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  1. PF से पैसा निकालने की मशक्कत अप्रैल से हो सकती है और भी कम, UPI के जरिए हो जाएगा काम आसान

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PF से पैसा निकालने की मशक्कत अप्रैल से हो सकती है और भी कम, UPI के जरिए हो जाएगा काम आसान

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3 min read | अपडेटेड January 17, 2026, 18:54 IST

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सारांश

ईपीएफओ का उद्देश्य इस सुधार से सदस्यों के लिए आसान, तेज और सुरक्षित ईपीएफ निकासी को सुनिश्चित करना है। यह पहल लगभग आठ करोड़ अंशधारकों के लिए लाभकारी होगी और ईपीएफओ के संचालन बोझ को भी कम करेगी।

EPFO

अप्रैल से यूपीआई के जरिये भविष्य निधि से पैसे निकाल सकेंगे कर्मचारीः रिपोर्ट

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees' Provident Fund Organisation, EPFO) के अंशधारक इस साल अप्रैल तक यूपीआई के जरिए अपने प्रोविडेंट फंड (PF) से ट्रांजैक्शन कर सकेंगे और वह राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट्स में पहुंच जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि इस योजना में सदस्यों का कुछ हिस्सा न्यूनतम राशि के रूप में सुरक्षित रहेगा, जबकि बची हुई राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जा सकेगी। ईपीएफओ सदस्य अपनी कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से अपने यूपीआई पिन का इस्तेमाल कर सुरक्षित ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। अमाउंट बैंक अकाउंट में आने के बाद इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट, एटीएम या डेबिट कार्ड से इस्तेमाल की जा सकेगी। सूत्रों के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) इस सिस्टम के सुचारू कार्यान्वयन के लिए सॉफ्टवेयर संबंधी खामियों को दूर करने की कोशिश कर रहा है।

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फिलहाल ईपीएफओ सदस्यों को भविष्य निधि से निकासी के लिए आवेदन करना पड़ता है, जो समय लेने वाला प्रोसेस है। ऑटोमेटेड निपटान प्रोसेस के तहत आवेदन देने के तीन दिन के अंदर अमाउंट अकाउंट में आता है। इस तरीके से विड्रॉल की लिमिट पहले 1 लाख रुपये थी लेकिन उसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे सदस्य बीमारी, शिक्षा, विवाह और घर खरीद जैसी जरूरतों के लिए तीन दिन के अंदर ही वित्तीय सहायता पा सकेंगे।

कोविड-19 महामारी के समय ईपीएफओ को लेकर हुए थे बड़े बदलाव

ईपीएफओ ने कोविड-19 महामारी के दौरान वित्तीय संकट से जूझ रहे लोगों को क्विक सहायता प्रदान करने के लिए अग्रिम दावों के ऑनलाइन स्व-निपटान की शुरुआत की थी। हालांकि, ईपीएफ से निकासी के लिए सभी अंशधारकों को क्लेम दर्ज करना पड़ता है। इस समय लेने वाले प्रोसेस से बचने और ईपीएफओ पर बोझ कम करने के लिए नया सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। इसका कारण हर साल पांच करोड़ से अधिक क्लेम निपटाए जाते हैं। इनमें से ज्यादातर ईपीएफ विड्रॉल के लिए होते हैं। सूत्रों ने बताया कि ईपीएफओ अपने सदस्यों को सीधे ईपीएफ अकाउंट से पैसे निकालने की अनुमति नहीं दे सकता क्योंकि उसके पास कोई बैंकिंग लाइसेंस नहीं है।

अक्टूबर 2025 में किए गए कौन-कौन से बदलाव?

हालांकि, सूत्रों ने कहा कि सरकार ईपीएफओ की सेवाओं को बैंकों जैसा बेहतर बनाना चाहती है। अक्टूबर, 2025 में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल ने ईपीएफ से आंशिक निकासी के प्रावधानों को सरल और लचीला बनाने को मंजूरी दी थी। इसमें 13 जटिल प्रावधानों को तीन श्रेणियों- आवश्यक जरूरतों (बीमारी, शिक्षा एवं शादी), आवासीय जरूरतों और विशेष परिस्थितियों में समाहित कर दिया गया है। अब सदस्य अपनी भविष्य निधि से निकासी के लिए पात्र राशि का 100% तक निकाल सकेंगे, जबकि 25% न्यूनतम राशि सुरक्षित रहेगी ताकि अंशधारक को उच्च ब्याज दर (वर्तमान में 8.25 प्रतिशत) और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलना जारी रहे।

ईपीएफओ का उद्देश्य इस सुधार से सदस्यों के लिए आसान, तेज और सुरक्षित ईपीएफ निकासी को सुनिश्चित करना है। यह पहल लगभग आठ करोड़ अंशधारकों के लिए लाभकारी होगी और ईपीएफओ के संचालन बोझ को भी कम करेगी। सरकार को उम्मीद है कि किसी डॉक्यूमेंट की जरूरत के बगैर और ऑटोमेटेड-निपटान वाली यह योजना कर्मचारियों के जीवन को सरल बनाएगी और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगी।

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