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Stock Market: सप्ताह के पहले दिन बाजार धड़ाम, इन 6 वजहों ने किया मूड खराब

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड January 19, 2026, 13:41 IST

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सारांश

Stock Market: दुनियाभर के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की इजाजत नहीं मिली तो वह यूरोप के 8 देशों पर भारी टैरिफ लगाएंगे।

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Stock Market: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों को टैरिफ लगाने की धमकी दी है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 19 जनवरी को बिकवाली का दबाव दिख रहा है। आज के कारोबार BSE Sensex में 456.74 अंकों की गिरावट है और यह 83,101.86 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 154.75 अंक लुढ़ककर 25535.20 के स्तर पर आ गया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों को टैरिफ लगाने की धमकी दी है। इसके अलावा कमजोर तिमाही नतीजों ने भी मार्केट का सेंटीमेंट खराब किया है। इन वजहों से आज शेयर बाजार में गिरावट नजर आ रही है।
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टैरिफ टेंशन

दुनियाभर के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की इजाजत नहीं मिली तो वह यूरोप के 8 देशों पर भारी टैरिफ लगाएंगे। इन देशों में डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, फिनलैंड और ब्रिटेन शामिल हैं।

ट्रंप ने कहा है कि 1 फरवरी से इन देशों के सामान पर 10% अतिरिक्त टैक्स लगेगा और अगर समझौता नहीं हुआ तो 1 जून से यह टैक्स 25% तक बढ़ सकता है। इससे ट्रेड वॉर का डर बढ़ गया है, जिसका असर दुनियाभर के बाजारों पर पड़ा है।

ग्लोबल मार्केट पर दबाव

यूरोप के शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली। EUROSTOXX 50 और जर्मनी का DAX फ्यूचर करीब 1.1% टूट गया। जापान का Nikkei भी 1% गिर गया क्योंकि निवेशक रिस्क लेने से बच रहे हैं। अमेरिका में सोमवार को Martin Luther King Jr. Day की वजह से बाजार बंद थे, लेकिन US stock futures एशियाई बाजारों में 0.7% नीचे ट्रेड कर रहे थे, जो कमजोरी का संकेत है।

फेड चेयर को लेकर अनिश्चितता

बाजार की धारणा पर एक और असर तब पड़ा जब ट्रंप ने कहा कि केविन हैसेट अगला US Fed Chair नहीं बन सकते हैं और वह अपने मौजूदा पद पर ही बने रह सकते हैं। हैसेट को ब्याज दरों में कटौती का समर्थक माना जाता है। उनके फेड चेयर न बनने की संभावना से यह उम्मीद कमजोर हुई कि 2026 में तेजी से ब्याज दरें घटेंगी। इससे भी ग्लोबल बाजारों में थोड़ी निराशा फैली।

ICICI Bank पर दबाव

Q3 नतीजों के बाद ICICI Bank के शेयरों में भी करीब 3% की गिरावट आई। रिपोर्ट के मुताबिक बैंक ने खराब कर्ज के लिए ज्यादा प्रोविजन किए, जिसकी वजह से उसके नतीजे बाजार की उम्मीद से थोड़े कमजोर रहे। इसी कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

लगातार FII की बिकवाली

भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है। शुक्रवार को FIIs ने लगातार 9वें दिन बिकवाली करते हुए करीब 4,346 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। 16 जनवरी तक जनवरी महीने में कुल FII बिकवाली 22,529 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस महीने सिर्फ एक ही दिन FIIs ने खरीदारी की है।

डॉ. विजयकुमार ने कहा कि 2026 की शुरुआत में भी भारत का प्रदर्शन दूसरे बड़े बाजारों के मुकाबले कमजोर बना हुआ है। लगातार विदेशी बिकवाली की वजह से बाजार में रिकवरी की रफ्तार धीमी है।

कमजोर Q3 नतीजों का असर

दिसंबर तिमाही यानी Q3 के कमजोर नतीजों ने भी बाजार की भावना को नुकसान पहुंचाया। IT सेक्टर करीब 1% गिरा, जिसमें Wipro सबसे बड़ा कारण रहा। Wipro के शेयर करीब 7.2% टूट गए, क्योंकि कंपनी ने मार्च तिमाही के लिए उम्मीद से कमजोर रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया। दिसंबर तिमाही में कंपनी की डील बुकिंग भी पिछले 6 तिमाहियों के सबसे निचले स्तर पर रही।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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