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4 min read | अपडेटेड February 24, 2026, 18:22 IST
सारांश
PFRDA ने साफ कहा है कि इन नियमों का मकसद पेंशन फंड्स को यह ताकत देना है कि वे डेटा के आधार पर सही रणनीति बना सकें, योजना का प्रचार कर सकें, ज्यादा लोगों को जोड़ सकें और NPS Vatsalya को लंबे समय तक मजबूत बना सकें।

NPS Vatsalya: निवेश यानी Asset Allocation को लेकर भी PFRDA ने बड़ा बदलाव साफ किया है।
Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) ने NPS Vatsalya योजना से जुड़े पेंशन फंड्स के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों के तहत पेंशन फंड्स को अब सब्सक्राइबर की जानकारी तक सीमित और नियंत्रित पहुंच मिलेगी, साथ ही निवेश को लेकर उन्हें पहले से ज्यादा लचीलापन दिया गया है। यह सर्कुलर 23 फरवरी 2026 को जारी किया गया और इसे सभी पेंशन फंड्स के CEOs, NPS Trust के CEO और बाकी NPS से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को भेजा गया।
सब्सक्राइबर जानकारी साझा करने के बारे में PFRDA ने कहा है कि CRAs (Central Recordkeeping Agencies), NPS Vatsalya से जुड़े जरूरी डेटा पेंशन फंड्स के साथ साझा करेंगे। इसमें सब्सक्राइबर का राज्य/इलाका, महिला-पुरुष अनुपात, योगदान करने का तरीका, और कम्युनिकेशन से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। इसका मकसद यह है कि पेंशन फंड्स योजना को बेहतर तरीके से समझ सकें, सही लोगों तक पहुंच बना सकें और सब्सक्राइबर्स से बेहतर संवाद कर सकें।
हालांकि, यह डेटा शेयरिंग पूरी तरह से सख्त नियमों के तहत होगी। इस जानकारी का इस्तेमाल सिर्फ योजना के मैनेजमेंट, आउटरीच, कम्युनिकेशन और सर्विसिंग के लिए किया जा सकेगा। पेंशन फंड्स को डेटा की गोपनीयता, सुरक्षा और सही इस्तेमाल के नियमों का पालन करना होगा। इसके साथ ही उन्हें Digital Personal Data Protection Act, 2023, Information Technology Act, 2000 और बाकी लागू कानूनों का भी पालन करना जरूरी होगा। PFRDA इस पूरे सिस्टम पर नजर रखेगा, ऑडिट करेगा और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी करेगा।
PFRDA ने साफ कहा है कि इन नियमों का मकसद पेंशन फंड्स को यह ताकत देना है कि वे डेटा के आधार पर सही रणनीति बना सकें, योजना का प्रचार कर सकें, ज्यादा लोगों को जोड़ सकें और NPS Vatsalya को लंबे समय तक मजबूत बना सकें। साथ ही इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, सब्सक्राइबर की सुरक्षा होगी और जरूरत पड़ने पर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे। अगर कोई इंटरमीडियरी या पेंशन फंड इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर रेगुलेटरी कार्रवाई की जाएगी।
निवेश यानी Asset Allocation को लेकर भी PFRDA ने बड़ा बदलाव साफ किया है। NPS Vatsalya Scheme Guidelines, 2025 के पैरा 12 के तहत अब अलग-अलग पेंशन फंड्स अपने निवेश पैटर्न में फर्क रख सकते हैं, बशर्ते वे तय सीमाओं के अंदर रहें। इसका मतलब यह है कि हर पेंशन फंड की निवेश रणनीति और परफॉर्मेंस अलग हो सकती है।
सर्कुलर में कहा गया है कि पेंशन फंड्स चाहें तो PFRDA द्वारा तय किया गया सामान्य एसेट एलोकेशन अपनाएं, जिसमें किसी भी एसेट क्लास में न्यूनतम निवेश की बाध्यता नहीं होगी। या फिर वे अपनी खुद की निवेश रणनीति बना सकते हैं, यहां तक कि MSF जैसी स्कीम के पैटर्न पर भी निवेश कर सकते हैं। खास बात यह है कि पेंशन फंड्स को 100% तक इक्विटी में निवेश करने का विकल्प भी दिया गया है, अगर वे ऐसा करना चाहें।
हालांकि, हर पेंशन फंड को 10 दिसंबर 2025 की NPS Master Circular का पालन करना जरूरी होगा। अगर कोई फंड अपनी खुद की asset allocation रणनीति अपनाता है, तो उसे यह जानकारी खाता खोलते समय सब्सक्राइबर को साफ-साफ बतानी होगी और अपनी वेबसाइट पर भी इसे आसान भाषा में प्रमुखता से दिखाना होगा।
PFRDA ने पेंशन फंड्स को यह भी सलाह दी है कि वे अपने NPS Vatsalya सब्सक्राइबर्स से सीधे बात करें और उन्हें निवेश के तरीके, जोखिम, asset allocation और स्कीम की खूबियों के बारे में ठीक से समझाएं, ताकि लोग सोच-समझकर फैसला ले सकें।
PFRDA ने सभी पेंशन फंड्स से कहा है कि वे NPS Vatsalya Scheme Guidelines, 2025 को जल्द से जल्द लागू करें। यह निर्देश PFRDA Act, 2013 की धारा 14 और 20 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए दिया गया है।
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