पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड June 04, 2026, 15:44 IST
सारांश
पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट यानी आरडी स्कीम मिडिल क्लास परिवारों के लिए बचत का एक सुरक्षित माध्यम है। इस सरकारी योजना में निवेश करने पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है। इसमें खाता खोलने के लिए आधार और पैन कार्ड जैसे जरूरी पेपर्स की आवश्यकता होती है और 3 साल बाद लोन की सुविधा भी मिलती है।

पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में बनेगा पैसा
अगर आप एक पूरी तरह से सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाला निवेश करना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की 5 साल की आरडी स्कीम आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकती है। आज के समय में हर परिवार एक ऐसा निवेश चाहता है जहां उनका पैसा पूरी तरह से सेफ रहे और धीरे-धीरे एक बड़ा फंड भी तैयार हो जाए। भारत सरकार की यह स्मॉल सेविंग स्कीम होने के कारण इसमें मार्केट का कोई रिस्क नहीं होता है और रिटर्न भी पूरी तरह से तय रहता है।
पोस्ट ऑफिस की आरडी यानी रिकरिंग डिपॉजिट एक ऐसी योजना है जिसमें निवेशक को हर महीने एक तय रकम जमा करनी होती है। यह पूरी योजना 5 साल यानी कुल 60 महीनों के लिए होती है। फिलहाल पोस्ट ऑफिस की इस 5 साल वाली आरडी स्कीम पर सरकार की ओर से 6.7 पर्सेंट का सालाना ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिलने वाला ब्याज तिमाही आधार पर यानी क्वाटरली कंपाउंडिंग के रूप में जुड़ता है। यही वजह है कि छोटी-छोटी बचत मिलकर भी आगे चलकर एक बड़ा फंड बन जाती है।
अगर आप इस स्कीम के तहत पूरा कैलकुलेशन समझना चाहते हैं, तो मान लीजिए कि आप हर महीने 8,000 रुपये जमा करते हैं। 5 साल यानी 60 महीनों की इस पूरी अवधि में आपका कुल निवेश 4,80,000 रुपये होगा। सरकार द्वारा तय 6.7 पर्सेंट की सालाना ब्याज दर के हिसाब से आपको इस पर लगभग 90,929 रुपये का अनुमानित ब्याज मिलेगा। इस तरह 5 साल की अवधि पूरी होने पर आपको कुल मैच्योरिटी अमाउंट के रूप में लगभग 5,70,929 रुपये मिलेंगे। इस तरह आप केवल 5 साल में लखपति बन सकते हैं। हालांकि वास्तविक मैच्योरिटी रकम पोस्ट ऑफिस के तिमाही कंपाउंडिंग कैलकुलेशन के आधार पर कुछ सौ रुपये ऊपर-नीचे हो सकती है।
इस सरकारी योजना में निवेश करने के कई बड़े फायदे हैं। चूंकि यह पूरी तरह से सरकार समर्थित योजना है, इसलिए इसमें पैसा डूबने का जोखिम बिल्कुल नहीं होता है। यह उन हाउसवाइफ के लिए एक शानदार विकल्प है जिनकी कोई नियमित आय नहीं है, क्योंकि उनके नाम पर भी एक मजबूत सेविंग फंड तैयार हो जाता है। इसमें शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड की तरह किसी उतार-चढ़ाव का खतरा नहीं रहता है और पूरी तरह फिक्स रिटर्न मिलता है। इसके साथ ही इसमें ऑटो-डिपॉजिट की सुविधा भी मिलती है, जिससे पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट से हर महीने की किस्त अपने आप ऑटो डेबिट हो जाती है।
इस स्कीम में निवेश करने से पहले टैक्स से जुड़ी कुछ जरूरी बातें जान लेना भी आवश्यक है। पोस्ट ऑफिस की इस 5 साल वाली आरडी में जमा की जाने वाली रकम पर सीधे तौर पर सेक्शन 80सी का फायदा नहीं मिलता है, जैसा कि पीपीएफ या एनएससी में दिया जाता है। इसके अलावा मैच्योरिटी पर मिलने वाला ब्याज भी टैक्सेबल हो सकता है, और अगर ब्याज तय सीमा से ज्यादा होता है तो TDS के नियम भी लागू हो सकते हैं। इस योजना में खाता खोलने के लिए पत्नी का आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और पोस्ट ऑफिस का सेविंग अकाउंट होना जरूरी है। अगर सेविंग अकाउंट नहीं है, तो वह भी आरडी के साथ ही आसानी से खुल जाता है।
यह योजना मुख्य रूप से नौकरीपेशा लोगों, मिडिल क्लास परिवारों, नए शादीशुदा जोड़ों, गृहिणियों और बच्चों की पढ़ाई या उनके फ्यूचर के लिए बचत करने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती है। इसमें बीच में पैसा निकालने को लेकर भी कुछ नियम बनाए गए हैं। आरडी अकाउंट खुलने के 3 साल बाद इस पर लोन की सुविधा मिल सकती है। वहीं टाइम से पहले अकाउंट बंद करने पर कुछ शर्तें लागू होती हैं, इसलिए पूरी मैच्योरिटी तक पैसा रखने पर ही अधिकतम फायदा मिलता है। अगर आपका टारगेट बिना रिस्क वाला सुरक्षित निवेश है, तो यह योजना आपके लिए एक भरोसेमंद ऑप्शन है।
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