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  1. गांव-गांव बैंकिंग सेवा, रुपे किसान क्रेडिट कार्ड से जीरो ब्याज लोन, देशभर में लागू करने की तैयारी

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गांव-गांव बैंकिंग सेवा, रुपे किसान क्रेडिट कार्ड से जीरो ब्याज लोन, देशभर में लागू करने की तैयारी

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 18, 2026, 19:05 IST

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सारांश

इस योजना की सफलता को देखते हुए इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी की गई है। इसके लिए 19 सितंबर 2024 को एक तय प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की गई, ताकि देशभर में इसी तरह इसे लागू किया जा सके। यह जानकारी Amit Shah ने राज्यसभा में लिखित जवाब में दी।

Cooperation among Cooperatives

Cooperation among Cooperatives योजना 15 जनवरी 2024 से पूरे गुजरात में लागू है।

गांवों में रहने वाले लोगों तक बैंकिंग और वित्तीय सुविधाएं आसानी से पहुंचाने के लिए सरकार एक योजना पर काम कर रही है। इस योजना का नाम Cooperation among Cooperatives है। यह योजना अभी गुजरात में लागू है और सरकार इसे आगे पूरे देश में लागू करने की योजना बना रही है।

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बता दें कि इस योजना की शुरुआत 21 मई 2023 को गुजरात के बनासकांठा और पंचमहल जिलों में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी। इसके सफल होने के बाद 15 जनवरी 2024 से इसे पूरे गुजरात में लागू कर दिया गया।

पूरे देश में लागू करने की योजना

इस योजना की सफलता को देखते हुए इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी की गई है। इसके लिए 19 सितंबर 2024 को एक तय प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की गई, ताकि देशभर में इसी तरह इसे लागू किया जा सके। यह जानकारी Amit Shah ने राज्यसभा में लिखित जवाब में दी।

क्या हैं इस योजना के फायदे

इसके तहत दुग्ध सहकारी समितियों और अन्य सहकारी संस्थाओं को माइक्रो एटीएम दिए गए हैं, ताकि लोग अपने गांव में ही पैसे निकाल सकें और बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले सकें। इससे काम आसान हुआ है, पारदर्शिता बढ़ी है और ज्यादा लोगों को वित्तीय प्रणाली से जोड़ा गया है।

इसके साथ ही, किसानों और सदस्यों को रुपे किसान क्रेडिट कार्ड भी दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें कम या शून्य ब्याज पर लोन मिल सके। योजना का एक और मकसद यह है कि सभी सहकारी संस्थाओं को जिला और राज्य स्तर के सहकारी बैंकों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें ज्यादा बैंकिंग सुविधाएं मिल सकें।

गुजरात में अभी योजना का क्या है हाल

अब तक इस योजना के तहत गुजरात में 33 लाख से ज्यादा बैंक खाते खोले जा चुके हैं। 10 हजार से ज्यादा बैंक मित्र बनाए गए हैं और उन्हें 10 हजार से ज्यादा माइक्रो एटीएम दिए गए हैं। इसके अलावा करीब 6.5 लाख रुपे किसान क्रेडिट कार्ड और लगभग 9.5 लाख पशुपालन से जुड़े किसान क्रेडिट कार्ड बांटे गए हैं।

इस योजना से किसानों, दूध उत्पादकों, कारीगरों और छोटे कारोबार करने वालों को बहुत फायदा हुआ है। अब वे गांव में ही बैंकिंग सेवाएं ले पा रहे हैं और डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। इससे गांवों में पैसों का प्रवाह बढ़ा है और स्थानीय कामकाज को भी मदद मिली है।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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