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4 min read | अपडेटेड March 10, 2026, 07:00 IST
सारांश
PM Kisan Scheme: सभी लाभार्थियों के लिए e-KYC पूरा करना अनिवार्य है। इसके अलावा किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार नंबर उनके बैंक खाते से जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही किसानों के जमीन के रिकॉर्ड सही और सत्यापित होना भी जरूरी है।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 22वीं किस्त कब आएगी?
PM Kisan 22nd Installment: देशभर के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 22वीं किस्त का इंतजार है। इस योजना के तहत किसानों को हर चार महीने में ₹2000 की किस्त मिलती है। यह किस्तें अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती हैं। इस तरह साल में हर किसान को कुल 6000 रुपये दिए जाते हैं। आमतौर पर यह किस्तें अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती हैं।
किसानों को यह किस्त समय पर मिले, इसके लिए कुछ ऐसे काम हैं जिन्हें निपटाना जरूरी है। अगर ये काम पूरे नहीं किए गए तो किसानों को अगली किस्त मिलने में देरी हो सकती है या भुगतान रुक भी सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को तमिलनाडु के कोयंबटूर में इस योजना की 21वीं किस्त जारी की थी। किसान अब 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें उन्हें ₹2,000 मिलेंगे। शेड्यूल के मुताबिक 22वीं किस्त मार्च महीने में जारी हो जानी चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट्स में भी कहा जा रहा है कि इस योजना की 22वीं किस्त मार्च 2026 में जारी हो सकती है। हालांकि सरकार ने अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। बता दें कि आने वाली 13 मार्च को पीएम मोदी असम के कोकराझार में जाने वाले हैं और इस दौरान वे कई सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी दौरान 22वीं किस्त जारी करने की घोषणा हो सकती है।
सबसे पहले किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार नंबर उनके बैंक खाते से जुड़ा हुआ है। सरकार इस योजना की राशि आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजती है। अगर आधार लिंक नहीं है या गलत है तो भुगतान फेल हो सकता है। किसान अपने बैंक ब्रांच जाकर या ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए आधार लिंक कर सकते हैं।
सभी लाभार्थियों के लिए e-KYC पूरा करना अनिवार्य है। अगर किसान e-KYC पूरा नहीं करते हैं तो उन्हें अगली किस्त नहीं मिल सकती। किसान तीन तरीकों से e-KYC कर सकते हैं। पहला तरीका OTP आधारित e-KYC है, जिसमें अगर आधार मोबाइल नंबर से लिंक है तो किसान PM Kisan Portal पर जाकर OTP के जरिए इसे पूरा कर सकते हैं।
दूसरा तरीका बायोमेट्रिक e-KYC है, जिसमें किसान अपने नजदीकी Common Service Centre पर जाकर फिंगरप्रिंट के जरिए सत्यापन कर सकते हैं। तीसरा तरीका फेस ऑथेंटिकेशन का है, जिसमें फेस रिकग्निशन के जरिए पहचान की पुष्टि की जाती है। यह तरीका खास तौर पर बुजुर्ग और दिव्यांग किसानों के लिए उपयोगी है।
किसानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके जमीन के रिकॉर्ड सही और सत्यापित हों। इस योजना के तहत पात्रता खेती योग्य जमीन के स्वामित्व पर आधारित है। अगर जमीन के दस्तावेज अपडेटेड नहीं हैं या राज्य के राजस्व विभाग से सत्यापित नहीं हैं तो किस्त रोकी जा सकती है।
जो किसान अभी तक इस योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए हैं, वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अगर किसानों को योजना से जुड़ी किसी तरह की जानकारी चाहिए या समस्या है, तो वे PM-Kisan हेल्पलाइन नंबर 155261 और 011-24300606 पर संपर्क कर सकते हैं।
इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी तय की गई हैं। लाभार्थी भारत का नागरिक होना चाहिए, उसके पास खेती योग्य जमीन होनी चाहिए और वह छोटा या सीमांत किसान होना चाहिए। इसके अलावा जो लोग हर महीने ₹10,000 या उससे ज्यादा पेंशन पाते हैं, जिन्होंने आयकर रिटर्न भरा है या जो संस्थागत जमीन मालिक हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।
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