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  1. नौकरी के बाद भी हर महीने पैसा चाहिए? SIP + SWP का गेम समझ लीजिए

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नौकरी के बाद भी हर महीने पैसा चाहिए? SIP + SWP का गेम समझ लीजिए

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 05, 2026, 19:08 IST

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सारांश

SWP यानी सिस्टेमैटिक विदड्रॉल प्लान SIP का सही साथी है। जब SIP के जरिए एक अच्छा फंड बन जाता है, तब SWP के जरिए उसी फंड से हर महीने या तय समय पर एक निश्चित रकम निकाली जा सकती है, खासतौर पर रिटायरमेंट के बाद, जब नियमित सैलरी बंद हो जाती है।

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SWP यानी सिस्टेमैटिक विदड्रॉल प्लान SIP का सही साथी है।

SIP यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को आज ज्यादातर लोग एक अच्छी बचत आदत के रूप में जानते हैं। इसमें हर महीने एक तय रकम निवेश की जाती है, जिससे धीरे-धीरे एक बड़ा फंड तैयार होता है। SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह अनुशासन सिखाता है और लंबे समय में घर के लोन, इंश्योरेंस प्रीमियम, मेंटेनेंस जैसे नियमित खर्चों के लिए मजबूत आर्थिक आधार बनाता है।

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लेकिन असली परेशानी अक्सर उन खर्चों से आती है जो पहले से प्लान नहीं होते, जैसे अचानक मेडिकल खर्च, बच्चों की पढ़ाई का बढ़ता खर्च, ट्रैवल या लाइफस्टाइल से जुड़े खर्च। कई बार ये अनप्लान्ड खर्च, महीने के तय खर्चों से भी ज्यादा भारी पड़ जाते हैं। ऐसे समय में सिर्फ पैसा जमा करना काफी नहीं होता, बल्कि जरूरत पड़ने पर उससे सही तरीके से पैसा निकालना भी जरूरी होता है।

SIP के साथ SWP क्यों है जरूरी

SWP यानी सिस्टेमैटिक विदड्रॉल प्लान SIP का सही साथी है। जब SIP के जरिए एक अच्छा फंड बन जाता है, तब SWP के जरिए उसी फंड से हर महीने या तय समय पर एक निश्चित रकम निकाली जा सकती है। खासतौर पर रिटायरमेंट के बाद, जब नियमित सैलरी बंद हो जाती है, तब SWP एक तरह की मासिक इनकम का काम करता है।

क्या है इसका फायदा

SIP और SWP को साथ में इस्तेमाल करने से दो फायदे एक साथ मिलते हैं। एक तरफ निवेश से पैसा बाजार में बना रहता है और बढ़ता रहता है, वहीं दूसरी तरफ जरूरत के हिसाब से नियमित कैश फ्लो भी मिलता रहता है। अगर निकाली जाने वाली रकम, निवेश से मिलने वाले संभावित रिटर्न से कम रखी जाए, तो मूल पूंजी लंबे समय तक सुरक्षित रह सकती है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक SIP और SWP को अलग-अलग फैसले नहीं मानना चाहिए। ये दोनों मिलकर एक लाइफ-स्टेज फाइनेंशियल प्लान बनाते हैं। आमतौर पर नौकरी के सालों में, यानी 25 से 60 की उम्र तक, SIP के जरिए पैसा जमा किया जाता है और रिटायरमेंट के बाद उसी फंड से SWP के जरिए नियमित इनकम ली जाती है।

40 या 50 साल की उम्र में भी शुरू कर सकते हैं निवेश

जो लोग थोड़ी देर से निवेश शुरू करते हैं, उनके लिए भी यह रणनीति काम करती है। अगर कोई 40 या 50 साल की उम्र में भी निवेश शुरू करता है और कम से कम 8–10 साल तक SIP करता है, तो उसके बाद SWP से एक स्थिर इनकम बनाई जा सकती है।

SIP-SWP का इस्तेमाल सिर्फ रिटायरमेंट तक सीमित नहीं है। बच्चों की पढ़ाई, हेल्थकेयर खर्च या लाइफस्टाइल जरूरतों के लिए भी यह एक स्मार्ट तरीका है। कमाने के समय अनुशासित निवेश करके, व्यक्ति यह सुनिश्चित कर सकता है कि उसका पैसा लंबे समय तक काम करता रहे और जरूरत पड़ने पर बिना तनाव के उसे सहारा भी देता रहे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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