसम में क्या है अंतर?

SIP का मतलब है कि आप बाजार में हर महीने यूनिट्स खरीद रहे हैं। मान लीजिए एक यूनिट की कीमत 10 रुपये है और आप हर महीने 500 रुपये निवेश करते हैं, तो आपको 50 यूनिट्स मिलेंगी। अब अगर बाजार गिरता है और यूनिट की कीमत कम हो जाती है, तो आपको उतने ही पैसों में ज्यादा यूनिट्स मिलेंगी। इसे 'रुपया कॉस्ट एवरेजिंग' कहते हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद यह आपके निवेश की औसत लागत को कम कर देता है। इसके उलट, लम्पसम निवेश में आप एक साथ बड़ी रकम लगा देते हैं। इसमें आपको एवरेजिंग का फायदा नहीं मिलता और अगर निवेश के तुरंत बाद मार्केट गिर जाए, तो आपको बड़ा नुकसान होने का डर रहता है। इसीलिए गिरते बाजार में एसआईपी को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

एसआईपी के बड़े फायदे क्या हैं?

एसआईपी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आप अपनी सुविधा के अनुसार 100 रुपये या 1000 रुपये से भी शुरुआत कर सकते हैं। एक साथ 12,000 रुपये निवेश करने के मुकाबले हर महीने 1000 रुपये बचाना ज्यादा आसान और प्रैक्टिकल है। ऑटो-डेबिट की सुविधा होने के कारण आपको हर महीने निवेश करना याद रखने की जरूरत भी नहीं पड़ती। इसके अलावा जब आप अलग-अलग प्राइस पॉइंट्स पर यूनिट्स खरीदते हैं, तो आपके मुनाफे की संभावना काफी बढ़ जाती है। यह छोटे-छोटे निवेश लंबे समय में कंपाउंडिंग की ताकत से एक बड़ा फंड बन जाते हैं, जो आपके फ्यूचर के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करते हैं।

SIP चालू करने का स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस

सबसे पहले तय करें कि आप किस कंपनी के जरिए निवेश करना चाहते हैं। आप Upstox जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। फिर आपको एक नया अकाउंट बनाना होगा। अगर पहले से आपने अपना डीमैट अकाउंट ओपेन कर रखा है तो आप वहीं से ऐप के म्यूचुअल फंड इंवेस्टमेंट के फीचर का लाभ उठा सकते हैं। फिर जब आप पहली बार SIP करने की कोशिश करेंगे तो आपसे KYC प्रक्रिया पूरी करने को कहा जाएगा। इसके लिए आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की जरूरत होती है।

एक बार जब आपकी KYC कंप्लीट हो जाए फिर आप ऐप या वेबसाइट पर जाकर अपनी पसंद की म्यूचुअल फंड स्कीम चुनें। वहां आपको 'लम्पसम' और 'SIP' के दो विकल्प मिलेंगे, जिसमें से आपको SIP चुनना है। फिर आपको ऑनलाइन बैंक को निर्देश देना होगा कि हर महीने एक निश्चित तारीख को आपके खाते से पैसे कटकर स्कीम में चले जाएं। बैंक इसे एक्टिवेट करने में 7 से 30 दिन का समय ले सकता है। आजकल तो यह और जल्द हो जा रहा है।

अब यह चुनें कि आप हर महीने पैसा लगाना चाहते हैं या हर 15 दिन में। साथ ही यह भी तय करें कि आप कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। म्यूचुअल फंड में कम से कम 6 महीने की एसआईपी की जा सकती है और अधिकतम की कोई सीमा नहीं है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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