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  1. शेयर बाजार में निवेशकों का बढ़ा भरोसा, मार्च में ₹40 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश, टॉप पर रहा फ्लेक्सी कैप

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शेयर बाजार में निवेशकों का बढ़ा भरोसा, मार्च में ₹40 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश, टॉप पर रहा फ्लेक्सी कैप

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड April 10, 2026, 12:26 IST

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सारांश

मार्च 2026 में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में जबरदस्त निवेश देखने को मिला है। एम्फी (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, एक्टिव इक्विटी फंड्स में 40,450 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आया है। यह जुलाई 2025 के बाद का सबसे ऊंचा लेवल है।

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मार्च महीने में म्यूचुअल फंड निवेशकों ने जमकर खरीदारी की है।

मार्च का महीना म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी AMFI के ताजा आंकड़ों ने बाजार के जानकारों को हैरान कर दिया है। पिछले महीने एक्टिव इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश का लेवल जुलाई 2025 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। निवेशकों ने इस बार 40,450.26 करोड़ रुपये का नेट निवेश किया है, जो फरवरी के 25,977.81 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है।

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इक्विटी फंड्स में निवेशकों की चांदी

शेयर बाजार में जारी हलचल के बीच निवेशकों का भरोसा इक्विटी फंड्स पर लगातार बना हुआ है। मार्च के आंकड़ों को देखें तो लगभग हर कैटेगरी के इक्विटी फंड्स में पिछले महीने के मुकाबले ज्यादा पैसा आया है। लार्ज कैप फंड्स में मार्च में 2,997.84 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि फरवरी में यह आंकड़ा 2,111.68 करोड़ रुपये था। इसी तरह मिड कैप फंड्स में भी निवेशकों ने दिल खोलकर पैसा लगाया और इसमें 6,063.53 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया। यह पैसा फ्यूचर में बेहतर रिटर्न की उम्मीद में लगाया जा रहा है।

फ्लेक्सी कैप फंड्स ने मारी बाजी

इस बार निवेशकों ने सबसे ज्यादा पैसा फ्लेक्सी कैप कैटेगरी में लगाया है। फ्लेक्सी कैप फंड्स में मार्च में 10,054.12 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि फरवरी में यह केवल 6,924.65 करोड़ रुपये था। यह कैटेगरी निवेशकों को अलग-अलग मार्केट कैप में निवेश की सुविधा देती है, इसलिए यह ज्यादा पसंद की जा रही है। स्मॉल कैप फंड्स की बात करें तो वहां भी 6,263.56 करोड़ रुपये का नेट निवेश आया है। हालांकि सेक्टरल और थीमेटिक फंड्स में मामूली गिरावट रही और इसमें 2,698.82 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।

एसआईपी के निवेश ने बनाया नया इतिहास

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए एसआईपी यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आज भी सबसे पसंदीदा तरीका बना हुआ है। मार्च में एसआईपी के जरिए होने वाला निवेश 32,087 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। फरवरी में यह आंकड़ा 29,845 करोड़ रुपये था। एसआईपी में लगातार हो रही यह बढ़ोतरी दिखाती है कि छोटे निवेशक अब ज्यादा अनुशासित हो गए हैं और वे लंबे समय के लिए पैसा लगा रहे हैं। इससे म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास फंड मैनेजमेंट के लिए पर्याप्त पैसा पहुंच रहा है।

डेट फंड्स और हाइब्रिड स्कीम में भारी निकासी

एक तरफ जहां इक्विटी में पैसा आया, वहीं दूसरी तरफ डेट फंड्स से भारी निकासी देखी गई है। मार्च में डेट फंड्स से करीब 2.94 लाख करोड़ रुपये बाहर निकले हैं। फरवरी में इसमें 42,106.31 करोड़ रुपये का निवेश आया था। साल का आखिरी महीना होने की वजह से कंपनियां और बड़े निवेशक अक्सर टैक्स चुकाने और एडवांस पेमेंट के लिए डेट फंड्स से पैसा निकालते हैं। ओवरनाइट फंड्स से 40,227.90 करोड़ रुपये बाहर निकले हैं। हाइब्रिड स्कीम्स में भी मार्च में 16,538.47 करोड़ रुपये की निकासी हुई है।

नए फंड ऑफर्स और गोल्ड ईटीएफ का प्रदर्शन

मार्च के महीने में कुल 24 नए फंड ऑफर्स यानी एनएफओ लॉन्च किए गए, जिनके जरिए 3,985 करोड़ रुपये जुटाए गए। इनमें से 23 क्लोज एंडेड और एक ओपन एंडेड स्कीम थी। गोल्ड ईटीएफ की बात करें तो इसमें निवेश की रफ्तार थोड़ी कम हुई है। मार्च में गोल्ड ईटीएफ में 2,266 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो फरवरी के 5,254.95 करोड़ रुपये के मुकाबले आधे से भी कम है। ओवरऑल इंडस्ट्री की बात करें तो मार्च में कुल 2.39 लाख करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण डेट फंड्स रहे हैं।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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