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  1. ITR फाइलिंग शुरू होने से पहले जानें पिछले साल हुए उन बदलावों की डीटेल्स, जिनका टैक्सपेयर्स उठा सकते हैं फायदा

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ITR फाइलिंग शुरू होने से पहले जानें पिछले साल हुए उन बदलावों की डीटेल्स, जिनका टैक्सपेयर्स उठा सकते हैं फायदा

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 23, 2026, 15:54 IST

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सारांश

अगर आप इस साल अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरने जा रहे हैं, तो टैक्स स्लैब में हुए बदलावों को समझना बहुत जरूरी है। ₹4 लाख तक की बेसिक छूट और सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज पर टीडीएस की बढ़ी हुई सीमा जैसे 10 बड़े बदलावों ने टैक्सपेयर्स का काम काफी आसान कर दिया है।

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इनकम टैक्स के नए नियमों से करोड़ों टैक्सपेयर्स को मिली बड़ी राहत।

पिछले साल सरकार ने बजट में पुराने टैक्स रिजीम में तो कोई बदलाव नहीं किया था, लेकिन नए टैक्स रिजीम को पूरी तरह से बदल दिया था। इन बदलावों का मकसद मिडिल क्लास को राहत देना और टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को आसान बनाना है। सबसे अच्छी बात यह है कि अब 12 लाख रुपये तक कमाने वालों को टैक्स की ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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₹12 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं

नए टैक्स रिजीम के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ₹12 लाख तक की नॉर्मल इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह लिमिट ₹12.75 लाख तक चली जाती है। धारा 87ए के तहत 60,000 रुपये तक की रिबेट मिलने से करोड़ों लोगों को फायदा हुआ है। इससे पहले यह छूट सिर्फ 7 लाख रुपये तक की इनकम पर ही मिलती थी। इसके साथ ही टैक्स स्लैब रेट में भी बदलाव किया गया है। अब ₹4 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जबकि पहले यह सीमा ₹3 लाख थी। इससे सभी टैक्सपेयर्स को ₹1 लाख की एक्स्ट्रा छूट का फायदा मिल रहा है।

सीनियर सिटीजन और मकान मालिकों को मिली बड़ी राहत

बुजुर्गों के लिए सरकार ने बैंक एफडी और सेविंग्स अकाउंट के ब्याज पर टीडीएस की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी है। इससे सीनियर सिटीजन के हाथ में अब ज्यादा रेवेन्यू बचेगा। वहीं छोटे मकान मालिकों के लिए भी खुशखबरी है। रेंटल इनकम पर टैक्स छूट की सीमा ₹2.40 लाख से बढ़ाकर ₹6 लाख सालाना कर दी गई है। यह एक बहुत बड़ा इंप्लिमेंटेशन है जिससे घरों से होने वाली कमाई पर टैक्स का बोझ कम होगा। इसके अलावा, अब आप दो घरों को "सेल्फ-ऑक्यूपाइड" दिखा सकते हैं और उनकी एनुअल वैल्यू जीरो मानी जाएगी। पहले दूसरे घर पर काल्पनिक किराया जोड़कर टैक्स देना पड़ता था।

विदेश पैसे भेजना और आईटीआर सुधारना हुआ आसान

अगर आप विदेश पैसे भेजते हैं, तो अब ₹10 लाख तक के रिमिटेंस पर कोई टीसीएस नहीं कटेगा। पहले यह लिमिट ₹7 लाख थी। सबसे बड़ी राहत उन परिवारों के लिए है जिनके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं, क्योंकि शिक्षा के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर अब टीसीएस नहीं लगेगा। साथ ही, अगर आईटीआर भरने में कोई गलती हो गई है, तो उसे सुधारने के लिए अब 4 साल का समय मिलेगा। पहले यह समय सिर्फ 2 साल का था।

कारोबारियों के लिए भी सरकार ने नियमों को थोड़ा आसान बनाया है। अब अगर टीसीएस की रकम स्टेटमेंट फाइल करने की तारीख तक जमा कर दी जाती है, तो कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी। इससे कारोबारियों पर कानूनी दबाव कम होगा। इसके अलावा, पुराने एनएसएस अकाउंट से पैसा निकालना अब पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया गया है। बच्चों के लिए शुरू की गई एनपीएस वात्सल्य योजना को भी सामान्य एनपीएस जैसा ही ट्रीटमेंट मिलेगा।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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