return to news
  1. Zydus Wellness Q3 Results: विज्ञापन में उड़ाए पैसे तो प्रॉफिट हुआ गायब, ₹40 करोड़ का नेट लॉस

मार्केट न्यूज़

Zydus Wellness Q3 Results: विज्ञापन में उड़ाए पैसे तो प्रॉफिट हुआ गायब, ₹40 करोड़ का नेट लॉस

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड February 03, 2026, 13:40 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

जायडस वेलनेस लिमिटेड ने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस बार 40 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी मुनाफे में थी। हालांकि, कंपनी की कुल कमाई और कामकाजी मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है।

zydus-wellness-q3-results-loss

Zydus Wellness के तिमाही के नतीजे में घटी कमाई

कंज्यूमर वेलनेस सेक्टर की जानी-मानी कंपनी जायडस वेलनेस लिमिटेड ने 3 फरवरी को अपनी दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। इन नतीजों ने बाजार को चौंका दिया है क्योंकि कंपनी मुनाफे से घाटे में आ गई है। कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, उसे इस तिमाही में 40 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ है। यह आंकड़ा इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 6.4 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया था। नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने बिगाड़ा गणित

कंपनी के घाटे में जाने की सबसे बड़ी वजह उसका बढ़ता हुआ खर्च है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के कुल खर्चों में लगभग दोगुना उछाल आया है। पिछले साल जहां कंपनी का कुल खर्च 455 करोड़ रुपये था, वहीं इस साल यह बढ़कर 1,000 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा विज्ञापन और प्रमोशन का है। कंपनी ने अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर पिछले साल के मुकाबले तीन गुना ज्यादा पैसा खर्च किया है। इसके अलावा अन्य खर्चों में भी तीन गुना की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, नए लेबर कोड (श्रम कानून) के चलते कंपनी को 6.6 करोड़ रुपये का एकमुश्त नुकसान भी उठाना पड़ा है, जिसका असर बैलेंस शीट पर साफ दिख रहा है।

कमाई और कामकाजी मुनाफे में उछाल

भले ही कंपनी को घाटा हुआ हो, लेकिन ऑपरेशनल मोर्चे पर उसने अच्छा प्रदर्शन किया है। अन्य पैरामीटर्स पर कंपनी की स्थिति पिछले साल से बेहतर नजर आ रही है। जायडस वेलनेस का रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही के 462 करोड़ रुपये से बढ़कर 965 करोड़ रुपये हो गया है। यह कंपनी की बिक्री में मजबूत पकड़ को दर्शाता है। इसके साथ ही, कंपनी का EBITDA चार गुना बढ़कर 61 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल महज 15 करोड़ रुपये था।

मार्जिन में सुधार और मार्केट शेयर में दबदबा

कंपनी के कामकाजी मुनाफे के मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला है। इस तिमाही में एबिटा मार्जिन 300 बेसिस प्वाइंट से ज्यादा बढ़कर 6.3 फीसदी हो गया है, जो पिछले साल 3.2 फीसदी था। अपने उत्पादों की बाजार में स्थिति को लेकर कंपनी ने बताया कि 'शुगर फ्री' (Sugar Free) कैटेगरी में उसका दबदबा कायम है। शुगर सब्स्टिट्यूट कैटेगरी में कंपनी का मार्केट शेयर 96.3 फीसदी हो गया है। इसमें पिछले साल के मुकाबले 80 आधार अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह बताता है कि लोग इसके उत्पादों पर भरोसा कर रहे हैं।

शेयर बाजार में निवेशकों की मायूसी

नतीजों में घाटा दिखने का असर कंपनी के शेयर प्राइस पर तुरंत देखने को मिला। नतीजों के ऐलान के बाद जायडस वेलनेस के शेयर 3.5 फीसदी की गिरावट के साथ 419.1 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो पिछले 12 महीनों में इस स्टॉक ने निवेशकों को 13 फीसदी का रिटर्न दिया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख