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  1. Gold jewellery: बैंक लॉकर से सोने की ज्वेलरी गायब हो गई? जानिए बैंक अधिकतम कितना मुआवजा दे सकते हैं?

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Gold jewellery: बैंक लॉकर से सोने की ज्वेलरी गायब हो गई? जानिए बैंक अधिकतम कितना मुआवजा दे सकते हैं?

Upstox

3 min read | अपडेटेड February 24, 2026, 21:01 IST

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सारांश

Reserve Bank of India (RBI) के मुताबिक बैंक यह नहीं कह सकते कि लॉकर में रखे सामान की कोई जिम्मेदारी उनकी नहीं है। अगर लॉकर में रखा सामान आग, चोरी, डकैती, इमारत गिरने या बैंक कर्मचारियों की धोखाधड़ी की वजह से गायब होता है, तो बैंक को मुआवजा देना होगा। लेकिन यह मुआवजा लॉकर के सालाना किराए के 100 गुना तक ही सीमित होगा।

Gold jewellery

Gold jewellery: अगर आपके पास महंगे गहने या ज्यादा कीमत का सोना है, तो सिर्फ लॉकर पर निर्भर न रहें।

Gold jewellery: बैंक लॉकर का इस्तेमाल लोग अपने कीमती सामान जैसे सोना, गहने, जरूरी कागजात सुरक्षित रखने के लिए करते हैं। बैंक डबल-की सिस्टम, CCTV और सीमित एंट्री जैसे इंतजाम करते हैं, ताकि चोरी या नुकसान का खतरा कम रहे। लेकिन सवाल यह है कि अगर लॉकर से सोने के गहने गायब हो जाएं, तो जिम्मेदारी किसकी होगी और बैंक कितना मुआवजा देगा?
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RBI के नियम क्या कहते हैं?

Reserve Bank of India (RBI) के मुताबिक बैंक यह नहीं कह सकते कि लॉकर में रखे सामान की कोई जिम्मेदारी उनकी नहीं है। अगर लॉकर में रखा सामान आग, चोरी, डकैती, इमारत गिरने या बैंक कर्मचारियों की धोखाधड़ी की वजह से गायब होता है, तो बैंक को मुआवजा देना होगा। लेकिन यह मुआवजा लॉकर के सालाना किराए के 100 गुना तक ही सीमित होगा।

मुआवजे की अधिकतम सीमा कितनी है?

मान लीजिए आपके लॉकर का सालाना किराया ₹7000 है। ऐसे में बैंक की अधिकतम जिम्मेदारी होगी: ₹7,000 × 100 = ₹7 लाख। भले ही लॉकर में रखे गहनों की कीमत करोड़ों में क्यों न हो, बैंक इससे ज्यादा भुगतान नहीं करेगा।

अगर नुकसान प्राकृतिक आपदा से हुआ हो तो?

RBI साफ कहता है कि भूकंप, बाढ़, बिजली गिरना, तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं में हुए नुकसान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होंगे। अगर नुकसान ग्राहक की लापरवाही से हुआ है, तब भी बैंक पर कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। हालांकि, बैंक को अपने लॉकर सिस्टम और परिसर की सुरक्षा के लिए उचित सावधानी बरतनी होती है।

दिल्ली में लॉकर से गहने गायब होने का मामला

दिल्ली के Kirti Nagar इलाके में एक महिला ने आरोप लगाया कि Punjab National Bank की शाखा के लॉकर से उसके सोने के गहने गायब हो गए। लॉकर महिला और उसकी सास (जॉइंट होल्डर) ने बैंक कर्मचारियों की मौजूदगी में खोला था, फिर भी गहने नहीं मिले।

इस मामले की जानकारी Press Trust of India (PTI) ने दी। पुलिस केस दर्ज हो चुका है और जांच चल रही है। RBI नियमों के अनुसार, लॉकर ड्यूल-की सिस्टम से खुलता है, यानी ग्राहक की चाबी और बैंक की मास्टर की दोनों जरूरी होती हैं।

क्या बैंक लॉकर पूरी तरह सुरक्षित हैं?

बैंक लॉकर सुरक्षा तो देते हैं, लेकिन 100% गारंटी नहीं। बैंक सिर्फ जगह और बेसिक सुरक्षा देता है, और कानूनी तौर पर उसकी जिम्मेदारी सीमित होती है।

तो ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

अगर आपके पास महंगे गहने या ज्यादा कीमत का सोना है, तो सिर्फ लॉकर पर निर्भर न रहें। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि ऐसे कीमती सामान के लिए अलग से इंश्योरेंस जरूर लें। क्योंकि लॉकर का किराया जितना कम होगा, बैंक से मिलने वाला मुआवजा भी उतना ही कम होगा। बैंक लॉकर सुरक्षित हैं, लेकिन नुकसान होने पर बैंक की भरपाई सीमित है। इसलिए अपनी कीमती ज्वेलरी के लिए इंश्योरेंस लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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