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  1. आज से लागू हुआ नया इनकम टैक्स कानून, करते हैं नौकरी तो समझ लें सैलरीड क्लास के लिए क्या अपडेट?

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आज से लागू हुआ नया इनकम टैक्स कानून, करते हैं नौकरी तो समझ लें सैलरीड क्लास के लिए क्या अपडेट?

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 01, 2026, 14:28 IST

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सारांश

नए नियमों के तहत एचआरए (HRA) छूट के लिए चार नए शहरों को जोड़ा गया है। इसके अलावा मील कार्ड्स और गिफ्ट कार्ड्स की लिमिट भी बढ़ाई गई है। हालांकि, जो कर्मचारी ऑफिस की कार का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए टैक्स की रकम बढ़ जाएगी। कॉरपोरेट लोन पर भी अब नई राहत मिलेगी।

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नए इनकम टैक्स नियमों से नौकरीपेशा लोगों की बचत और टैक्स का गणित पूरी तरह बदल जाएगा।

आज यानी 1 अप्रैल से देश में नया इनकम टैक्स एक्ट लागू हो गया है। इसके साथ ही नया फाइनेंशियल ईयर 2026-27 भी शुरू हो गया है। इस नए कानून में नौकरीपेशा लोगों की सैलरी और टैक्स बचाने के तरीके बदल गए हैं। खास तौर पर जो लोग पुराने टैक्स रिजीम में बने हुए हैं, उनके लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। अच्छी बात यह है कि सरकार ने टैक्स की दरों यानी इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन भत्तों और सुविधाओं पर मिलने वाली छूट की सीमा को काफी बढ़ा दिया है। इससे मध्यम वर्ग के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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टैक्स स्लैब में नहीं हुआ कोई बदलाव

बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब को लेकर कोई नया ऐलान नहीं किया गया था। इसका मतलब है कि आप जिस स्लैब के हिसाब से अभी टैक्स दे रहे हैं, वही आगे भी जारी रहेगा। इनकम टैक्स एक्ट 2025 और इनकम टैक्स रूल्स 2026 में भी स्लैब को लेकर कोई नई जानकारी नहीं दी गई है। सारा फोकस उन सुविधाओं और भत्तों पर है जो कंपनियों की तरफ से कर्मचारियों को दिए जाते हैं। यानी टैक्स रेट वही रहेगा, लेकिन आपकी हाथ में आने वाली सैलरी पर असर पड़ सकता है।

बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल पर बड़ी राहत

नए कानून में सबसे बड़ी राहत बच्चों की शिक्षा को लेकर मिली है। अब तक बच्चों के एजुकेशन अलाउंस पर सिर्फ 100 रुपये महीना की छूट मिलती थी, जिसे बढ़ाकर अब 3,000 रुपये प्रति बच्चा कर दिया गया है। इसी तरह हॉस्टल के खर्च पर मिलने वाली छूट को भी 300 रुपये से बढ़ाकर सीधा 9,000 रुपये प्रति बच्चा कर दिया गया है। यह बदलाव उन माता-पिता के लिए बड़ी राहत है जो अपने बच्चों की पढ़ाई पर काफी खर्च करते हैं और पुराने टैक्स रिजीम का हिस्सा हैं।

एचआरए और मील कार्ड्स का नया नियम

पुराने टैक्स रिजीम वालों के लिए हाउस रेंट अलाउंस यानी एचआरए (HRA) के नियमों में भी बड़ा बदलाव हुआ है। अब तक केवल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में रहने वालों को 50 पर्सेंट की छूट मिलती थी। अब इस लिस्ट में बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद को भी शामिल कर लिया गया है। वहीं, ऑफिस की तरफ से मिलने वाले मील कार्ड्स जैसे सोडेक्सो पर अब 50 रुपये की जगह 200 रुपये प्रति मील तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही, सालाना मिलने वाले गिफ्ट कार्ड्स की लिमिट भी बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई है।

कॉरपोरेट लोन और कार पर टैक्स का असर

अगर आपने अपनी कंपनी से लोन लिया है, तो अब 2 लाख रुपये तक का लोन टैक्स फ्री रहेगा। पहले यह लिमिट सिर्फ 20,000 रुपये थी। इसके अलावा मेडिकल इमरजेंसी के लिए लिया गया लोन भी टैक्स फ्री होगा। हालांकि, ऑफिस की कार का इस्तेमाल अब महंगा पड़ने वाला है। 1.6 लीटर तक के इंजन वाली कार के लिए अब 8,000 रुपये महीना और बड़ी कारों के लिए 10,000 रुपये महीना टैक्स लगेगा। अगर आपने ड्राइवर भी रखा है, तो 3,000 रुपये का एक्स्ट्रा टैक्स देना होगा।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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