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  1. 1 अप्रैल से बदल जाएंगे इनकम टैक्स से जुड़े नियम, पुराने मामलों का कैसे होगा निपटारा? यहां समझें डीटेल में

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1 अप्रैल से बदल जाएंगे इनकम टैक्स से जुड़े नियम, पुराने मामलों का कैसे होगा निपटारा? यहां समझें डीटेल में

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 24, 2026, 11:56 IST

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सारांश

इनकम टैक्स अधिनियम, 2025, में आकलन वर्ष और पिछले साल के बीच के अंतर को खत्म कर कर टाइमलाइन को सरल बना गया है और इसे एक ही ‘टैक्स ईयर’ रूपरेखा से रिप्लेस किया गया है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट

पिछले सालों से जुड़े सभी आकलन, अपील पुराने अधिनियम के तहत होगी संचालित: आयकर विभाग

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सोमवार को कहा कि उसका ई-फाइलिंग पोर्टल पुराने और नए इनकम टैक्स अधिनियमों के अनुपालन में सुविधा देगा। साथ ही पिछले सालों से जुड़े सभी आकलन, अपील और अन्य कार्यवाही उनके अंतिम निपटान तक पुराने अधिनियम के तहत ही संचालित होंगी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नए इनकम टैक्स अधिनियम, 2025 के लागू होने से कुछ दिन पहले FAQs जारी करते हुए कहा कि जो टैक्सपेयर जुलाई, 2026 में आकलन वर्ष (Assessment Year) 2026-27 के लिए रिटर्न दर्ज कर रहे हैं, वे पुराने अधिनियम के तहत निर्धारित प्रपत्रों का उपयोग करेंगे। साथ ही, टैक्स ईयर 2026-27 के लिए जून, 2026 से शुरू होने वाले एडवास टैक्स भुगतान नए अधिनियम के अनुसार किए जाएंगे।

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कब से प्रभावी होगा नया इनकम टैक्स अधिनियम?

नया इनकम टैक्स अधिनियम, 2025 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। यह छह दशक पुराने कानून का स्थान लेगा। यह कानून कर नियमों को सरल बनाता है, कानूनी विवाद को कम करता है, एक ही टैक्स ईयर सिस्टम लागू करता है और रिटर्न फॉर्म को नया रूप देकर अनुपालन को आसान बनाता है। FAQs में कहा गया है कि 1 अप्रैल, 2026 से 1961 का अधिनियम निरस्त हो जाएगा। हालांकि, इसके प्रावधान 1 अप्रैल, 2026 से पहले के सभी टैक्स ईयर्स पर लागू रहेंगे।

पुराने मामलों का कैसे होगा निपटारा?

इसमें कहा गया, ‘इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का ई-फाइलिंग पोर्टल पुराने और नए दोनों अधिनियमों के तहत एक साथ अनुपालन की सुविधा देगा। पिछले सालों से संबंधित सभी आकलन, अपील और अन्य कार्यवाही उनके अंतिम निर्णय तक पुराने अधिनियम के तहत ही संचालित होंगी।’ FAQ के मुताबिक, सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय लागू कर रही है कि इनकम टैक्स पोर्टल पर दोनों विधायी रूपरेखा सुचारु रूप से और एक साथ काम करें। इनकम टैक्स अधिनियम, 2025, में आकलन वर्ष और पिछले साल के बीच के अंतर को खत्म कर कर टाइमलाइन को सरल बना गया है और इसे एक ही ‘टैक्स ईयर’ रूपरेखा से रिप्लेस किया गया है। यह टैक्सपेयर्स को बिना किसी जुर्माने के, समयसीमा के बाद भी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने पर भी टीडीएस वापसी का दावा करने की अनुमति देता है।

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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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